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देखें तस्वीरें: ‘आउटलुक संवाद' के जरिए उठे अहम मुद्दे, हुई खूब सराहना
<p style="text-align: justify;"><strong>समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।</strong></p> <p style="text-align: justify;">राजधानी दिल्ली में रविवार को हिंदी पत्रिका ‘आउटलुक’ की तरफ से 'लाल गलियारे में विकास' विषय पर संवाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया।</p> <p style="text-align: justify;">'इंडिया हैबिटैट सेंटर' में आयोजित संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
राजधानी दिल्ली में रविवार को हिंदी पत्रिका ‘आउटलुक’ की तरफ से 'लाल गलियारे में विकास' विषय पर संवाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
'इंडिया हैबिटैट सेंटर' में आयोजित संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, झारखंड के मंत्री सरयू राय, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लंबे अरसे तक बतौर पुलिस अधिकारी अपनी सेवा दे चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी विभूति नारायण राय, झारखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक और वर्तमान में भाजपा सासंद विष्णु दयाल राम, मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मनीष शंकर, छत्तीसगढ़ के महानिदेशक (नक्सल अभियान) दुर्गेशमाधव अवस्थी ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में भाग ले रहे अतिथियों ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों के लोगों को शिक्षा और विकास देकर ही इस समस्या को खत्म किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का बहुत जल्द सफाया हो जाएगा क्योंकि उनके नेतृत्व में सरकार राज्य में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क, रेल और अन्य प्रकार के संपर्क बनाने में पूरी ताकत से जुटी है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने बस्तर के दुर्गम से दुर्गम इलाकों में जनवितरण प्रणाली के तहत एक रुपए किलो की दर से चावल और मुफ्त में नमक की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी है, जिससे नक्सल प्रभावित इलाके के लोगों में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि वह वादा करते हैं कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के हर राज्य से लाल गलियारा यानी नक्सल प्रभावित इलाका समाप्त हो जाएगा और सिर्फ हरा गलियारा रह जाएगा। रमन सिंह ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है बस्तर के खूबसूरत जंगलों में आम लोग निर्विघ्न होकर पर्यटन के लिए आएं और प्रकृति का आनंद लें। ऐसा होने पर यह लाल गलियारा नहीं बल्कि हरा गलियारा होगा जो कि शांति का गलियारा होगा।
इससे पहले आउटलुक संवाद की शुरुआत केंद्रीय कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी के संबोधन से हुई जिन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के युवाओं के बीच कौशल प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था की यह बड़ी खामी रही है कि यहां नियमित शिक्षा के साथ अनिवार्य कौशल का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों के बीच स्कूली शिक्षा के साथ सामान्य प्रशिक्षण मसलन, ड्राइविंग, ब्यूटिशियन, पेंटिंग, प्लंबिंग आदि को अनिवार्य कर दिया जाता तो देश के पास एक व्यापक प्रशिक्षित वर्क फोर्स होता। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में प्रोफेसर और इकनॉमिक्स, प्रोफेसर ऑफ फिजिक्स आदि होते हैं मगर प्रोफेसर ऑफ प्लंबिंग नहीं होता। ऐसा क्यो? रूडी ने कहा कि दरअसल देश में शिक्षा और कौशल नहीं डिग्री को महत्वपूर्ण बना दिया गया है जिसके कारण हमारे देश की एक बड़ी आबादी बेरोजगार है। कौशल विकास मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को बदलने का फैसला किया है और यह पहली बार हुआ है कि कौशल विकास को सही तरीके से परिभाषित किया गया है।
आउटलुक संवाद में केंद्रीय आईटी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों के लोगों को भी देश के विकास में भागीदार बनने ही उतनी ही इच्छा है जितनी देश के बाकी हिस्से के लोगों को। उन्होंने कहा कि इसे मात्र इसी बात से समझ सकते हैं कि देश की 125 करोड़ की आबादी में 104 करोड़ मोबाइल कनेक्शन हैं। जाहिर है कि दूर-दूर तक मोबाइल की पहुंच हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार जिस तरह डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम को बढ़ा रही है, उससे नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास होना तय है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और कई राज्यों में राज्यपाल के पद पर रहे भीष्म नारायण सिंह ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि झारखंड में नक्सल हिंसा का खामियाजा उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भुगता है मगर वह नक्सलियों पर गोली चलाने के हिमायती नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समझना होगा कि नक्सली बाहर से नहीं आए। वे हमारे ही लोग हैं और उनसे निपटने के लिए हमेशा राजनीतिक समाधान ही बेहतर होता है। उन्होंने इस संबंध में असम के हिंसक गुटों से निपटने में राज्यपाल के रूप में अपने अनुभव का भी विवरण दिया।
झारखंड के वरिष्ठ मंत्री सरयू राय ने समारोह में झारखंड की नक्सल गतिविधयों और उससे निबटने में झारखंड सरकार के उपायों की जानकारी दी। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में शीर्ष स्तर पर पुलिस के पद संभालने वाले अधिकारियों विभूति नारायण राय, विष्णु दयाल राम, दुर्गेश माधव अवस्थी, मनीष शंकर शर्मा आदि ने जानकारी दी कि किस तरह इन राज्यों में पुलिस ने दुर्गम हालात में भी नक्सलियों से लोहा लिया है। केंद्रीय सूचना आयुक्त और पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे। उद्योगपति संजय डालमिया और जे.के. जैन समेत कई क्षेत्रों के जाने-माने लोग कार्यक्रम में मौजूद थे।
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आउटलुक समूह के प्रेजिडेंट इंद्रनील रॉय ने कार्यक्रम के बाद सभी मेहमानों और आगंतुकों को धन्यवाद करते हुए कहा कि इस चर्चा से ये बात निकली कि विकास के जरिए ही हम कई मुद्दों का समाधान कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि एजुकेशन को लेकर भी हमें और सक्रिय होना चाहिए। शिक्षा से व्यक्ति सही-गलत का ज्ञान कर पाता है और फिर विकास के रास्ते पर चलता है।
एक्सचेंज4मीडिया समूह के असिस्टेंट एडिटर अभिषेक मेहरोत्रा ने छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह से मुलाकात कर प्रदेश सरकार की नीतियों पर चर्चा की।
आउटलुक संवाद के दौरान कुछ यूं विमर्श करते नजर आए वरिष्ठ पत्रकार रासबिहारी और लोकसभा टीवी के एंकर मनोज वर्मा।
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