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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को दी ये नसीहत...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। टेक्नोलॉजी के इस दौर में मीडिया के लिए विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती है और मीडिया प्रतिष्ठानों के लिए इसे बनाए रखना जरूरी है। यह कहना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का। अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ द
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टेक्नोलॉजी के इस दौर में मीडिया के लिए विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती है और मीडिया प्रतिष्ठानों के लिए इसे बनाए रखना जरूरी है। यह कहना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का।
अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा आयोजित ‘रामनाथ गोयनका एक्सिलेंस इन जर्नलिज्म अवॉर्ड्स’ समारोह के दौरान मोदी ने कहा कि पहले लोग खास प्रशिक्षण और पात्रता हासिल करने के बाद पत्रकारिता में आते थे। लेकिन आज कोई भी अपने मोबाइल से तस्वीर खींचकर उसे अपलोड कर सकता है। लोगों को अब कई स्रोतों से खबरें मिल रही हैं। इस परिप्रेक्ष्य में विश्वसनीयता बनाए रखना बड़ा मुद्दा और मौजूदा वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है।
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इस दौरान मीडिया को लेकर पीएम ने चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि मीडिया को किसी पर भी कुछ भी कहने की पूरी आजादी है लेकिन जब उसके बारे में कोई कुछ कहता है तो उसे यह रास नहीं आता। उन्होंने कहा कि मीडिया खबरों को सनसनीखेज बना देती है। अगर कहीं एक्सीडेंट होता है तो मीडिया में आता है बीएमडब्ल्यू कार ने दलित को कुचला। मोदी ने कहा, 'मैं माफी चाहता हूं, लेकिन मुझे बताइये कि बीएमडब्ल्यू कार या उसे चलाने वाले को कहां पता था कि कुचलने वाला दलित है।'
उन्होंने कहा कि वह आजादी के बाद से मीडिया में इतनी चर्चा पाने वाले एकमात्र विशेषाधिकार प्राप्त नेता हैं और वह इसके लिए हमेशा मीडिया के आभारी रहेंगे।
मोदी ने मीडिया के सामने दो मुद्दे निर्धारित करते हुए कहा कि उन्हें मीडिया द्वारा सरकार की आलोचना से दिक्कत नहीं है लेकिन खबर देने में कोई गलती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता प्राथमिकता होनी चाहिए क्योंकि भारत विविधता से भरा हुआ देश है।
मोदी ने कहा, 'आपके लिए किसी भी तरह का समझौता खबर है और आप अगली खबर की तरफ बढ़ जाते हैं लेकिन इस तरह के समझौते से पीछे गहरे घाव रह जाते हैं। हम (नेता) भले ही आपसे ज्यादा गलतियां करते हों लेकिन कृपया राष्ट्रीय एकता की ताकतों को मजबूत करें।'
मोदी ने साथ ही दुनियाभर में देश के विचारों के मजबूती से प्रसार की खातिर एक विश्वस्तरीय भारतीय मीडिया संगठन के निर्माण का आह्वान किया और पर्यावरण और ग्लोबल वॉर्मिंग पर मौजूदा बहस का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह का संगठन सरकार से जुडा नहीं होना चाहिए।
मोदी ने कहा कि सभी बड़े देश वैश्विक स्तर पर एक मजबूत मीडिया आवाज के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं और भारत के लिए यह एक अवसर और साथ ही एक चुनौती भी है।
कार्यक्रम के दौरान प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में पत्रकारों को पुरस्कार दिया गया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पुरस्कार पाने वालों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर किसी की कलम देश को आगे बढ़ाने में योगदान देती है। बहुत कम लोग अपने जीवनकाल के बाद अपना नाम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे रामनाथ जी के दर्शन करने का सौभाग्य मिला था। रामनाथ जी की भावनाओं के लिए अखबार भी छोटा पड़ता था।
मोदी ने कहा कि आजादी के आंदोलन में अखबार अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। पत्रकारिता की विकास यात्रा आजादी के आंदोलन से जुड़ी थी। नरेंद्र मोदी ने रामनाथ गोयनका की तारीफ करते हुए कहा कि बहुत कम लोगों ने आपातकाल को चुनौती दी, आपातकाल को चुनौती देने में रामनाथ जी सबसे आगे रहे।
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