होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / क्या कांग्रेस का घोषणापत्र गूगल ट्रांसलेट से बना है? गलतियों की है भरमार
क्या कांग्रेस का घोषणापत्र गूगल ट्रांसलेट से बना है? गलतियों की है भरमार
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी कर...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। भाजपा फ़िलहाल वेट एंड वॉच की भूमिका में है। जायज है उसके पास कांग्रेसी घोषणापत्र को समझकर उससे ज्यादा लोकलुभावन वायदे करने का अवसर अभी मौजूद है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कई बड़ी-बड़ी बातें कहीं हैं, जिन पर खूब चर्चा हो रही है।
लेकिन घोषणापत्र के हिंदी संस्करण में उन छोटी-छोटी बातों को नज़रंदाज़ कर दिया गया है, जो वर्तनी और व्याकरण संबंधी शुद्धता के लिए अनिवार्य हैं। सीधे शब्दों में कहें तो घोषणापत्र के हिंदी संस्करण में गलतियों की भरमार है। सोशल मीडिया पर लोग यह कहकर कांग्रेस का मजाक उड़ा रहे हैं कि ‘हो सकता है गूगल ट्रांसलेट इस्तेमाल किया हो’।
हिंदी में बिंदी का महत्व क्या है, यह बताने की ज़रूरत नहीं। लेकिन कांग्रेस के घोषणापत्र में इस महत्व को भी तवज्जो नहीं दी गई है। मसलन, कई स्थानों पर ‘राज्यो’, वर्षो और ‘गांवो’ आदि लिखा गया है, जबकि हिंदी के हिसाब से ‘राज्यों, वर्षों ‘गांवों’ होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि गलतियों का सिलसिला घोषणापत्र के बीच से शुरू होता है, दूसरे पृष्ठ पर भी आप इसे देख सकते हैं। यहां तक कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के संदेश में भी हिंदी व्याकरण संबंधी गलतियां हैं। इसके अलावा प्रचलित शब्दों को लिखने में भी चूक की गई है। जैसे कि ‘अर्थशास्त्रियों’ को ‘अर्थशास्त्रीयों’ लिखा गया है। इसी तरह कांग्रेस का घोषणापत्र ‘आजिविका’ लिखता है, जबकि हम और आप जैसे हिंदी पढ़ने वाले अब तक ‘आजीविका’ कहते आ रहे हैं।
कांग्रेसी घोषणापत्र को गौर से देखने पर ‘परा-चिकित्सा’ जैसा अजीबोगरीब शब्द भी नज़र आया। या तो यह कोई नई रचना है, या फिर अनुवादक इसे ‘पैरा-चिकित्सा’ लिखना चाह रहा था। इतना ही नहीं इस घोषणापत्र में आंकड़े का नया रूप ‘आकंडे’ भी देखने को मिला। इसी तरह ‘हमनें, होगें, करेगें’ जैसे सामान्य शब्द लिखते समय भी सामान्य हिंदी ज्ञान का इस्तेमाल नहीं किया गया। श्वेतक्रांति से तो हम सभी परिचित हैं, लेकिन कांग्रेस का घोषणापत्र एक नई तरह की क्रांति ‘स्वेतक्रांति’ की बात करता है। ढांचे और प्रौद्योगिकी के नए रूप ‘ढ़ांचे-प्रोद्योगिकी’ भी इसका हिस्सा हैं। 50 से ज्यादा पृष्ठों वाले इस घोषणापत्र के शुरुआती पृष्ठों पर ही तमाम गलतियां हैं, यदि पूरा घोषणापत्र देखा जाए तो संभवतः गलतियों से ही एक पूरा पृष्ठ भर जाए। इस बात में कोई दोराय नहीं कि गलतियां होती रहती हैं और कई बार पत्रकार भी लिखते वक़्त वर्तनी एवं व्याकरण संबंधी अशुद्धियां कर जाते हैं, लेकिन ये घोषणापत्र एक राष्ट्रीय पार्टी है, जो देश का खोया गौरव लौटाने की बात कर रही है और ऐसे में यदि उस ‘बात’ में ही गलतियां होंगी, तो सवाल तो उठेंगे ही।
यही नहीं, कांग्रेस ने न्यूनतम आय योजना के लोगो को लेकर हुई प्रतियोगिता के बारे में अपने ट्विवटर हैंडल पर जो ट्वीट किया है, उसमें भी गलती है। दरअसल, इस ट्वीट में न्यूनतम की जगह न्युनतम लिखा गया है। कांग्रेस का ये ट्वीट आप यहां देख सकते हैं-
We've had an incredible response to our #NYAYForIndia logo contest, hundreds of designs have come in & we're picking the best ones. Keep sending us more before 30th March & you could meet CP @RahulGandhi.
— Congress (@INCIndia) March 28, 2019
In the mean time pick your favourite. Like for 1 & RT for 2: pic.twitter.com/ivSaqnOWkw
टैग्स कांग्रेस घोषणापत्र