होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / इस वजह से पूर्ण डिजिटाइजेशन में हो सकती है देरी, बोले इंडस्ट्री से जुड़े लोग...
इस वजह से पूर्ण डिजिटाइजेशन में हो सकती है देरी, बोले इंडस्ट्री से जुड़े लोग...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा हाल ही में 31 दिसंबर 2016 तक डिजिटाइजेशन (digitisation) का काम पूरा करने के आदेश का ब्रॉडकास्टर्स ने स्वागत किया है। हालांकि व्यावहारिक रूप में इतने कम समय में इस काम को पूरा क
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा हाल ही में 31 दिसंबर 2016 तक डिजिटाइजेशन (digitisation) का काम पूरा करने के आदेश का ब्रॉडकास्टर्स ने स्वागत किया है। हालांकि व्यावहारिक रूप में इतने कम समय में इस काम को पूरा करने को लेकर उन्होंने कुछ संदेह भी जताया है। केबल ऑपरेटर्स, डीटीएच प्लेयर्स और सेट टॉप बॉक्स (STB) निर्माताओं ने भी कुछ सी तरह की चिंता जताई है कि इतने कम समय में इस काम को पूरा करना काफी मुश्किल हो सकता है।
ये भी पढ़ें: HC के इस फैसले से ब्रॉडकास्टर्स में खुशी, साथ ही जताई ये चिंता…
दिल्ली हाई कोर्ट के निर्णय पर ‘डिश टीवी’ (Dish TV) के प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर जवाहर गोयल का
गौरतलब है कि डिजिटल एक्सेस सर्विस के तीसरे चरण (DAS III) को लागू करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2014 रखी गई थी। हालांकि बाद में MIB द्वारा एक नोटिफिकेशन के जरिये इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2015 कर दिया गया था।
वहीं इस निर्णय का विरोध करने वालों का कहना है कि अभी भी कई जगह सेट टॉप बॉक्स नहीं हैं। MIB के आंकड़ों की बात करें तो चौथे फेज में 26 अक्टूबर तक 1.98 करोड़ रुपये सेट टॉप बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं जबकि इस फेज में कुल 9.24 करोड़ सेट टॉप बॉक्स उपलब्ध कराने हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, MIB द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा के तहत चौथे और आखिरी चरण में DAS को देश भर में 61.08 घरों में डिजिटाइजेशन का काम पूरा करना है।
केरला चैप्टर की केबल टीवी ऑपरेटर्स एसोसिएशन (Cable TV Operators Association, Kerala Chapter) की मैनेजर डोना का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट में इस योजना को लागू करने के लिए जो समय सीमा तय की है, उतने कम समय में काम पूरा होने को लेकर संदेह है। उन्होंने कहा, ‘इस योजना को इतने कम समय में लागू करने को लेकर कई चुनौतियां हैं इनमें सबसे बड़ी चुनौती तो यही है कि कई भी कई जगह सेट टॉप बॉक्स ही उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इन चुनौतियों को पूरा करने में काफी समय लगेगा और मुझे नहीं लगता कि इतने कम समय में यह काम पूरा हो पाएगा।’
वहीं इस बारे में ‘RIDSYS’ के सीईओ मणिकंदन का कहना है, ‘मुझे लगता है कि पूरी तरह डिजिटाइजेशन लागू करवाने में काफी समय लगेगा। इसका सबसे बड़ा कारण तो यही है कि अभी कई जगह सेट टॉप बॉक्स ही उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि सेट टॉप बॉक्स निर्माताओं के पास इनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं लेकिन कुछ केबल ऑपरेटर्स द्वारा की जा रहीं आपत्तियों के चलते इसमें देरी हो सकती है।’
इस देरी के पीछे एक बड़ा कारण यह भी था कि देश भर में इस आदेश के खिलाफ कानूनी याचिकाएं दायर की गई थीं। विभिन्न अदालतों में इस मामले को लेकर कुल 62 मामले दर्ज कराए गए थे और 29 मामले विभिन्न अदालतों से दिल्ली में ट्रांसफर किए गए थे। इन 62 मामलों में से संबंधित अदालतों ने 12 मामले खत्म कर दिए थे और तीन मामले याचिकाकर्ताओं ने वापस ले लिए थे।
टैग्स