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...इस वजह से टाटा मुख्यालय के बाहर तमाम पत्रकारों ने किया प्रदर्शन
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। टाटा संस के मुख्यालय बॉम्बे हाउस के सामने मंगलवार को पत्रकारों ने मूक मोर्चा निकाला। मोर्चे में प्रेस क्लब (मुंबई), हिंदी पत्रकार संघ सहित सभी तमाम पत्रकार संघ विरोध में शामिल हुए। पत्रकार टाटा समूह से टॉप्स ग्रुप को सुरक्षा के काम से हटाने
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टाटा संस के मुख्यालय बॉम्बे हाउस के सामने मंगलवार को पत्रकारों ने मूक मोर्चा निकाला। मोर्चे में प्रेस क्लब (मुंबई), हिंदी पत्रकार संघ सहित सभी तमाम पत्रकार संघ विरोध में शामिल हुए। पत्रकार टाटा समूह से टॉप्स ग्रुप को सुरक्षा के काम से हटाने की मांग कर रहे हैं। मोर्चे में शामिल सभी पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।
दरअसल बीते शुक्रवार को बॉम्बे हाउस के बाहर तैनात सुरक्षा रक्षकों ने प्रेस फोटोग्राफरों से मारपीट की थी। घायल मीडियाकर्मियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए पत्रकार संगठन सड़क पर उतरे।
वहीं घटना का वीडियो और तस्वीरें देखने के बाद प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने मामले में खुद संज्ञान लेते हुए ने अपने सदस्य हार्मुसजी कामा से बुधवार तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
मुंबई प्रेस क्लब की अगुआई में हुई इस मूक मोर्चे में मुंबई हिंदी पत्रकार संघ, बॉम्बे न्यूज फोटोग्राफर्स असोसिएशन, टीवी जर्नलिस्ट असोसिएशन, मुंबई मराठी पत्रकार संघ, बीयूजे, मंत्रालय और विधिमंडल वार्ताहर संघ, मुंबई क्राइम रिपोर्टर्स असोसिएशन, ठाणे सिटी रिपोर्टर असोसिएशन जैसे कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पत्रकार संगठन टॉप्स ग्रुप की सुरक्षा टाटा समूह के सभी संस्थानों से हटाने की मांग कर रहे थे।
इस बीच टॉप्स ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीरज बिजलानी ने मीडियाकर्मियों से माफी मांगते हुए कहा कि हमने आंतरिक जांच में पाया है कि जिन चार लोगों ने पत्रकारों से मारपीट की वह गैरजरूरी था। उन्होंने कानून अपने हाथ में लिया और उन्हें कानून के मुताबिक सजा मिलेगी। साथ ही टॉप्स ग्रुप ने उन्हें नौकरी से निकालने का फैसला किया है।
इस बीच फोटो पत्रकारों से मारपीट मामले की जांच कर रही एमआरए मार्ग पुलिस ने मंगलवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम स्वप्निल चारकर और प्रवीण सालुंखे हैं। इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बीच पत्रकार संगठनों ने एक बार फिर सरकार से पत्रकारों पर हमले को गैरजमानती अपराध बनाने की मांग की है।
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