होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / जानिए, भारत में किस चैनल पर कब लगा बैन, किस सरकार ने लगाए सबसे ज्यादा बैन...
जानिए, भारत में किस चैनल पर कब लगा बैन, किस सरकार ने लगाए सबसे ज्यादा बैन...
<p style="text-align: justify;"><strong>समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।</strong></p> <p style="text-align: justify;">केंद्र सरकार ने तीन चैनलों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनमें 'एनडीटीवी इंडिया' समेत दो न्यूज चैनल है तो एक सामान्य टीवी चैनल। न्यूज चैनल 'एनडीटीवी इंडिया' और ‘न्यूज टाइम असम’ को 9 नवंबर को एक दिन के लिए प्रसारण बंद रखने का आदेश दिय
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केंद्र सरकार ने तीन चैनलों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनमें 'एनडीटीवी इंडिया' समेत दो न्यूज चैनल है तो एक सामान्य टीवी चैनल। न्यूज चैनल 'एनडीटीवी इंडिया' और ‘न्यूज टाइम असम’ को 9 नवंबर को एक दिन के लिए प्रसारण बंद रखने का आदेश दिया गया है, जबकि ‘केयर वर्ल्ड’ चैनल का प्रसारण सात दिन के लिए बंद रखने को कहा गया है। हालांकि एनडीटीवी चैनल पर प्रतिबंध को लेकर मोदी सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। राजनीतिक तौर पर एकजुट विपक्ष ने इस फैसले को आपातकाल की याद दिलाने वाला करार दिया है।
वहीं सरकार समर्थकों का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, लेकिन हल्ला ज्यादा मचाया रहा है। यूपीए के समय से चैनलों का टेलिकास्ट रोका जाता रहा है। सूचना-प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों की दलील है कि यूपीए ने ही ऐसी कार्रवाइयों की नींव डाली थी। 2005 से 2015 तक के 28 ऐसे मामलों का जिक्र किया गया है जब 20 चैनलों को एक दिन से लेकर दो महीने तक प्रतिबंधित किया गया था। इसमें अधिकतर मामले ऐसे थे जिसमें या तो अश्लीलता दिखाई जा रही थी या महिलाओं की गरिमा पर चोट की जा रही थी। अप्रैल, 2015 के आखिरी मामले में सरकार ने अलजजीरा को पांच दिन के लिए प्रतिबंधित किया था, क्योंकि चैनल ने भारत का गलत मैप दिखाया था।
यूपीए सरकार में टीवी चैनलों के बैन पर एक नजर:
Cineworld, 2005
24 मार्च 2005 को सरकार ने एक मूवी चैनल Cineworld पर बैन लगाकर इसका प्रसारण एक महीने के लिए बंद कर दिया था। Cineworld चैनल पर 26 नवंबर 2004 को एक एडल्ट फिल्म का प्रसारण किया गया था। अश्लील प्रोग्राम दिखाने को कारण बताकर चैनल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकार ने इस पर 30 दिन का बैन लगा दिया था।
जनमत, 2007
19 सितंबर 2007 को सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने जनमत चैनल पर एक महीने का प्रतिबंध लगा दिया था। जनमत चैनल पर एक टीचर का स्टिंग ऑपरेशन दिखाया गया था। भारत सरकार का कहना था कि इस स्टिंग ऑपरेशन में न्यूज चैनल ने प्रोग्राम कोड का उल्लंघन किया। इस वजह से चैनल का प्रसारण एक महीने के लिए रोक दिया गया।
मंत्रालय के मुताबिक, चैनल ने एक फर्जी स्टिंग दिखाया था, जिसमें एक लेडी स्कूल टीचर को सेक्स रैकेट मामले में फंसाया गया था। टीचर का नाम उमा खुराना था और स्टिंग का दावा था कि वह स्कूली छात्राओं का सेक्स रैकेट चलाती हैं। खबर के बाद तुर्कमान गेट स्थित सरकारी स्कूल के बाहर जमकर हंगामा हुआ था। भीड़ ने उमा खुराना को जान से मारने की कोशिश की थी और उनके कपड़े फाड़ दिए थे। दबाव के बाद पुलिस ने उमा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन छानबीन के बाद उमा को बेकसूर पाया गया।
फैशन टीवी, 2007, 2010, 2013
फैशन के ग्लोबल ट्रेंड्स दिखाने वाले FTV (फैशन टीवी) को 2007 से 2013 के बीच तीन बार ऑफ एयर किया गया। पहला बैन लगा दो महीने का, जब चैनल ने ‘मिडनाइट हॉट’ नाम का प्रोग्राम चलाया था। 2010 में चैनल ने टॉपलेस लड़कियों के विजुअल दिखाए, तो 9 दिनों का बैन लगा। 2013 में अडल्ट विजुअल्स दिखाने पर 10 दिनों का बैन लगाया गया।
महुआ टीवी, 2013
25 अप्रैल, 2013 को महुआ टीवी के खिलाफ एक दिन के बैन का आदेश जारी हुआ था, क्योंकि चैनल ने ‘ए’ सर्टिफिकेट वाली दो फिल्में ‘औलाद’ और ‘एक और कुरुक्षेत्र’ दिखा दी थीं।
AXN, 2013
25 अप्रैल, 2013 को ही AXN पर भी ‘ए’ सर्टिफिकेट वाली फिल्म ‘डार्कनेस फाल्स’ हिंदी में दिखाने की वजह से एक दिन का बैन लगाने का आदेश जारी हुआ था।
मूवीज ओके, 2013
1 मई, 2013 को मूवीज ओके चैनल के खिलाफ एक दिन के बैन का आदेश जारी हुआ था, क्योंकि इसने ‘ए सर्टिफिकेट’ वाली फिल्म ‘दिलजले’ दिखाई थी।
कॉमेडी सेंट्रल, 2013
17 मई, 2013 को कॉमेडी सेंट्रल चैनल के खिलाफ 10 दिनों के बैन का आदेश जारी हुआ था, क्योंकि इसने ‘स्टैंड अप क्लब’ प्रोग्राम दिखाया था।
WB, 2014
16 जनवरी, 2014 को ‘WB’ चैनल के खिलाफ एक दिन के बैन का आदेश जारी हुआ था, क्योंकि इसने ‘V/UA’ सर्टिफिकेट वाली फिल्म ‘इट्स अ बॉय गर्ल थिंग’ दिखाई थी।
अलजजीरा, 2015
अप्रैल 2015 के आखिरी मामले में सरकार ने अलजजीरा को पांच दिन के लिए प्रतिबंधित किया था, क्योंकि चैनल ने भारत का गलत मैप दिखाया था।
कांग्रेस शासनकाल में ही बना था चैनलों को बैन करने का कानून
1995 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा ऐसा कानून लाया गया जो सरकार को किसी भी चैनल को बैन करने का अधिकार देता है। इसके बाद जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी तो इस दौरान The Cable Television Networks (Regulations) 1995 नाम के इस कानून में कुछ क्लॉज और जोड़े गए।
हालांकि, एनडीटीवी इंडिया के खिलाफ प्रतिबंध की विपक्ष और मीडिया द्वारा की जा रही आलोचनाओं के बीच सरकार भी पूरी तत्परता से उतर आई है। केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि एनडीए सरकार प्रेस की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन मीडिया को इसका उपयोग देश और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए।
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स