होम / विचार मंच / एसपी की मौत के बारे में मुद्राराक्षस ने बताया था ये राज

एसपी की मौत के बारे में मुद्राराक्षस ने बताया था ये राज

एसपी यानी सुरेंद्र प्रताप सिंह को शायद पत्रकारों की नई पीढ़ी नहीं जानती हो लेकिन मुझे गर्व है कि...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago

कुमार पंकज, वरिष्ठ पत्रकार ।।

एसपी यानी सुरेंद्र प्रताप सिंह को शायद पत्रकारों की नई पीढ़ी नहीं जानती हो लेकिन मुझे गर्व है कि मैं एसपी के गृह जनपद गाजीपुर के जिले का हूं। भले ही उनकी शिक्षा पश्चिम बंगाल में हुई हो लेकिन गाजीपुर की धरती से भी उनका जुड़ाव बराबर बना रहा। इसे महज संयोग ही कहेंगे कि जब मेरी रुचि पत्रकारिता के क्षेत्र में हुई तो सबसे पहले मुझे एसपी सिंह के ही बारे में पता चला कि वे गाजीपुर के रहने वाले हैं।

एसपी का जो मूल गांव गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर के पास पातेपुर था। उस इलाके में मेरे चचेरे भाई संग्रह अमीन के पद पर कार्यरत थे। जैसे ही मेरी रुचि के बारे में उनको पता चला तो उन्होंने तुरंत कहा कि अरे जानते हो एसपी सिंह को, मैंने कहा, ‘हां नाम सुना है’, तो कहने लगे कि अरे मेरे इलाके में ही उनका गांव है। तो मैंने तपाक से कहा, ‘तब तो गांव आते होंगे उनसे मुझे मिलना है।’ उस समय मैं इंटरमीडिएट की पढ़ाई गाजीपुर से कर रहा था और स्‍थानीय अखबारों में कुछ-कुछ लिखता रहता था। उन्होंने सहर्ष कहा कि हां मैं पता करुंगा कि वे कब आने वाले हैं। मेरी उनके बारे में उत्सुकता और बढ़ गई। गाजीपुर के कई पत्रकारों से जो उनके बारे में जानते थे पूछने लगा। कई लोगों ने बताया कि वे बहुत बड़े पत्रकार हैं। अब गाजीपुर कम आते हैं लेकिन दिल्ली जाना तो जरूर मिलना।

उस समय दैनिक आज से जुड़े एक वरिष्ठ पत्रकार जो कि बलिया के मूल निवासी थे उनका नाम याद नहीं है संयोगवश उनसे मिलना हुआ तब उन्होंने कहा कि मैं बहुत अच्छी तरह से उनको जानता हूं और मेरा नाम लेकर मिल सकते हो उन्होंने उनका नंबर भी मुझे उपलब्‍ध कराया। बात 1995 की है जब मेरे चचेरे भाई ने बताया कि एसपी सिंह गाजीपुर आने वाले हैं उनके परिवार में कोई शादी है तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सोचा कि अबकी बार तो मुलाकात होगी ही। लेकिन शायद ऐन वक्त पर उनका आने का कार्यक्रम टल गया। फिर भी उनसे मिलने की उम्मीद मैंने बरकरार रखी।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान गांधी भवन से जुड़ने का मौका मिला जहां पत्रकारिता की कार्यशाला में देश के तमाम दिग्गज पत्रकारों प्रभाष जोशी, अच्युतानंदन मिश्र, विभांशु दिव्याल सहित कई लोगों से मिलने का अवसर मिला। गांधी भवन के आयोजकों से भी इस बात की चर्चा हुई कि एसपी सिंह को बुलाया जाए। तब तक एसपी सिंह टीवी की दुनिया के लिए एक ब्रैंड बन गए थे। ‘आजतक’ की चर्चा हर जगह होने लगी थी। भले ही वह आधे घंटे का बुलेटिन था लेकिन हम जैसे युवाओं के लिए वह उत्सुकता वाला कार्यक्रम बन गया था कि उस आधे घंटे में क्या-क्या दिखाते हैं। उस समय टीवी के सेट कम ही देखने को मिलते थे। चूंकि हम लोग छात्र थे तो वैसे भी टीवी उपलब्‍ध नहीं था। फिर भी जब मौका मिलता था तो उनका कार्यक्रम जरूर देखते थे।

बात फरवरी 1998  की है उस समय एसपी इस दुनिया से विदा हो चुके थे। गांधी भवन में पत्रकारिता पर एक और कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमें वरिष्ठ साहित्यकार मुद्रा राक्षस जी से मिलने का मौका मिला। उन्होंने कार्यशाला के दौरान एसपी की पत्रकारिता का उल्लेख किया था। इसलिए मेरी दिलचस्पी उनसे मिलने को लेकर और बढ़ गई। कार्यशाला के बाद मैं उनसे मिला और पूछने लगा तब मुद्रा जी से मैंने कहा कि मैं भी गाजीपुर का हूं। दुर्भाग्यवश उनसे नहीं मिल पाया लेकिन मैं उनके बारे में जानना चाहता हूं। कम उम्र में ही उनका देहान्त हो गया लेकिन उन्होंने अपने काम के बल पर पत्रकारिता जगत में अपनी अलग मुकाम बना ली। तब मुद्रा राक्षस ने बताया कि एसपी एक ब्रैंड थे और उस ब्रैंड को भी उनकी मौत के बाद भी भुनाया गया।

 मैंने पूछा वो कैसे तो कहने लगे कि उनकी मौत कई दिन पहले होने के बावजूद यह नहीं बताया गया कि एसपी की मौत हो गई है। मैने पूछा क्यों? तब उनका जवाब था कि जिस कार्यक्रम को वे प्रस्तुत करते थे, उसको जितना विज्ञापन मिला था वो एसपी के नाम पर मिला ‌था अगर यह पता चल जाता कि एसपी की मौत हो गई तो विज्ञापन कंपनिया विज्ञापन रोक देती, क्योंकि उस कार्यक्रम को लोग इसलिए देखते थे क्योंकि उसे एसपी प्रस्तुत करते थे। मुद्रा जी ने मीडिया के बाजारीकरण पर बहुत बातें बताई। जो अक्षरशः सच साबित हो रही हैं। बहरहाल आज एसपी की जगह कोई और नहीं ले सका और न कोई उनकी तरह ब्रैंड बन सका। एसपी को शत-शत नमन।

(यहां व्यक्त विचार लेखक के निजी है)

 


टैग्स आजतक कुमार पंकज एसपी सिंह सुरेंद्र प्रताप सिंह
सम्बंधित खबरें

मधुसूदन आनंद हमेशा यादों में बने रहेंगे : अनिल जैन

आनंद जी ने जर्मनी में 'डायचे वेले' (द वाॅयस ऑफ जर्मनी) में कुछ सालों तक काम किया और वे 'वाॅयस ऑफ अमेरिका' के नई दिल्ली स्थित संवाददाता भी रहे।

6 hours ago

प्रवक्ता, अहंकार और संवाद की संवेदनहीनता का सबक: नीरज बधवार

चूंकि समाज के अवचेतन में अंग्रेज़ी को लेकर एक हीन भावना मौजूद है, इसलिए जो व्यक्ति अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से बोल लेता है, वह अक्सर खुद को विद्वान भी मान बैठता है।

11 hours ago

समस्य़ाओं को हल करने के लिए हो एआई का इस्तेमाल: रजत शर्मा

मेरा यह मानना है कि सबसे ज़रूरी है, AI का इस्तेमाल रोज़मर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्य़ाओं को हल करने के लिए हो। भारी भरकम शब्दों से इसे परिभाषित करके उससे डराया न जाए।

1 day ago

मैट शूमर के लेख का मतलब क्या है? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

मैट ने सबको सलाह दी है कि हर रोज AI का इस्तेमाल गंभीरता से शुरू करें। ChatGPT , Gemini जैसे टूल को गूगल सर्च की तरह इस्तेमाल नहीं करें। उससे अपने रोजमर्रा के काम करवाए।

3 days ago

सभ्यतागत चेतना की पुनर्स्थापना का संकल्प: अनंत विजय

जब प्रधानमंत्री मोदी 2047 में विकसित भारत की बात करते हुए आध्यत्मिकता की बात करते हैं तो हमें स्मरण होता है कि यही काम तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अपने देश में कर रहे हैं।

3 days ago


बड़ी खबरें

PM मोदी ने लॉन्च किया ‘MANAV विजन’, इंसान-केंद्रित AI में भारत की नई पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में “MANAV- इंडिया’स ह्यूमन विजन फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” पेश किया।

7 hours ago

JioStar ने बदली अपनी रेवेन्यू स्ट्रैटजी, टीवी व डिजिटल सेल्स अब अलग-अलग

'जियोस्टार' (JioStar) ने एक बार फिर अपनी कमाई यानी रेवेन्यू की स्ट्रैटजी में बड़ा बदलाव किया है।

8 hours ago

सिर्फ सत्ता नहीं, बदलाव की कहानी है ‘Revolutionary Raj’: आलोक मेहता

वरिष्ठ संपादक (पद्मश्री) और जाने-माने लेखक आलोक मेहता ने अपनी कॉफी टेबल बुक “Revolutionary Raj: Narendra Modi’s 25 Years” से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर समाचार4मीडिया से खास बातचीत की है।

1 hour ago

Tips Films के ऑफिस में GST विभाग की जांच, कंपनी ने कहा– कामकाज सामान्य

मुंबई की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी Tips Films Limited के दफ्तरों पर जीएसटी विभाग ने जांच शुरू की है।

9 hours ago

इस बड़े पद पर Reliance Industries Limited की टीम में शामिल हुईं रीमा एच कुंदननी

यहां उन्होंने अपनी भूमिका संभाल ली है। कुंदननी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘लिंक्डइन’ (LinkedIn) पर खुद यह जानकारी शेयर की है।

5 hours ago