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NBA के आरोपों पर TV9 नेटवर्क ने जताई आपत्ति, यूं रखी अपनी बात
TV9 नेटवर्क के सीईओ बरुण दास की ओर से इस बारे में एक स्टेटमेंट जारी किया गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
कुछ चैनल्स की रेटिंग्स में संदिग्ध विसंगति को लेकर ब्रॉडकास्टर्स द्वारा 'ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' (BARC) इंडिया को लिखे गए पत्र के मामले में ‘टीवी9 नेटवर्क’ (TV9 Network) ने गंभीर आपत्ति जताई है। दरअसल, आठ जुलाई को ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) के प्रेजिडेंट रजत शर्मा की ओर से बार्क इंडिया के चेयरमैन को लिखे गए इस लेटर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) की रेटिंग में असामान्य रूप से अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है, जबकि अन्य चैनल्स की रेटिंग में काफी कमी दिखाई गई है।
‘एनबीए’ का यह लेटर सार्वजनिक होने के बाद अब ‘टीवी9’ नेटवर्क के सीईओ बरुण दास ने भी एक स्टेटमेंट जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस लेटर में बरुण दास का कहना है, ‘ हमें पूरा विश्वास है कि अपने काम करने के तरीके को लेकर बार्क के पास पर्याप्त वैध तर्क हैं और उसने एनबीए को उपयुक्त जवाब दिया होगा।’
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बरुण दास की ओर से कहा गया है, ‘चूंकि एनबीए के लेटर में टीवी9 नेटवर्क और यहां के स्टाफ के बारे में भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, इसलिए हम कहना चाहते हैं कि इस मामले को जल्द ही उचित तरीके से उठाया जाएगा। यहां यह बताना उचित है कि टीवी9 भारतवर्ष के अलावा टीवी9 नेटवर्क के पास चार प्रमुख रीजनल न्यूज चैनल्स हैं। महामारी के दौरान नेटवर्क का जोर रेटिंग के बजाय पत्रकारों की सुरक्षा और सेहत पर ज्यादा था। यही कारण है कि देशव्यापी लॉकडाउन शुरू होने से पहले 22 मार्च को मैंने एनबीए को एक लेटर लिखकर सुझाव दिया था कि इंडस्ट्री को कुछ समय के लिए वीकली रेटिंग्स को स्थगित कर देना चाहिए। मुझे लग रहा था कि इस महामारी के दौरान रेटिंग के चक्कर में हम रिपोर्टर्स और कैमरापर्सन की जिंदगी को खतरे में डाल देंगे। उस समय हम रेटिंग को लेकर चिंतित नहीं थे, बल्कि हमें तमाम न्यूज संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों के स्वास्थ्य और सलामती की चिंता थी। अगले दिन एनबीए की ओर से मेरा यह सुझाव खारिज कर दिया गया। अब जब महामारी के दौरान टीवी9 ने सबसे ज्यादा मार्केट शेयर हासिल कर लिया है तो निश्चित रूप से अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं।’
31 मार्च 2020 को नेटवर्क द्वारा सदस्यता को रिन्यू न किए जाने का फैसला करने के बाद भी पिछले दिनों तक एनबीए ने टीवी9 की सदस्यता लगातार बनाए रखी। 16 जून को उचित विचार-विमर्श के बाद हमने विनम्रता से इसके लिए मना कर दिया। एक महीने बाद ही अब हम एनबीए की बैड लिस्ट में आ गए, इसे उत्पीड़न या संयोग क्या माना जाए?
बरुण दास की ओर से लिखे गए लेटर में कहा गया है कि एनबीए के पत्र का अवलोकन करें तो इसमें टीवी9 भारतर्ष की रेटिंग्स को लेकर अस्पष्ट जानकारी दी गई है और ऐसा लगता है कि संभवत: एनबीए के पास टीवी न्यूज बिजनेस की मूल समझ की कमी है। जहां तक टीवी9 की बात है तो कंटेंट के साथ-साथ इसकी पैकेजिंग और डिलीवरी पर फोकस ने हमें काफी फायदा पहुंचाया है। यही कारण है कि लॉकडाउन के शुरुआती कुछ हफ्तों में न्यूज व्युअरशिप में बेतहाशा वृद्धि हुई, जिसका हमें लाभ मिला। इस पर तमाम मीडिया मंचों पर खुलकर, बार-बार और लाइव चर्चा की गई है।
इसके अलावा टीवी9 नेटवर्क की ओर से यह भी कहा गया है कि ऐसा लगता है कि एनबीए की ओर से भी कुछ गुमनाम वॉट्सऐप संदेशों और विडियो पर भरोसा किया जा रहा है, जो टीवी9 नेटवर्क को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन वीडियो को बार्क की ओर से पहले ही फर्जी बताकर खारिज किया जा चुका है। नेटवर्क की ओर से तेलंगाना पुलिस के पास इस बारे में आधिकारिक रूप से एक शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
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