न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने BARC को लिखा लेटर, रेटिंग को लेकर उठाए ये 12 पॉइंट्स

कुछ चैनल्स की रेटिंग्स में संदिग्ध विसंगति को लेकर ब्रॉडकास्टर्स ने देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्टर ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' (BARC) इंडिया को एक पत्र लिखा है।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2020
NBA

कुछ चैनल्स की रेटिंग्स में संदिग्ध विसंगति को लेकर ब्रॉडकास्टर्स ने देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्टर ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' (BARC) इंडिया को एक पत्र लिखा है। आठ जुलाई को ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) के प्रेजिडेंट रजत शर्मा की ओर से बार्क इंडिया के चेयरमैन को लिखे गए इस लेटर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) की रेटिंग में असामान्य रूप से अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है, जबकि अन्य चैनल्स की रेटिंग में काफी कमी दिखाई गई है।

यह भी पढ़ें: रेटिंग्स को लेकर उठ रहे सवालों के बीच टीवी9 आया सामने, इन 11 पॉइंट्स में रखी अपनी बात

बार्क इंडिया के चेयरमैन को लिखे इस लेटर में रजत शर्मा का कहना था, ‘आपके संज्ञान में यह मामला लाना चाहते हैं कि पिछले आठ हफ्ते और उससे भी ज्यादा समय से चैनल्स की रेटिंग्स सामान्य नहीं हैं। खासकर टीवी9 भारतवर्ष की रेटिंग काफी असामान्य है। इस मामले में हम टीवी9 भारतवर्ष की अभूतपूर्ण रेटिंग की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।’ न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन की ओर से अंग्रेजी में लिखे गए इस लेटर को आप हूबहू यहां पढ़ सकते हैं।  

1. After seeing an all-time high during lockdown, News viewership has been declining almost consistently on all parameters. From Wk 12 to Wk 25 News Time Spend (TSV) declined by 36%, this decline is consistent for all news channels except for TV9, which has actually increased by a huge 59%.

2. While TV news industry saw an unprecedented growth in Week 12/13, with maximum TSV, oddly TV9 has got its max TSV in Week 25, when most people are back to work and unlock has happened. More surprisingly it has higher contribution from Urban than Rural.

3. It is well known that legacy brands have an advantage during LIVE and fast unfolding news events of national importance. However, this week Chinese troops related news and Actor Sushant’s suicide which were the biggest in the recent 2 weeks have not given the legacy brands as much benefit as it has given to TV9 suddenly.

4. If we compare the viewing pattern of TV9’s common viewers of week 12 vis a vis Week 25, strangely viewers in Wk 12 spent 50 min on the channel (TSV) while in Wk 25 they have spent 71 min. This means that the same viewers are more interested in watching TV9 now than they did when they had all the time in hand during lockdown.

5. If we just compare viewer behaviour, New Viewers that added to TV9 in Week 12 had a time spend of 26 min however New Viewer who got added to the channel in Week 25 have a time spend of 36 minutes.

6. To reach a ranking position as high as no.2 even with landing channel support, brands have at least ranked 2 or 3 in reach. This example is phenomenal where channel is ranked no.7 in Weekly Reach in 000s, and yet No.1 in TSV and No.2 in Impressions. Other channels who have achieved this feat only recently, include R Bharat and News18 that touched no.3 on weekly reach parameter when they breached the ranking barrier.

7. BARC Rules on Landing on extraordinary surge may have missed 59 Ground interventions: TV9 Bharatvarsh is in landing on 59 headend find below state wise count. Were these tracked and trimmed from the output and in which manner? A similar table for Republic Bharat has been placed below to observe the scale of interventions in the genre, leading to subsequent unchecked rises.

8. The four big anchors on the channel are Nishant Chaturvedi, Sumaira Khan, Sameer Abbas and Dinesh Gautam. In all likelihood, they would not feature in any instant recall or Qual study. Therefore, no programming led loyalty factor can be attributed to this spike.

9. Compare GRPs below in absolute terms with its own sister channels in regional space. All have fallen in the two weeks, but TV9 Bharatvarsh has grown. So the advantage of network is also negated.

10. As per BARC’s BIO News, TV9 Bharatvarsh has very little On Location coverage.

11. It may be worthwhile to look at the track record of the organization and assess if any earlier instances of interventions or proven malpractices exist against it. The current floating WhatsApp’s raise serious suspicion.

12. Besides the Hindi genre, English has been suffering the same pattern of chaos. Many wild swings in single markets, compounded with the failure of a reach outlier picking mechanism, have made the data unusable. Republic TV continues to show exceptional Coverage in Chennai market, possibly because of an Out of Genre placement next to Tamil channels in gross violation of the law. How can an English speaking market be a single channel phenomenon? What is BARC’s plan to course correct?

एनबीए के अलावा अन्य तमाम ब्रॉडकास्टर्स ने भी बार्क इंडिया के समक्ष यह मुद्दा उठाया है। ब्रॉडकास्टर्स की ओर से कहा गया है कि हर हफ्ते डाटा में छेड़छाड़ की जा रही है और ऐसा लगता है कि बार्क और ब्रॉडकास्टर पूरी तरह से मिलकर काम कर रहे हैं। ब्रॉडकास्टर की ओर से यह भी कहा गया है कि इस बारे में समस्या से अवगत कराए जाने के बावजूद हम बार्क के एक अधिकारी की ओर से न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन के प्रेजिडेंट को इस तरह का अवांछित मेल किए जाने से हैरान हैं, जिसमें टीवी9 भारतवर्ष के वीकली डाटा की क्रेडिबिलिटी को सही ठहरा रहे हैं। बार्क इंडिया को लिखे लेटर में यह भी कहा गया है, ‘यह सर्वविदित है कि टीवी9 ग्रुप के तमाम चैनल्स पहले भी व्युअरशिप डाटा में हेरफेर करते हुए पकड़े गए हैं, ताकि उनकी रेटिंग बढ़ सके। इसके परिणामस्वरूप बार्क द्वारा उनके चैनल के डाटा को सस्पेंड भी किया गया था।’

इस लेटर में बार्क से मांग की गई है कि बार्क को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच करानी चाहिए और डाटा में इस तरह के गलत आचरण में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे लोगों को बार्क से हटा देना चाहिए, जो इसकी विश्वसनीयता को ठेस पहुंचा रहे हैं। लेटर के अनुसार, बार्क में पिछले दिनों टॉप लेवल पर हुए बदलाव के बाद इस बात पर सहमति बनी थी कि पारदर्शिता के लिए और बार्क की विश्वसनीयता को बहाल करने के लिए इसकी टीम और सदस्यों की पूरी समीक्षा की जाएगी। लेकिन अभी तक इस संबंध में कुछ नहीं हुआ है, जिस वजह से डाटा में हेरफेर और भ्रष्टाचार की आशंका बनी रहती है।

रजत शर्मा की ओर से लिखे लेटर में कहा गया है, ‘मैं अवगत कराना चाहता हूं कि इस तरह के मामले से एनबीए बोर्ड सहमत नहीं है। एनबीए के सदस्य काफी धीरज से काम करते रहे हैं, लेकिन यह काफी समय से टूट रहा है। ऐसे में एनबीए के सदस्यों को बताया जाना चाहिए कि व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बार्क की क्या योजना है। पुरानी गलतियों को सुधारने और व्यवस्था में मौजूद लूप होल्स को ठीक करने के लिए क्या किया गया है। जहां तक हमने देखा है कि इस दिशा में कुछ नहीं किया गया है, जिससे यह बदतर हो गया है। इस तरह की स्थिति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती है। इसके लिए हमें आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।’

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फर्जी निकला हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनने का ऑफर, यूं छलका निधि राजदान का 'दर्द'

पिछले साल जून में निधि राजदान ने 21 साल की पारी के बाद एनडीटीवी से इस्तीफा देने का फैसला लिया था। एक ट्वीट के जरिये उन्होंने इसकी वजह भी बताई थी।

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
Nidhi Razdan

वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान ने शुक्रवार को एक ट्वीट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस ट्वीट में निधि राजदान का कहना है कि वह प्रतिष्ठित ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी’ के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर अपनी पारी शुरू नहीं करने जा रही हैं। इस ट्वीट में निधि राजदान ने कहा है कि दरअसल, उन्हें ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी’ ने इस तरह का कोई ऑफर दिया ही नहीं था। निधि राजदान का कहना है कि वह फिशिंग अटैक (ऑनलाइन धोखाधड़ी, जहां ईमेल के जरिये धोखा देकर सारी जानकारी ले ली जाती है) का शिकार हुई हैं।  

ट्वीट में निधि ने लिखा है, ' जून 2020 में मैंने यह कहते हुए 21 सालों की एनडीटीवी की नौकरी छोड़ने का फैसला लिया कि मैं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में जर्नलिज्म के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में जॉइन करने जा रही हूं। मुझे बताया गया था कि मैं सितंबर 2020 में यूनिवर्सिटी जॉइन करूंगी। मैं अपने नए असाइनमेंट की तैयारी कर रही थी, इसी दौरान मुझे बताया गया कि महामारी की वजह से मेरी क्लासेज जनवरी 2021 में शुरू होंगी।'

यह भी पढ़ें: वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान ने NDTV छोड़ने का लिया फैसला, बताई ये वजह

निधि का कहना है, 'लगातार हो रही देर के बीच शुरू में तो मैंने यह सोचकर इन बातों पर ध्यान नहीं दिया कि महामारी में ये सब नॉर्मल है पर हाल ही में जो कुछ हुआ, वो ज्यादा परेशान करने वाला था। मैंने सीधे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने के लिए संपर्क साधा और उनके आग्रह पर मैंने उनसे वे सारे कम्युनिकेशन्स शेयर किए जो तथाकथित रूप से यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए थे।’

यूनिवर्सिटी का पक्ष जानने के बाद मुझे पता चला कि मैं साइबर फ्रॉड की शिकार हुई हूं और दरअसल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने मुझे उनके जर्नलिज़्म डिपार्टमेंट की फैकल्टी बनने का कोई ऑफर भेजा ही नहीं था। राजदान का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अधिकारियों को लेटर लिखकर उनसे भी इस मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है।

गौरतलब है कि पिछले साल जून में निधि राजदान का एक ट्वीट सामने आया था, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि वह एनडीटीवी में 21 साल की अपनी पारी को विराम देकर साल के अंत तक ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी’ के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर अपनी पारी शुरू करेंगी। निधि राजदान की ओर से उस समय किए गए ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स आप यहां देख सकते हैं।

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TV9 Network ने लॉन्च किया एक और न्यूज चैनल

टीवी9 नेटवर्क (TV9 Network) ने अब अपने पंख फैला दिए हैं। इसके तहत उसने बंगाल न्यूज मार्केट में 24X7 की तर्ज पर एक न्यूज चैनल लॉन्च कर दिया है

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
Tv9Network

टीवी9 नेटवर्क (TV9 Network) ने अब अपने पंख फैला दिए हैं। इसके तहत उसने बंगाल न्यूज मार्केट में 24X7 की तर्ज पर एक न्यूज चैनल लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम है ‘टीवी9 बांग्ला’ (TV9 Bangla)। यह न्यूज चैनल टीवी9 नेटवर्क का छठा न्यूज चैनल है।

टीवी9 नेटवर्क का दावा है कि यह चैनल प्रदेश की 10 करोड़ जनता की न केवल आवाज बनेगा, बल्कि राज्य की जनता को निष्पक्ष खबरे दिखाएगा, वह भी किसी से डरे बगैर, किसी से प्रभावित हुए बगैर, सिर्फ दर्शकों की फिक्र से जुड़ी खबरों को प्रमुखता देगा।

नेटवर्क के मुताबिक, ‘टीवी9 बांग्ला’ के पास न्यूज इंडस्ट्री के सबसे अनुभवी और संवेदनशील पत्रकारों की टीम है, सबसे हाईटेक स्टूडियो है, पश्चिम बंगाल के सभी 23 जिलों में उसके रिपोर्टर खबरों का सीधा प्रसारण करने के लिए 24 घंटे मुस्तैद हैं।

नेटवर्क ने अनुभवी पत्रकार अंजन बंद्योपाध्याय के हाथों में ‘टीवी9 बांग्ला’ न्यूज चैनल के संपादक की कमान सौंपी हुई है। कलकत्ता विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट रहे बंद्योपाध्याय को 32 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने तमाम प्रमुख मीडिया घरानों के साथ काम किया है, जिनमें एबीपी, जी, ईटीवी और स्काई बांग्ला आदि शामिल हैं। वे ‘जी24 घंटा’ (Zee 24 Ghanta) के एडिटर (इनपुट) रह चुके हैं। उनका पिछला कार्यकाल एबीपी में डिजिटल के संपादक के तौर पर था।

इसके अलावा अमृतांशु भट्टाचार्य ‘TV9 बांग्ला’ के डिजिटल पोर्टल के संपादक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। साथ ही वे टेलीविजन चैनल में मैनेजिंग एडिटर (आउटपुट) के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। भट्टाचार्य को प्रिंट, ऑडियो विजुअल और डिजिटल मीडिया में 25 वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव है। वे ‘जुगांतर’ (Jugantar), ‘आजकल’ (Aajkaal), ‘ईटीवी’ (ETV) और ‘जी मीडिया कॉर्प’ (Zee Media Corp) के साथ काम कर चुके हैं। उनका पिछला कार्यकाल ‘जी24 घंटा’ (Zee 24 Ghanta) में डिजिटल हेड और असोसिएट एडिटर के तौर पर था।

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NBF ने BARC के सामने उठाया न्यूज चैनल्स की रेटिंग्स पर लगी रोक का मुद्दा, कही ये बात

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ से कुछ निहित स्वार्थों के दबाव में न आने की बात भी कही है।

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
NBF

न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे सुलझाने और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के हितों की रक्षा के लिए गठित ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) से न्यूज चैनल्स की रेटिंग तुरंत प्रभाव से जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही एजेंसी से भविष्य के डाटा के लिए सुधारात्मक उपाय (corrective measures) करने का भी अनुरोध किया है।

इस बारे में ‘एनबीएफ’ की ओर से कहा गया है, ‘न्यूज चैनल्स हजारों मीडिया प्रोफेशनल्स को रोजगार देते हैं और उनकी आजीविका न्यूज चैनल द्वारा उत्पन्न रेवेन्यू पर निर्भर करती है, जो सीधे ऑडियंस मीजरमेंट डाटा (TRPs) से संबंधित है। इसलिए, एनबीएफ BARC के शेयरधारकों (stakeholders) से आह्वान करता है कि वे तत्काल प्रभाव से न्यूज चैनल्स की रेटिंग जारी करने के लिए कदम उठाएं। हमारा मानना ​​है कि ये डाटा विज्ञापन जगत के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ‘इंडियन सोसायटी ऑफ एडवर्टाइजर्स’ (ISA)  और ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।’

इसके साथ ही ‘एनबीएफ’ ने बार्क से किसी भी तरह के निहित स्वार्थों के दबाव में न आने और रेटिंग्स पर लगाई रोक को तत्काल हटाने को कहा है। ‘एनबीएफ’ के अनुसार, तमाम न्यूज ब्रॉडकास्टर्स ‘फ्री टू एयर’ (FTA) हैं और विज्ञापनों से होने वाली आय पर निर्भर हैं। ऐसे में रेटिंग्स को जारी करने से रोके जाने पर उन पर काफी प्रभाव पड़ेगा।  

गौरतलब है कि टीआरपी से छेड़छाड़ (TRP manipulation) के मामले को लेकर मचे घमासान के बीच BARC  ने 15 अक्टूबर 2020 को 12 हफ्ते के लिए न्यूज चैनल्स की रेटिंग्‍स न जारी करने का फैसला लिया था। BARC  के इस फैसले को लेकर ब्रॉडकास्टर्स दो खेमों में बंट गए थे। कुछ ब्रॉडकास्टर्स का मानना था कि 12 सप्ताह का यह ब्लैकआउट (blackout) इस प्रणाली में विसंगतियों को दूर कर देगा, वहीं कुछ ने नाखुशी जताते हुए इस फैसले को अनुचित बताया था।

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न्यूज चैनल्स की रेटिंग्स पर लगाई रोक के मामले में NBA ने BARC को दिया यह सुझाव

टीआरपी से छेड़छाड़ के मामले को लेकर मचे घमासान के बीच BARC ने 15 अक्टूबर 2020 को 12 हफ्तों के लिए न्यूज चैनल्स की रेटिंग्सन न जारी करने का फैसला लिया था।

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
NBA

निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया को सुझाव दिया है कि न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप रेटिंग जारी करने पर लगाए गए प्रतिबंध (blackout period) को कुछ महीनों तक और बढ़ा दिया जाए। फिलहाल यह समय सीमा 16 जनवरी को समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार, एनबीए ने इन तीन महीनों के ब्लैकआउट पीरियड (जिनमें टीवी न्यूज व्युअरशिप का डाटा जारी नहीं किया गया है) के दौरान बार्क द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी ली है।  

टीआरपी से छेड़छाड़ (TRP manipulation) के मामले को लेकर मचे घमासान के बीच BARC  ने 15 अक्टूबर 2020 को 12 हफ्ते के लिए न्यूज चैनल्स की रेटिंग्‍स न जारी करने का फैसला लिया था। BARC  के इस फैसले को लेकर ब्रॉडकास्टर्स दो खेमों में बंट गए थे। कुछ ब्रॉडकास्टर्स का मानना था कि 12 सप्ताह का यह ब्लैकआउट (blackout) इस प्रणाली में विसंगतियों को दूर कर देगा, वहीं कुछ ने नाखुशी जताते हुए इस फैसले को अनुचित बताया था।

उस समय ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने BARC के इस फैसले का स्वागत किया था। ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने उम्मीद जताई थी कि यह बार्क द्वारा सही दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। ‘एनबीए’ का यह भी कहना था कि बार्क को विश्वसनीयत बनाए रखने के लिए इन 12 हफ्तों का इस्तेमाल अपने सिस्टम को पूरी तरह से दुरुस्त (completely overhaul) करने में करना चाहिए।

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CNBC Awaaz के एंकर पर SEBI का प्रतिबंध, चैनल ने लिया एक्शन: रिपोर्ट

सेबी ने ‘सीएनबीसी आवाज’ के एक कार्यक्रम के होस्ट हेमंत घई, उनकी पत्नी जया हेमंत घई और मां श्याम मोहिनी घई को पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 14 January, 2021
Last Modified:
Thursday, 14 January, 2021
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बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने धोखाधड़ी वाले व्यापारिक व्यवहार में लिप्त होने के चलते बिजनेस न्यूज चैनल ‘सीएनबीसी आवाज’ के एक कार्यक्रम के होस्ट हेमंत घई, उनकी पत्नी जया हेमंत घई और मां श्याम मोहिनी घई को पूंजी बाजार से बुधवार को प्रतिबंधित कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटनाक्रम के बाद नेटवर्क18 ने घई को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

सेबी ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि हेमंत घई जिस ‘स्टॉक 20-20’ कार्यक्रम के को-होस्ट थे, उसमें दिये जाने वाले सुझावों के विषय में उन्हें पहले से सूचनाएं होती थीं। उन्होंने उनका प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से व्यक्तिगत फायदे के लिए इस्तेमाल किया।

बता दें कि इस कार्यक्रम में यह सुझाव दिया जाता है कि किसी अमुक कारोबारी सत्र के दौरान किन शेयरों को खरीदा जाए और किन शेयरों का बेचा जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेबी ने घई को अगले आदेश तक निवेश के संबंध में कोई भी परामर्श देने और प्रतिभूति बाजार के संबंध में शोध रिपोर्ट प्रकाशित करने से भी रोक दिया। सेबी ने इसके अलावा धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से अर्जित 2.95 करोड़ रुपये की आय पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट्स में बताया गया कि सेबी ने जांच में प्रथमदृष्ट्या पाया कि कार्यक्रम ‘स्टॉक 20-20’ के लिए प्राप्त अग्रिम जानकारी के आधार पर हेमंत ने अपनी पत्नी जया हेमंत घई और माता श्याम मोहिनी घई के साथ मिलकर धोखाधड़ी के जरिये धन कमाने की साजिश की। सेबी ने एक जनवरी 2019 से 31 मई 2020 के दौरान हुए व्यापार का विश्लेषण करने के बाद रोक लगाने का आदेश पारित किया।

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AAP विधायक की इस याचिका पर न्यूज एंकर से HC ने मांगा जवाब

एंकर ने सोमनाथ भारती से लाइव शो के दौरान दिल्ली सीएम केजरीवाल पर हुए हमले को लेकर सवाल पूछा तो सोमनाथ भारती इतना बौखला गए कि उन्हें गालियां देने लगे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 January, 2021
News Anchor

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक न्यूज एंकर द्वारा दर्ज कराये गये मानहानि के मामले को खारिज करने की आप विधायक सोमनाथ भारती की याचिका पर उनसे (एंकर से) जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने अभियोजन पक्ष और एंकर रंजना द्विवेद्वी को नोटिस जारी किया और उनसे दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।

ये भी पढ़ें: एंकर के खिलाफ ‘आप’ नेता के बिगड़े बोल, दी गाली

सोमनाथ भारती ने निचली अदालत के 24 जुलाई, 2019 के आदेश को चुनौती दी है। निचली अदालत ने पत्रकार की मानहानि संबंधी शिकायत पर भारत के विरुद्ध आरोप निर्धारण का आदेश दिया था। नवंबर, 2018 में टीवी बहस मे दोनों के बीच तीखी टीका-टिप्पणी हुई थी।

ये भी पढ़ें: महिला न्यूज एंकर से बदसलूकी मामले में ‘आप’ नेता के खिलाफ कोर्ट ने दिया ये आदेश

दरअसल, हुआ कुछ यूं था कि न्यूज एंकर ने सोमनाथ भारती से लाइव शो के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हुए हमले को लेकर सवाल किया था। इसी सवाल पर सोमनाथ भारती इतना बौखला गए कि महिला एंकर को गालियां देने लगे थे। आरोप है कि सोमनाथ भारती ने महिला एंकर से न सिर्फ बदतमीजी से बात की, बल्कि उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। इसके साथ ही चैनल को भी बंद करवाने की धमकी दी थी।

जिसके बाद दिल्ली के वसंत कुंज की रहने वाली और नोएडा सेक्टर-57 के एक न्यूज चैनल में जॉब करने वाली न्यूज एंकर ने साल 2018 में सोमनाथ भारती के खिलाफ नोएडा के सेक्टर-39 महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से एडवोकेट योगेश स्वरूप ने भारती के खिलाफ दिल्ली की अदालत में मानहानि की याचिका दायर की थी।

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टेलिविजन रेटिंग सिस्टम की समीक्षा के लिए गठित कमेटी ने सौंपी अपनी रिपोर्ट

सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, सरकार अब इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 January, 2021
TV Rating

टीवी व्यूअरशिप/टीआरपी की समीक्षा के लिए सरकार द्वारा गठित की गई समिति ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा चार नवंबर 2020 को प्रसार भारती (Prasar Bharati) के सीईओ शशि शेखर वेम्पती की अध्यक्षता में यह कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में तीन अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया गया था।

यह भी पढ़ें: टेलिविजन रेटिंग सिस्टम की समीक्षा के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने उठाया ये कदम

इस बारे में सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि कमेटी की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद अब सरकार इसका अध्ययन करेगी और इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।   

प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार, ‘मुख्य बिंदु यह है कि टीआरपी में पारदर्शिता होनी चाहिए। आज, टीआरपी पारदर्शिता 55,000 मीटरों पर आधारित है। इसका आधार बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि हेरफेर के लिए कोई जगह न बचे।‘

उन्होंने कहा, ‘सभी लोगों से विचार-विमर्श करने के बाद इसे देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) को सौंपा जाएगा, क्योंकि सरकार को कुछ गाइडलाइंस और निर्देश देने का अधिकार है, लेकिन यह बाद में तय किया जाएगा। यह अच्छी खबर है कि हमें रिपोर्ट मिल गई है और मुझे उम्मीद है कि सभी संबंधित एजेंसियां इसका स्वागत करेंगी।‘

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Viacom18 से जुड़े कुणाल गौड़, संभालेंगे यह जिम्मेदारी

कुणाल गौड़ ‘नेटवर्क18’ (Network18) के एमडी राहुल जोशी को रिपोर्ट करेंगे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 12 January, 2021
Last Modified:
Tuesday, 12 January, 2021
VIACOM18

मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी ‘वायकॉम18’ (Viacom 18) ने कुणाल गौड़ (Kunal Gaur) को चीफ कॉमर्शियल ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया है। वह उत्पल दास के स्थान पर यह पदभार ग्रहण करेंगे, जिनकी इस कंपनी में पारी 31 मार्च 2021 को समाप्त हो रही है। कुणाल गौड़ ‘नेटवर्क18’ (Network18) के एमडी राहुल जोशी को रिपोर्ट करेंगे।

बता दें कि कुणाल गौड़ ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई की है। उन्हें ‘स्टार इंडिया’ (Star India), ‘नेटफ्लिक्स’ (Netflix) और ‘पीडब्लूसी’ (PWC) आदि संस्थानों में काम करने का 19 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है।

‘वायकॉम18’ को जॉइन करने से पहले कुणाल नेटफ्लिक्स इंडिया की लीडरशिप टीम का हिस्सा थे और यहां बतौर डायरेक्टर (Production Finance) अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

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जुर्माने को लेकर NDTV के प्रमोटर्स को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण ने दिया यह आदेश

मामले को 10 फरवरी 2021 के लिए सूचीबद्ध किया गया है। NDTV के प्रमोटर्स पर सेबी ने लगाया है 27 करोड़ रुपये का जुर्माना

Last Modified:
Monday, 11 January, 2021
NDTV

विभिन्न प्रतिभूति नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में ‘भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड’ (SEBI)  द्वारा लगाए गए 27 करोड़ रुपये के जुर्माना आदेश के खिलाफ ‘एनडीटीवी’ (NDTV) के फाउंडर्स-प्रमोटर्स डॉ. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय की अपील पर ‘प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण’ (the Securities Appellate Tribunal) का मानना है कि दलीलों पर सुनवाई की जरूरत है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतिम रूप से निपटारे के लिए इस मामले को 10 फरवरी 2021 को सूचीबद्ध किया गया है।

हालांकि, ‘प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण’ ने ‘एनडीटीवी’ को चार हफ्ते के भीतर प्रतिवादी के समक्ष जुर्माने की 50 फीसदी राशि जमा करने का निर्देश दिया है। ‘प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण’ का कहना है कि यदि यह राशि जमा करा दी जाती है तो अपील के लंबित रहने तक शेष राशि की वसूली नहीं की जाएगी।   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण’ के इस आदेश के खिलाफ ‘एनडीटीवी’ ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला लिया है।  

गौरतलब है कि दिसंबर 2020 में सेबी ने कुछ ऋण समझौतों पर शेयरधारकों से जानकारी छिपाने के लिए ‘एनडीटीवी’ पर 27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि, चैनल का कहना कि एनडीटीवी के फाउंडर्स और प्रमोटर्स प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय ने बार-बार यह कहा है कि उन्होंने किसी भी लेन-देन अथवा समझौते के जरिए प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से एनडीटीवी का नियंत्रण हस्तांतरित करने की अनुमति नहीं दी है। दी गई सूचना में कहा गया है कि वह एनडीटीवी की चुकता शेयर पूंजी में अब भी 61.45 प्रतिशत हिस्सेदारी के धारक हैं।

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इंडिया टुडे ग्रुप के कमलेश सिंह के बारे में इन अटकलों पर लगा विराम

पिछले कुछ दिनों से मीडिया जगत में चल रहीं ‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप के मैनेजिंग एडिटर (डिजिटल) कमलेश सिंह के ‘टीवी9’ में शामिल होने की अटकलें अब थम गई हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 09 January, 2021
Last Modified:
Saturday, 09 January, 2021
Kamlesh Singh

पिछले कुछ दिनों से मीडिया जगत में चल रहीं ‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप के मैनेजिंग एडिटर (डिजिटल) कमलेश सिंह के ‘टीवी9’ ग्रुप में शामिल होने की अटकलें अब थम गई हैं। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, वह फिलहाल ‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप के साथ ही बने रहेंगे। 

गौरतलब है कि उच्च पदस्थ सूत्रों ने कुछ दिनों पूर्व सूचना दी थी कि सिंह ने ‘टीवी9’ में टॉप लेवल के पदाधिकारियों से मुलाकात की है। इसके बाद यह अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि सिंह जल्द ही टीवी 9 ग्रुप में बड़े पद पर शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कमलेश सिंह ने उस समय इस बात से इनकार करते हुए इस मीटिंग को ‘पर्सनल’ करार दिया था।

बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार कमलेश सिंह के पास मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव है। वे इंडिया टुडे ग्रुप से पहले  ‘एशियन एज’, ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’, ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘दैनिक भास्कर’ जैसे प्रसिद्ध मीडिया घरानों का हिस्सा रहे हैं।

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