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TRAI के इस ऐप का दर्शक नहीं उठा पा रहे फायदा, विशेषज्ञों ने गिनाईं ये वजह
टीवी चैनल उपभोक्ताओं के लिए अपने पसंदीदा चैनल का चुनाव करने अथवा अपने सबस्क्रिप्शन पैक में संशोधन करने के लिए TRAI ने पिछले दिनों लॉन्च किया था चैनल सेलेक्टर ऐप
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
टीवी चैनल उपभोक्ताओं के लिए अपने पसंदीदा चैनल का चुनाव करने अथवा अपने सबस्क्रिप्शन पैक में संशोधन करने के लिए ‘टेलकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (TRAI) द्वारा पिछले दिनों लॉन्च किए गए टीवी चैनल सेलेक्टर ऐप (Channel Selector App) को बहुत अच्छ रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। ट्राई की इस पहल से उपभोक्ताओं को अपने ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ (DPOs) के वेब पोर्टल अथवा ऐप से अपने पसंदीदा टीवी चैनल्स या बुके (bouquets) का चुनाव करने में मदद मिलती है।
मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स का कहना है कि चैनल सेलेक्टर ऐप की लॉन्चिंग को एक महीना होने जा रहा है, लेकिन एक प्रतिशत यूजर्स भी इस ऐप को इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। बताया जाता है कि करीब आधे कस्टमर्स को तो इस ऐप के बारे में जानकारी ही नहीं है और बाकी कस्टमर्स इस ऐप को डाउनलोड करते समय तकनीकी खराबी की शिकायत कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सच्चाई यह है कि फिलहाल यह ऐप सिर्फ कुछ बड़े डायरेक्ट टू होम (DTH) ऑपरेटर्स और मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSO/cable operators) के लिए ही उपलब्ध है, जिससे सभी तक इसकी पहुंच नहीं है।
इस बारे में ‘केबल ऑपरेटर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (Cable Operators Federation of India) की प्रेजिडेंट रूप शर्मा का कहना है, ‘हमें इस ऐप के बारे में नहीं बताया गया था। यदि हमें इस ऐप के बारे में नहीं पता होगा तो हम कैसे कस्टमर्स को इस ऐप के लिए तैयार करने की स्थिति में होंगे। होना यह चाहिए कि मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स को लेकर जब भी कोई इस तरह का डेवलपमेंट हो तो एक मीटिंग होनी चाहिए, जिससे हमें नए प्रॉडक्ट के बारे में समझने में मदद मिले, तभी हम कस्टमर्स को इसके बारे में बता सकते हैं। न्यू टैरिफ ऑर्डर (NTO 2.0) के नियम-कायदों के बारे में पहले भी इस तरह का भ्रम हो चुका है।’
वहीं, ‘कर्नाटक स्टेट केबल टीवी ऑपरेटर्स एसोसिएशन’ (Karnataka State Cable TV Operators' Association) के प्रेजिडेंट पैट्रिक राजू का कहना है, ‘इस ऐप पर केबल टीवी व्युअर्स एक प्रतिशत से भी कम है, यह इस बात का सबूत है कि ऐप के जरिये पैकेज सलेक्ट करने में कई व्युअर्स पीछे हैं। केबल टीवी नेटवर्क्स निजी तौर पर अपने कस्टमर्स से जुड़े रहते हैं और उन्हें चैनल चुनने व सबस्क्रिप्शन फीस जमा करने में मदद करते रहते हैं। जो व्युअर्स ऐप्स के जरिये चैनल चुनना पसंद करते हैं, वे पहले से ही अपने डीटीएच ऑपरेटर्स और मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स के ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।’
इस सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि कई पॉपुलर डीटीएच ऑपरेटर्स और मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स के पास अपने ऐप्स हैं और ट्राई का चैनल सेलेक्टर ऐप अनावश्यक है।
डीटीएच प्लेयर्स भी चैनल सेलेक्टर ऐप की सार्थकता को बहुत कम मानते हैं। ‘टाटा स्काई’ (Tata Sky) के प्रवक्ता के अनुसार, ‘टाटा स्काई के कस्टमर्स हमारी वेबसाइट अथवा ऐप से काफी आसानी से अपने चैनल पैक्स को अपने हिसाब से व्यवस्थित कर सकते हैं।’
ट्राई-अधिकृत उपभोक्ता समूह (TRAI-authorized consumer groups) की भी शिकायत है कि उन्हे चैनल सेलेक्टर ऐप के बारे में पहले कभी सूचित नहीं किया गया, जो स्पष्ट रूप से उनकी मदद करने के लिए बना है। कुछ लोगों ने इस बारे में ऑनलाइन पढ़कर इस ऐप का उपयोग करने की कोशिश की, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐप के पास देश भर में 80 मिलियन से अधिक घरों में इस्तेमाल हो रहे केबल टीवी को संभालने की बैंडविड्थ नहीं है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने इस बारे में ट्राई का पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।
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