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संतोष देसाई: भारतीय ब्रैंडिंग और सांस्कृतिक सोच को दी नई पहचान
फ्यूचरब्रांड्स इंडिया के एमडी और सीईओ संतोष देसाई ने विज्ञापन और ब्रैंडिंग को सांस्कृतिक दृष्टि से नई पहचान दी है। उनका सफर रणनीति और विचारशीलता का अनोखा संगम है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
भारतीय मार्केटिंग, विज्ञापन और सांस्कृतिक विमर्श के क्षेत्र में संतोष देसाई एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी अलग सोच और रणनीतिक दृष्टि से खास पहचान बनाई है। वह वर्तमान में फ्यूचरब्रांड्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं, साथ ही थिंक9 कंज्यूमर टेक्नोलॉजीज के संस्थापक भी हैं।
संतोष देसाई का विज्ञापन करियर 1980 के दशक में उल्का एडवरटाइजिंग (अब ड्राफ्टएफसीबी उल्का) से शुरू हुआ। एक संयोगवश हुई मुलाकात ने उन्हें इस क्षेत्र में प्रवेश दिलाया और यहीं से उनके सफल सफर की शुरुआत हुई। करीब 21 वर्षों के अपने विज्ञापन करियर में उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रैंड्स के साथ काम किया और भारतीय उपभोक्ता व्यवहार को गहराई से समझा।
उनके करियर का अहम पड़ाव तब आया जब वह मैककैन एरिक्सन इंडिया के प्रेजिडेंट बने। इससे पहले मुद्रा (अब डीडीबी मुद्रा) में रहते हुए उन्होंने ब्रैंड्स को भारतीय संस्कृति से जोड़ने की अनूठी सोच विकसित की, जिसे बाद में उन्होंने मैककैन में भी सफलतापूर्वक लागू किया।
वर्ष 2006 में उन्होंने विज्ञापन जगत को छोड़कर किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप से जुड़ते हुए फ्यूचरब्रांड्स की स्थापना की। इसका उद्देश्य पारंपरिक विज्ञापन से आगे बढ़कर ब्रैंड स्ट्रैटेजी और सांस्कृतिक विश्लेषण को मजबूत करना था।
अर्थशास्त्र में स्नातक और आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन की पढ़ाई करने वाले संतोष देसाई ने माइक्रोसॉफ्ट, यूनिलीवर, कोका-कोला और फिलिप्स जैसी वैश्विक कंपनियों के बोर्ड्स को भी मार्गदर्शन दिया है। वह देश-विदेश में व्याख्यान देने के लिए भी जाने जाते हैं। आज संतोष देसाई को भारतीय ब्रैंडिंग को नई दिशा देने वाले विचारक के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने व्यापार और संस्कृति के बीच सेतु बनाने का काम किया है।
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