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राहुल शॉ ने इंडिया टुडे ग्रुप को कहा अलविदा, जल्द निभा सकते हैं NDTV में अहम भूमिका
मीडिया इंडस्ट्री के वरिष्ठ कार्यकारी राहुल शॉ ने 13 साल से अधिक के लंबे और प्रभावशाली कार्यकाल के बाद इंडिया टुडे ग्रुप को छोड़ दिया है। 21 जून 2025 को ग्रुप में उनका आखिरी कार्य दिवस था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
मीडिया इंडस्ट्री के वरिष्ठ कार्यकारी राहुल शॉ ने 13 साल से अधिक के लंबे और प्रभावशाली कार्यकाल के बाद इंडिया टुडे ग्रुप को छोड़ दिया है। 21 जून 2025 को ग्रुप में उनका आखिरी कार्य दिवस था।
'समाचार4मीडिया' को मिली जानकारी के मुताबिक, शॉ जल्द ही NDTV में एक प्रमुख लीडरशिप भूमिका में शामिल हो सकते हैं। उनके इस नई भूमिका की घोषणा अगले एक-दो दिनों में होने की संभावना है।
राहुल शॉ को 15 मई 2025 को ITG में ‘हेड ऑफ स्टेज’ नियुक्त किया गया था। उससे ठीक एक दिन पहले, 14 मई को उन्होंने TV टुडे नेटवर्क लिमिटेड में टेलीविजन व रेडियो के CEO पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे ग्रुप के ब्रॉडकास्ट लीडरशिप के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हुआ।
एक अनुभवी मीडिया पेशेवर के तौर पर शॉ ने टेलीविजन और रेडियो कारोबार में इनोवेशन और ग्रोथ को गति देने में निर्णायक भूमिका निभाई। आजतक, इंडिया टुडे टीवी और इश्क़ FM जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड्स पर उनके नेतृत्व की छाप स्पष्ट रही है।
पिछले 30 दिनों में, शॉ का पूरा फोकस ‘स्टेज आजतक’ पर केंद्रित हो गया था, जो ग्रुप की अनुभवात्मक कंटेंट पेशकश की एक महत्वाकांक्षी पहल है। उनके नेतृत्व में मंच ने यो यो हनी सिंह के साथ 10 शहरों का देशव्यापी टूर जैसे हाई-इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स को शुरू किया, जिसमें म्यूजिक, पॉप-कल्चर और कन्वर्सेशन को लाइव फॉर्मेट में जोड़ा गया।
लंबी अवधि की रणनीति को ध्यान में रखते हुए, शॉ डिजिटल और ऑन-ग्राउंड अनुभवों के एकीकरण को गति दे रहे थे, जिससे ‘स्टेज आज तक’ को मनोरंजन, जुड़ाव और कहानी कहने के संगम के रूप में स्थापित किया जा सके।
एक महीने पहले अपने लिंक्डइन पोस्ट में, शॉ ने डिजिटल युग में टेलीविजन की ताकत पर प्रकाश डालते हुए लिखा था, “आज के बदलते मीडिया परिदृश्य में, जहां डिजिटल को नवाचार के लिए जाना जाता है, वहीं टीवी अब भी पहुंच और प्रभाव के मामले में बेजोड़ है। हर प्लेटफॉर्म का ब्रैंड्स से जुड़ने का तरीका अलग है, और हमें ब्रॉडकास्टर्स के तौर पर अपनी सेल्स स्ट्रैटजीज को उसी के अनुसार ढालना होगा। टीवी में क्लासिक ऐड ब्रेक्स, टिकर बैंड्स और लाइव विजुअल्स में एकीकृत ब्रैंडेड एलिमेंट्स जैसे फॉर्मेट्स के जरिए हाई-इम्पैक्ट और बार-बार दिखने वाला विज्ञापन सबसे अच्छा काम करता है। वहीं डिजिटल में सूक्ष्मता जरूरी है। आज की सबसे प्रभावी ब्रैंड इंटीग्रेशन वो होती है जो लगभग अदृश्य हो—कोई सॉफ्ट वॉइसओवर, टोपी या डायरी पर लोगो, या फिर ऐसा प्रोडक्ट प्लेसमेंट जो कंटेंट में सहज रूप से घुल जाए। दर्शक प्रामाणिकता की अपेक्षा रखते हैं और जो चीजें उन्हें बाधित करती हैं, उसे वे तुरंत स्किप कर देते हैं। असली अवसर इन दोनों दृष्टिकोणों के सम्मिलन में है। टीवी डिजिटल की ऑर्गेनिक इंटीग्रेशन से सीख सकता है और डिजिटल जब जरूरी हो, तो बोल्ड प्लेसमेंट्स अपना सकता है। राजस्व वृद्धि का भविष्य इन्हीं दोनों माध्यमों की श्रेष्ठताओं के सम्मिलन में है- इनोवेशन करते हुए मूल ताकत को न खोना।”
राहुल शॉ का इंडस्ट्री में अनुभव और प्रभाव NDTV या किसी भी उस संस्थान के लिए बड़ा संपत्ति होगा जिसमें वे शामिल होंगे—क्योंकि उन्हें क्लाइंट, एजेंसियों, ब्रैंड इकोसिस्टम और टीवी, डिजिटल और अनुभवात्मक माध्यमों की गहरी समझ है।
इस मामले को लेकर हमारी सहयोगी वेबसाइट 'एक्सचेज4मीडिया' ने शॉ से संपर्क साधा, लेकिन अभी तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।
इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से एक आंतरिक कम्युनिकेशन में कहा गया, “राहुल ने हमारे टेलीविजन व्यवसाय में एक मूल्यवान योगदान दिया है, उन्होंने विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर राजस्व वृद्धि को प्रेरित किया और ब्रॉडकास्ट डोमेन में ग्रुप की सफलता में अहम भूमिका निभाई। हाल ही में, वे 'स्टेज आजतक' की शुरुआत में भी बेहद प्रभावशाली रहे। हम उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हैं और भविष्य की योजनाओं के लिए उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।”
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