पाक पत्रकार ने बताया सुषमा स्वराज का वो मिठाई वाला किस्सा

वर्ष 1999 में सुषमा स्वराज की लाहौर यात्रा से जुड़ा वह संस्मरण भी साझा किया, जब मिठाई वाले ने पैसे लेने से कर दिया था इनकार

पंकज शर्मा by
Published - Thursday, 08 August, 2019
Last Modified:
Thursday, 08 August, 2019
Sushma Swaraj


पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से पाकिस्तान में उनके चाहने वाले भी काफी दुखी हैं। इनमें कई पत्रकार भी शामिल हैं। पाकिस्तानी पत्रकार मारवी सरमद ने तो उन्हें लाहौर की बेटी तक कह दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सुषमा स्वराज के साथ अपने बेहतर संबंधों के बारे में भी बताया है।

उन्होंने सुषमा स्वराज की लाहौर यात्रा के दौरान की उस घटना के बारे में भी बताया है, जब दुकानदार ने उनसे मिठाई के पैसे लेने से इनकार कर दिया था। दुकानदार का कहना था कि लाहौर वाले अपनी बेटियों से पैसा नहीं लेते हैं। बता दें कि सुषमा स्वराज के माता-पिता पाकिस्तान के लाहौर के धर्मपुर से थे, बाद में वे हरियाणा में आकर बस गए थे।

सुषमा स्वराज से जुड़ी यादों को लेकर वेबसाइट ‘द क्विंट’ (The Quint) में छपे मारवी सरमद के आर्टिकल को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं।  

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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Cash Ur Drive ने FY26 में दर्ज की मजबूत वित्तीय बढ़त

Cash Ur Drive Marketing Limited ने FY26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। Transit Media कारोबार और EV charging infrastructure में विस्तार के चलते आय में तेज बढ़ोतरी हुई।

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Published - Friday, 29 May, 2026
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Friday, 29 May, 2026
cashyourdrive

Cash Ur Drive Marketing Limited ने FY26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की आय और मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसका मुख्य कारण transit media कारोबार में तेज वृद्धि और EV charging infrastructure सेक्टर में विस्तार रहा।

कंपनी की परिचालन आय FY26 की दूसरी छमाही में बढ़कर ₹108.79 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹75.70 करोड़ के मुकाबले 43.72% ज्यादा है। इसी दौरान EBITDA 86.06% बढ़कर ₹20.02 करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग दोगुना होकर ₹18.52 करोड़ पहुंच गया।

पूरे FY26 की बात करें तो कंपनी की परिचालन आय ₹186.67 करोड़ रही, जबकि FY25 में यह ₹139.32 करोड़ थी। यानी कंपनी ने सालाना आधार पर करीब 34% की बढ़त दर्ज की। EBITDA बढ़कर ₹33.56 करोड़ हो गया और शुद्ध मुनाफा 64.98% बढ़कर ₹29.40 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी के EBITDA margin और net profit margin में भी सुधार देखने को मिला। कंपनी के प्रतिनिधि रघु खन्ना (Raghu Khanna) ने FY26 को कंपनी के लिए “transformational year” बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, रणनीतिक विस्तार और दीर्घकालिक योजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने कंपनी को नई मजबूती दी है।

FY26 के दौरान कंपनी ने EV और urban mobility कारोबार में भी निवेश बढ़ाया। Cash Ur Drive ने Kolkata Call Taxi Private Limited में करीब 19.06% हिस्सेदारी और Charj Karo Greentech Mobility Private Limited में 50% हिस्सेदारी खरीदी। साथ ही ऋषिकेश नगर निगम से 10 EV charging stations लगाने के लिए 10 साल की concession भी हासिल की।

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मुंबई में 30 मई को सजेगा ‘BW Festival of Wellbeing 2026’ का मंच, जुटेंगे दिग्गज

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रसिद्ध अभिनेत्री ऋषिता भट्ट और 'बिजनेसवर्ल्ड' समूह के चेयरमैन और 'एक्सचेंज4मीडिया' समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा के बीच होने वाली खास बातचीत होगी।

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Published - Friday, 29 May, 2026
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Friday, 29 May, 2026
BW Wellbeing

मुंबई में 30 मई को ‘BW Festival of Wellbeing’ के पांचवें संस्करण का आयोजन किया जाएगा। ‘Wellbeing 5.0: The Evolution of Human Flourishing | Pause, Reconnect, Flourish’ थीम पर आधारित यह खास आयोजन वेलनेस, आध्यात्म, मानसिक संतुलन और आधुनिक जीवनशैली के बीच बेहतर तालमेल को केंद्र में रखकर अंधेरी स्थित Novotel होटल में आयोजित किया जाएगा।

BW Businessworld की इस विशेष पहल का उद्देश्य ऐसा समावेशी मंच तैयार करना है, जहां लोग शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझ सकें और संतुलित व खुशहाल जीवन की दिशा में आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम में देशभर से विशेषज्ञ, आध्यात्मिक गुरु, चिकित्सक, कलाकार और वेलनेस इंडस्ट्री से जुड़े कई प्रतिष्ठित चेहरे हिस्सा लेंगे।

इस पूरे दिन चलने वाले आयोजन में पैनल डिस्कशन, प्रेरणादायक कीनोट सेशन, इंटरैक्टिव एक्टिविटीज और प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत ISKCON साउथ मुंबई के संयोजक, आध्यात्मिक सलाहकार और लेखक एच.जी. नित्यानंद चरण दास के विशेष संबोधन से होगी। उनका सत्र ‘इनर इंटेलिजेंस’ यानी आंतरिक चेतना और आत्म-संतुलन पर आधारित होगा। वे आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच आत्म-जागरूकता, भावनात्मक मजबूती और मानसिक संतुलन की अहमियत पर प्रकाश डालेंगे।

इसके बाद ट्रॉमा-इन्फॉर्म्ड थैरेपिस्ट और ‘Centre for Healing & Sacred Arts’ की संस्थापक जिया नाथ हीलिंग से जुड़ा विशेष सत्र लेंगी। इस इंटरैक्टिव सेशन में प्रतिभागियों को शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करने तथा तनाव से राहत पाने के सरल तरीकों के बारे में बताया जाएगा।

आयोजन में साउंड हीलिंग का भी खास अनुभव मिलेगा। होर्मज्द और उनकी टीम हीलिंग फ्रीक्वेंसी, संगीत और मेडिटेटिव साउंडस्केप्स के जरिए प्रतिभागियों को गहरे मानसिक सुकून और आंतरिक शांति का अनुभव कराएंगे। इसके अलावा होम्योपैथी, ऊर्जा चिकित्सा, टैरो, ज्योतिष और न्यूमरोलॉजी जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें प्राचीन ज्ञान और आधुनिक जीवनशैली के बीच संबंधों को समझाया जाएगा।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रसिद्ध अभिनेत्री ऋषिता भट्ट और 'बिजनेसवर्ल्ड' समूह के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और 'एक्सचेंज4मीडिया' समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा के बीच होने वाली खास बातचीत होगी। इस संवाद में सार्वजनिक जीवन, सफलता और मानसिक संतुलन के बीच तालमेल पर चर्चा की जाएगी।

दिन का समापन संगीत और हीलिंग के अनूठे संगम के साथ होगा। प्रसिद्ध सिंगर, कंपोजर और लाइव परफॉर्मर शिबानी कश्यप ‘Healing through Harmony’ सेशन में संगीत के जरिए सकारात्मक ऊर्जा और सुकून का अनुभव कराएंगी। उनके बाद सिंगर, वॉइस कोच और हीलर सुश्री शुभांगी अपनी प्रस्तुति देंगी।

इस दौरान ‘Wellbeing 5.0 Awards’ भी प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों के जरिए उन व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समग्र विकास, भावनात्मक मजबूती, मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक कार्य संस्कृति और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

अवार्ड्स की प्रमुख श्रेणियों में ‘Emerging Leaders Under 40’, ‘Leaders 40 & Above’ और ‘Institutional Excellence in Wellbeing’ शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, यह समारोह उन लोगों और संस्थाओं को सम्मानित करेगा जो आधुनिक विज्ञान, तकनीक और प्राचीन ज्ञान को साथ लेकर वेलनेस की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं।

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CNN ने Perplexity के खिलाफ दाखिल किया कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CNN ने अदालत में दाखिल शिकायत में कहा है कि Perplexity ने उसके कंटेंट की नकल कर ऐसा कंटेंट तैयार किया, जो मूल सामग्री से ‘एकदम समान या काफी हद तक मिलता-जुलता’ है।

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Published - Friday, 29 May, 2026
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Friday, 29 May, 2026
CNN News Network

जाने-माने अमेरिकी न्यूज नेटवर्क CNN ने AI आधारित सर्च और आंसर प्लेटफॉर्म Perplexity के खिलाफ न्यूयॉर्क की अदालत में मुकदमा दायर किया है। CNN का आरोप है कि Perplexity ने उसकी खबरों, वीडियो और तस्वीरों का बिना अनुमति अपने AI प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने में इस्तेमाल किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CNN ने अदालत में दाखिल शिकायत में कहा है कि Perplexity ने उसके कंटेंट की नकल कर ऐसा कंटेंट तैयार किया, जो मूल सामग्री से ‘एकदम समान या काफी हद तक मिलता-जुलता’ है। CNN का कहना है कि यह उसके बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन है और इससे मूल पत्रकारिता की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है।

CNN ने अदालत से मांग की है कि Perplexity को उसके कॉपीराइट कंटेंट के इस्तेमाल से रोका जाए। साथ ही कंपनी से मुआवजे की भी मांग की गई है। CNN का कहना है कि न्यूज संस्थानों द्वारा तैयार किए गए कंटेंट से AI कंपनियों को बिना अनुमति मुनाफा कमाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

CNN ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की गतिविधियां पत्रकारिता के मूल ढांचे और रिपोर्टिंग पर होने वाले निवेश के लिए खतरा पैदा करती हैं। कंपनी का मानना है कि यदि AI प्लेटफॉर्म बिना अनुमति न्यूज कंटेंट का इस्तेमाल करते रहेंगे, तो इससे ओरिजिनल पत्रकारिता और खबरें जुटाने की प्रक्रिया प्रभावित होगी।

वहीं, रॉयटर्स (Reuters) की रिपोर्ट के अनुसार Perplexity के प्रवक्ता Jesse Dwyer ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘तथ्यों पर कॉपीराइट नहीं हो सकता।’

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ZEE5 में अपूर्वा मेहंदीरत्ता को बड़ी जिम्मेदारी, बनीं वाइस प्रेजिडेंट-मार्केटिंग

इससे पहले वह कंपनी में डायरेक्टर (मार्केटिंग) के पद पर कार्यरत थीं। नई भूमिका में वह हिंदी और मराठी कंटेंट की मार्केटिंग के साथ-साथ प्लेटफॉर्म के कंटेंट ब्रैंड डेवलपमेंट की जिम्मेदारी संभालेंगी।

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Apoorva Mehandiratta

ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 ने अपूर्वा मेहंदीरत्ता को प्रमोट करते हुए वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के पद पर नियुक्त किया है। इससे पहले वह कंपनी में डायरेक्टर (मार्केटिंग) के पद पर कार्यरत थीं। नई भूमिका में वह हिंदी और मराठी कंटेंट की मार्केटिंग के साथ-साथ प्लेटफॉर्म के कंटेंट ब्रैंड डेवलपमेंट की जिम्मेदारी संभालेंगी।

अपूर्वा मेहंदीरत्ता लंबे समय से एंटरटेनमेंट और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने ZEE5 के कई बड़े ओरिजिनल शो और एंटरटेनमेंट प्रॉपर्टीज की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में उन्हें एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।

ZEE5 से पहले अपूर्वा ALTBalaji में हेड ऑफ मार्केटिंग के तौर पर काम कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने वायकॉम18 मोशन पिक्चर्स (Viacom18 Motion Pictures) में फिल्म मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। वह स्टार इंडिया (Star India) के साथ भी जुड़ी रही हैं, जहां उन्होंने Channel V और हिंदी मूवी क्लस्टर, जिसमें Star Gold और Movies OK शामिल हैं, में काम किया।

अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर अपूर्वा मेहंदीरत्ता ने कहा कि अब तक का उनका सफर बेहद शानदार और सीख से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें मिले भरोसे और अवसरों ने उनके पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दर्शक सांस्कृतिक रूप से जुड़ी और प्रामाणिक स्टोरीज को पसंद कर रहे हैं, ऐसे में वह मजबूत ब्रैंड संवाद और दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव बनाने की दिशा में काम करने को लेकर उत्साहित हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार ब्रज मोहन सिंह ने संभाली न्यूज18 पंजाब-हरियाणा-हिमाचल की कमान

करीब दो दशक से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने एक बार फिर उस क्षेत्र में वापसी की है, जहां से उनके पत्रकारिता करियर की शुरुआत हुई थी।

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Published - Friday, 29 May, 2026
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Friday, 29 May, 2026
Braj Mohan Singh

वरिष्ठ पत्रकार ब्रज मोहन सिंह ने न्यूज18 पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में एडिटर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल ली है। करीब दो दशक से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने एक बार फिर उस क्षेत्र में वापसी की है, जहां से उनके पत्रकारिता करियर की शुरुआत हुई थी।

ब्रज मोहन सिंह ने खुद इस नई पारी की जानकारी लिंक्डइन पोस्ट के जरिए साझा की। उन्होंने इसे अपने पुराने “कर्म क्षेत्र” पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में “घर वापसी” बताया। इससे पहले वह पिछले पांच वर्षों से ज्यादा समय तक News18 बिहार-झारखंड से जुड़े रहे, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग और संपादकीय संचालन में अहम भूमिका निभाई।

ब्रज मोहन सिंह के पास प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया तीनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करने का लंबा अनुभव है। न्यूज18 से पहले वह करीब दो साल तक ईटीवी भारत (ETV Bharat) में रीजनल एडिटर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

इसके अलावा वह दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) के चंडीगढ़ एडिशन में रेजिडेंट एडिटर भी रहे, जहां उन्होंने करीब चार वर्षों तक काम किया। ब्रज मोहन सिंह राजस्थान पत्रिका समूह के तहत शुरू हुए पत्रिका टीवी (Patrika TV) के फाउंडिंग एडिटर भी रह चुके हैं।

उन्होंने पीटीसी न्यूज (PTC News) में भारत, अमेरिका और कनाडा में न्यूजरूम और रिपोर्टिंग टीमों का नेतृत्व किया। वहीं, वर्ष 2002 से 2010 तक वह एनडीटीवी (NDTV) से जुड़े रहे, जहां उन्होंने नॉर्थ इंडिया के ब्यूरो चीफ के तौर पर जिम्मेदारी निभाई।

ब्रज मोहन सिंह अपने करियर के शुरुआती दौर में वर्ष 1998 में गुजरात में एशियन एज (Asian Age) की संस्थापक टीम का भी हिस्सा भी रह चुके हैं।

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AI की पढ़ाई में बड़ा बदलाव: अब कॉलेजों में किताबों से ज्यादा होगा प्रैक्टिकल पर फोकस

केंद्र सरकार अब देश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की पढ़ाई को पूरी तरह नए तरीके से तैयार करने जा रही है।

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Published - Friday, 29 May, 2026
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Friday, 29 May, 2026
AshwiniVaishnav7845

केंद्र सरकार अब देश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की पढ़ाई को पूरी तरह नए तरीके से तैयार करने जा रही है। इसी को लेकर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में इंडस्ट्री के बड़े प्रतिनिधियों और AI Curriculum Taskforce के साथ एक हाई-लेवल बैठक की।

सरकार का फोकस अब सिर्फ थ्योरी पढ़ाने पर नहीं, बल्कि छात्रों को शुरुआत से ही इंडस्ट्री से जोड़ने और ज्यादा प्रैक्टिकल एक्सपोजर देने पर है। बैठक में कहा गया कि आने वाले समय में AI, Generative AI, Machine Learning और MLOps जैसी तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ेगी, इसलिए मौजूदा पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव जरूरी हैं।

टास्कफोर्स ने देश के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों और संस्थानों के B.Tech Computer Science और उससे जुड़े कोर्स का अध्ययन किया। यह काम इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और NASSCOM के सहयोग से किया गया। रिपोर्ट में माना गया कि AI की पढ़ाई बढ़ी है, लेकिन अभी भी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, आधुनिक लैब, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री एक्सपोजर की बड़ी कमी है।

बैठक में कई अहम सुझाव दिए गए। इनमें सबसे बड़ा फोकस “Application-Oriented Learning” पर रहा। यानी छात्रों को पहले सेमेस्टर से ही रियल इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स और यूज केस पर काम कराया जाएगा। इसके अलावा AI को कॉलेज के रेगुलर क्रेडिट सिस्टम में शामिल करने की बात भी कही गई।

सरकार चाहती है कि AI कोर्स में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का हिस्सा मौजूदा 25-30 फीसदी से बढ़ाकर 40-75 फीसदी तक किया जाए। इसके तहत छात्रों को Capstone Projects, AI Solution Engineering, Low-Code और No-Code Tools के जरिए ट्रेनिंग दी जाएगी।

बैठक में Responsible AI और AI Governance को भी काफी अहम माना गया। सुझाव दिया गया कि इसे अलग विषय बनाने के बजाय हर सेमेस्टर में पढ़ाया जाए, ताकि छात्र AI के जिम्मेदार इस्तेमाल को बेहतर तरीके से समझ सकें।

नई व्यवस्था में Multiple Entry-Exit Option पर भी जोर दिया गया। यानी छात्र पहले साल के बाद Certificate, दूसरे साल के बाद Diploma और तीसरे साल के बाद Advanced Diploma लेकर भी आगे बढ़ सकेंगे।

सरकार ने माना कि सिर्फ सिलेबस बदलने से काम नहीं चलेगा, इसलिए फैकल्टी ट्रेनिंग पर भी बड़ा फोकस रखा गया है। इसके तहत Train-the-Trainer Programs, नए कोर्स कंटेंट, मॉडर्न लैब और इंडस्ट्री टूल्स के साथ शिक्षकों को तैयार किया जाएगा। साथ ही इंडस्ट्री के अनुभवी प्रोफेशनल्स को Adjunct Faculty के तौर पर कॉलेजों में पढ़ाने के लिए जोड़ने की भी योजना है।

बैठक में देशभर के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज के लिए एक Shared AI Infrastructure बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया। इसमें सरकार, इंडस्ट्री और शैक्षणिक संस्थान मिलकर GPU Compute, Software Platforms और Edge Devices जैसी सुविधाएं साझा करेंगे, ताकि छोटे संस्थानों को भी आधुनिक AI संसाधन मिल सकें।

सरकार अब AICTE के साथ मिलकर इस नए AI Curriculum को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। साथ ही Non-STEM यानी गैर-तकनीकी छात्रों के लिए भी अलग AI Literacy Program तैयार करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि हर क्षेत्र के छात्र AI की बेसिक समझ हासिल कर सकें।

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'Media Mantra' में राहुल मेहता का कार्यकाल खत्म

इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशंस एजेंसी Media Mantra ने घोषणा की है कि राहुल मेहता (Rahul Mehta) अब कंपनी से जुड़े नहीं हैं। फिलहाल भारत प्रमुख की जिम्मेदारी संस्थापक उदित पाठक (Udit Pathak) संभालेंगे।

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Published - Thursday, 28 May, 2026
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Thursday, 28 May, 2026
mediamantra

इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशंस एजेंसी Media Mantra ने घोषणा की है कि राहुल मेहता (Rahul Mehta) अब कंपनी के साथ जुड़े नहीं हैं। इसकी जानकारी कंपनी के संस्थापक उदित पाठक (Udit Pathak) ने LinkedIn पोस्ट के जरिए साझा की।

उदित पाठक ने लिखा कि कंपनी ने अब तक इस बदलाव की औपचारिक घोषणा नहीं की थी, लेकिन अब इंडस्ट्री को इसकी जानकारी देना जरूरी समझा गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल भारत प्रमुख (India CEO) का पद खाली रहेगा और अंतरिम तौर पर वही इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे।

पाठक ने कहा कि कंपनी जल्दबाजी में किसी नए प्रमुख की नियुक्ति नहीं करेगी। Media Mantra फिलहाल ऐसे नेतृत्व की तलाश पर ध्यान दे रही है, जो कंपनी की दीर्घकालिक सोच और आने वाले वर्षों की विस्तार योजनाओं के अनुरूप हो।

उन्होंने कहा कि कम्युनिकेशन इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में अगले दो से तीन साल कंपनी के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। Media Mantra अपने सफर और भविष्य की संभावनाओं को लेकर काफी सकारात्मक है।

इधर, घोषणा के कुछ देर बाद राहुल मेहता ने भी LinkedIn पर एक रहस्यमयी पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, “Please wait and watch for an announcement and update of something exciting coming soon.” इसके बाद इंडस्ट्री में उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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जियोस्टार को अलविदा बोलकर ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ से जुड़ीं स्नेहा यादव

स्नेहा यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि नई भूमिका में आए उन्हें करीब डेढ़ महीना हो चुका है और अब उन्होंने इसे आधिकारिक तौर पर साझा करने का फैसला किया है।

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Published - Thursday, 28 May, 2026
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Thursday, 28 May, 2026
Sneha Yadav

मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की अनुभवी प्रोफेशनल स्नेहा यादव ने जियोस्टार (JioStar) को बाय बोलकर अब सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) के नेटवर्क ब्रैंड सॉल्यूशंस डिवीजन में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने अपने नए सफर की जानकारी लिंक्डइन पोस्ट के जरिए साझा की।

स्नेहा यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि नई भूमिका में आए उन्हें करीब डेढ़ महीना हो चुका है और अब उन्होंने इसे आधिकारिक तौर पर साझा करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि जियोस्टार में उनका सफर बेहद शानदार रहा, जहां उन्हें बड़े आइडियाज, हाई-इम्पैक्ट लॉन्च, यादगार शोज और चुनौतीपूर्ण डेडलाइंस पर काम करने का मौका मिला।

उन्होंने जियोस्टार टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वहां से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। साथ ही उन्होंने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया में अपनी नई पारी को लेकर उत्साह भी जताया।

स्नेहा यादव के पास मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इंडस्ट्री में उन्हें ब्रैंड स्ट्रैटेजी, कंटेंट इंटीग्रेशन और नेटवर्क सॉल्यूशंस की अच्छी समझ रखने वाली प्रोफेशनल के तौर पर देखा जाता है।

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जागरण न्यू मीडिया से टाइम्स इंटरनेट पहुंचीं रुपसा भद्र, बनीं ‘Pregatips’ की एडिटर

डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री की जानी-मानी कंटेंट प्रोफेशनल रूपसा भद्र ने ‘टाइम्स इंटरनेट’ (Times Internet) के साथ नई पारी शुरू की है।

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Published - Thursday, 28 May, 2026
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Thursday, 28 May, 2026
Rupsa Bhadra

डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री की जानी-मानी कंटेंट प्रोफेशनल रूपसा भद्र ने ‘टाइम्स इंटरनेट’ (Times Internet) के साथ नई पारी शुरू की है। उन्होंने कंपनी के प्रेग्नेंसी और पैरेंटिंग फोकस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘Pregatips’ में बतौर एडिटर जॉइन किया है। इसकी जानकारी उन्होंने खुद लिंक्डइन पोस्ट के जरिए साझा की। अपनी पोस्ट में रूपसा भद्र का कहना है कि वह ‘Pregatips’ को आगे बढ़ाने और नए स्तर पर ले जाने को लेकर उत्साहित हैं।

रूपसा भद्र इससे पहले करीब चार वर्षों तक जागरण न्यू मीडिया के साथ जुड़ी रही थीं। यहां उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। फरवरी 2024 से मई 2026 तक वह ‘मैनेजर’ के पद पर रहीं। इस दौरान उन्होंने इमर्सिव स्टोरीज, वीडियो प्रोजेक्ट्स और ‘HerZindagi’ के लिए कम्युनिटी बिल्डिंग जैसे कई अहम प्रोजेक्ट्स पर काम किया। इससे पहले वह यहां सीनियर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर की भूमिका में भी कार्यरत थीं।

अपनी पोस्ट में रूपसा भद्र ने जागरण न्यू मीडिया छोड़ने के दौरान अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और AI ओवरव्यू तथा ‘Zero-click Search’ जैसे बदलाव ऑडियंस बिहेवियर और मीडिया बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने इसे अपने करियर का अहम सीखने वाला दौर बताया।

रूपसा भद्र को डिजिटल कंटेंट, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग का लंबा अनुभव है। वह ‘द क्विंट’ (The Quint), ‘सीएनएन-न्यूज18’ (CNN-News18), ‘इंडिया अहेड’ (India Ahead) और ‘मास स्टूडियोज’ (MASS Studios) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी काम कर चुकी हैं। इसके अलावा वह ‘कोलकाता ब्लॉगर्स’ (Kolkata Bloggers) और ‘द टेलिग्राफ’ (The Telegraph) से भी जुड़ी रही हैं।

उन्होंने चेन्नई स्थित एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है, जबकि जादवपुर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस एंड अफेयर्स में स्नातक की पढ़ाई की है।

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ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार की बड़ी जीत: जानिए SC के फैसले के पीछे कौन हैं एन. वेंकटरमण?

कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमण ने बेहद आक्रामक तरीके से पैरवी की।

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Published - Thursday, 28 May, 2026
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Thursday, 28 May, 2026
ASGNVenkataraman

इमरान फ़ज़ल, असिसटेंट एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।

पिछले कुछ सालों से भारत की रियल मनी गेमिंग इंडस्ट्री एक बड़ी कानूनी लड़ाई लड़ रही थी। इंडस्ट्री का कहना था कि भारी GST और सख्त नियमों से ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों का पूरा बिजनेस मॉडल खतरे में पड़ सकता है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के दो बड़े फैसलों ने इस सेक्टर की दिशा ही बदल दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु और कर्नाटक के उन कानूनों को सही ठहराया, जिनमें पैसे लगाकर खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम्स पर रोक और रेगुलेशन की व्यवस्था की गई है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर किसी गेम में पैसे का दांव लगाया जा रहा है, तो राज्य सरकारें उस पर नियंत्रण या प्रतिबंध लगा सकती हैं, भले ही वह स्किल बेस्ड गेम ही क्यों न हो।

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने मद्रास और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन फैसलों को पलट दिया, जिनमें इन कानूनों के कुछ हिस्सों को रद्द कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “बेटिंग और गैंबलिंग” यानी सट्टेबाजी और जुए की संवैधानिक परिभाषा को सिर्फ किस्मत वाले खेलों तक सीमित नहीं किया जा सकता। कोर्ट के मुताबिक, जैसे ही किसी खेल में पैसे लगते हैं, वहां जुए का तत्व जुड़ जाता है, फिर यह मायने नहीं रखता कि खेल स्किल का है या चांस का।

कोर्ट ने कहा, “जब पैसे दांव पर लगते हैं, तो खेल की प्रकृति कम महत्वपूर्ण हो जाती है। लालच, लत और ज्यादा कमाने की चाह मुख्य मुद्दा बन जाते हैं।”

यह फैसला ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के लिए इसलिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि कंपनियां अब तक पुराने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देकर यह तर्क देती रही थीं कि स्किल गेम्स को जुए की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि राज्य सरकारों को ऐसे गेम्स को रेगुलेट या बैन करने का पूरा अधिकार है, अगर उनमें पैसे का दांव शामिल हो।

इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये के GST मामले में भी सरकार के पक्ष को मजबूती दी। वहीं, कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमण ने बेहद आक्रामक तरीके से पैरवी की। 

दरअसल, कोर्ट में सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या स्किल बेस्ड गेम्स, यानी कौशल आधारित खेल, पैसे लगने के बाद भी सिर्फ गेम माने जाएंगे या फिर उन्हें जुए की श्रेणी में रखा जाएगा। सरकार की ओर से वेंकटरमण ने साफ कहा कि जैसे ही किसी खेल में पैसे का दांव लगता है, उसका कानूनी स्वरूप बदल जाता है।

उन्होंने कोर्ट में “जुए के सात सूत्र” पेश किए। उनका तर्क था कि जुआ बिना दांव के हो ही नहीं सकता और अगर किसी खेल में पैसे लगाए जा रहे हैं, तो फिर यह मायने नहीं रखता कि वह स्किल का खेल है या किस्मत का। उनके मुताबिक, स्किल गेम्स अपने आप में जुआ नहीं हैं, लेकिन जब उन पर पैसे लगाए जाते हैं तो वह जुए की श्रेणी में आ जाते हैं।

सुनवाई के दौरान वेंकटरमण ने फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर मेसी खुद इस बात पर दांव लगाएं कि वह मैच में चार गोल करेंगे, तब भी यह जुआ ही माना जाएगा क्योंकि नतीजा अनिश्चित है। इसी तरह उन्होंने घुड़दौड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही यह स्किल गेम माना जाता हो, लेकिन इस पर दांव लगाना जुआ ही है।

कोर्ट में उनका एक बयान काफी चर्चा में रहा- “पासे का खेल आखिरकार बुराइयों के खेल तक पहुंचता है।” इस लाइन के जरिए सरकार ने ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग को सिर्फ तकनीकी प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक जोखिम के तौर पर पेश करने की कोशिश की।

वेंकटरमण ने गेमिंग कंपनियों के उस तर्क को भी चुनौती दी, जिसमें कंपनियां खुद को सिर्फ टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बताती थीं। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां सिर्फ खिलाड़ियों को जोड़ने का काम नहीं करतीं, बल्कि पैसे के पूरे लेनदेन, प्राइज वितरण और नियम तय करने में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

GST को लेकर भी सरकार ने साफ किया कि टैक्स कानून स्किल और चांस गेम्स में कोई फर्क नहीं करता। सरकार का कहना था कि यहां मुद्दा जुए का नहीं, बल्कि पैसे लगाकर खेले जाने वाले गेम्स पर टैक्स का है। सुप्रीम कोर्ट ने अब सरकार की इसी व्याख्या को सही माना है।

इस फैसले के बाद ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर टैक्स और नियमों का दबाव और बढ़ सकता है। इंडस्ट्री पहले ही बढ़े हुए GST, निवेशकों की चिंता और बढ़ती लागत से जूझ रही है। वहीं कानूनी हलकों में इस फैसले को एन. वेंकटरमण की बड़ी जीत माना जा रहा है, जिन्होंने कोर्ट में सरकार का पक्ष बेहद रणनीतिक तरीके से रखा।

 

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