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जारी हुआ प्रसार भारती का नया लोगो, पीछे छिपे हैं गहरे अर्थ
देश के पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती का नया लोगो (प्रतीक-चिह्न) जारी किया गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
देश के पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती का नया लोगो (प्रतीक-चिह्न) जारी किया गया है। यह नया लोगो सूचना-प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने 11 जुलाई को जारी किया।
इस मौके पर प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मयंक कुमार अग्रवाल; प्रसार भारती के सदस्य (वित्त एवं कार्मिक) डीपीएस नेगी के अतिरिक्त सूचना-प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नए लोगो के अनावरण के अवसर पर प्रसार भारती के सदस्य (वित्त एवं कार्मिक) डीपीएस नेगी ने कहा कि पहले वाले फॉर्मेट में, प्रसार भारती का कॉर्पोरेट कार्यालय, आकाशवाणी और दूरदर्शन, दोनों के लोगो का इस्तेमाल करता था, जिसके दो तरफ ‘प्रसार भारती’ अंकित होता था। साथ ही, इसके मध्य में भारतीय प्रतीक होता था। आकाशवाणी और दूरदर्शन, दोनों की अस्मिता से प्रेरित होकर प्रसार भारती के नए लोगो में आकाशवाणी व दूरदर्शन, दोनों की अस्मिताओं को मिलाकर प्रतीक बनाया गया है। इसमें न केवल उनकी दृश्यात्मक पहचान के तत्वों को शामिल किया गया है, बल्कि उनके रंग संयोजन को भी अपनाया गया है, ताकि पब्लिक ब्रॉडकास्टर के रूप में प्रसार भारती की अस्मिता पूर्णता को प्राप्त हो सके।
अतीत में संगठन की शुरुआत आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) के रूप में हुई थी। उसके बाद दूरदर्शन (डीडी) अस्तित्व में आया, ताकि टेलीविजन सेवाओं की पूर्ति की जा सके। आगे चलकर अंततः वह संसद में पारित एक अधिनियम के जरिये प्रसार भारती (पीबी) के रूप में अस्तित्व में आया, जिसे प्रसार भारती के लोगो में केन्द्र से उभरकर क्रमिक रूप से विकसित होते हुए दर्शाया गया है।
प्रसार भारती का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और उसे संसद में पारित अधिनियम के जरिये एक वैधानिक स्वायत्तशासी संस्था के रूप में स्थापित किया गया है। इसमें दूरदर्शन टेलीविजन नेटवर्क और आकाशवाणी का समावेश किया गया है, जो पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की मीडिया इकाइयां हुआ करती थीं।
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