MIB ने प्रसार भारती में इंजीनियरिंग भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट किया जारी, मांगी राय

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रसार भारती के तहत आने वाले Civil Construction Wing इंजीनियरिंग कैडर के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया है

Vikas Saxena by
Published - Friday, 26 June, 2026
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Friday, 26 June, 2026
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक अहम सर्कुलर जारी किया है जिसमें बताया गया है कि प्रसार भारती के तहत आने वाले Civil Construction Wing (CCW) इंजीनियरिंग कैडर के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया गया है।

यह ड्राफ्ट इसलिए जारी किया गया है ताकि सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स यानी विभाग, अधिकारी और अन्य हितधारक इस पर अपनी राय और सुझाव दे सकें। सरकार ने इसके लिए 30 दिन का समय दिया है।

सर्कुलर के मुताबिक, यह प्रक्रिया कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के नियमों के तहत की जा रही है, जिसके अनुसार किसी भी भर्ती नियम को अंतिम रूप देने से पहले उसे सार्वजनिक रूप से वेबसाइट पर डालकर सुझाव मांगे जाते हैं।

Prasar Bharati ने पहले ही इस ड्राफ्ट नियमों को जारी कर दिया है और अब सभी हितधारकों से कहा गया है कि वे अपने सुझाव सीधे Prasar Bharati को ईमेल के जरिए भेजें। साथ ही एक कॉपी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी भेजनी होगी।

इस नए ड्राफ्ट में Group ‘A’ इंजीनियरिंग पदों जैसे Chief Engineer, Superintending Engineer, Executive Engineer आदि के लिए भर्ती प्रक्रिया, योग्यता, प्रमोशन और डेपुटेशन नियमों को अपडेट किया गया है।

इन पदों पर भर्ती मुख्य रूप से प्रमोशन और डेपुटेशन के जरिए होगी। इसके लिए संबंधित इंजीनियरिंग डिग्री, अनुभव और सेवा अवधि जैसे मानदंड तय किए गए हैं। कई पदों पर 5 से 16 साल तक का अनुभव अनिवार्य किया गया है।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पूर्व सैनिक और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए जो छूट और आरक्षण नियम पहले से लागू हैं, वे आगे भी जारी रहेंगे।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य प्रसार भारती की इंजीनियरिंग सेवाओं को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और अपडेटेड बनाना है, ताकि भविष्य में तकनीकी कामकाज बेहतर तरीके से किया जा सके।

अब सभी स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मिलने के बाद इस ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा और फिर इसे गजट में प्रकाशित कर लागू किया जाएगा।

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Bodhi Tree Multimedia को मिला सरकारी टास्क, असम का अपना OTT प्लेटफॉर्म करेगी तैयार

बोधीट्री मल्टीमीडिया (Bodhi Tree Multimedia Limited) को असम सरकार से एक बड़ा स्ट्रैटेजिक मैन्डेट मिला है

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 26 June, 2026
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Friday, 26 June, 2026
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बोधीट्री मल्टीमीडिया (Bodhi Tree Multimedia Limited) को असम सरकार से एक बड़ा स्ट्रैटेजिक मैन्डेट मिला है। इसके तहत कंपनी अब राज्य के ऑफिशियल डिजिटल कंटेंट प्लेटफॉर्म को तैयार करेगी, लॉन्च करेगी और लंबे समय तक उसका मैनेजमेंट भी संभालेगी।

इस प्रोजेक्ट के साथ कंपनी का फोकस सिर्फ कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब वह एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मीडिया प्लेटफॉर्म कंपनी के रूप में आगे बढ़ेगी। इस प्लेटफॉर्म पर असम की संस्कृति, एंटरटेनमेंट, लोकल कंटेंट, फिल्में, संगीत, लाइव इवेंट्स और क्रिएटर-आधारित स्टोरीटेलिंग को जगह दी जाएगी।

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मोबाइल, वेब और स्मार्ट टीवी जैसे सभी माध्यमों पर उपलब्ध होगा, ताकि असमिया कंटेंट को देश और दुनिया के दर्शकों तक आसानी से पहुंचाया जा सके।

Bodhi Tree Multimedia Limited इस पूरे प्लेटफॉर्म का टेक्निकल डेवलपमेंट, कंटेंट स्ट्रैटेजी, सब्सक्रिप्शन सिस्टम, मोनेटाइजेशन मॉडल और ऑपरेशनल मैनेजमेंट संभालेगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम उसके बिजनेस मॉडल को बदलकर उसे प्लेटफॉर्म-बेस्ड रेवेन्यू की ओर ले जाएगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट में आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें Google Cloud इंफ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क और Kubernetes आधारित सिस्टम शामिल होगा, जिससे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को स्मूद एक्सपीरियंस मिल सके।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मौतिक टोलिया ने कहा कि मीडिया कंपनियों का भविष्य सिर्फ कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब वे डिजिटल इकोसिस्टम बनाने वाली कंपनियां बन रही हैं। उनके मुताबिक असम सरकार की यह पहल क्षेत्रीय संस्कृति को डिजिटल दुनिया में मजबूत पहचान दिलाने का बड़ा मौका है।

यह प्रोजेक्ट अभी एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है और अब इसका फोकस ब्रांडिंग, कंटेंट ऑनबोर्डिंग और सिस्टम डेवलपमेंट पर है।

कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे भारत में क्षेत्रीय कंटेंट की डिमांड बढ़ रही है, ऐसे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म आने वाले समय में दूसरे राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकते हैं।

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Zee Media: विदेशी निवेशकों को 14 करोड़ कनवर्टिवल वारंट्स अलॉट, ₹119 करोड़ का फंडिंग प्लान

Zee Media Corporation Limited ने शेयर बाजार को बताया है कि कंपनी ने 14 करोड़ (14,00,00,000) पूरी तरह से शेयर में बदले जा सकने वाले वारंट (fully convertible warrants) जारी कर दिए हैं।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 26 June, 2026
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Friday, 26 June, 2026
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जी मीडिया (Zee Media Corporation Limited) ने शेयर बाजार को बताया है कि कंपनी ने 14 करोड़ (14,00,00,000) पूरी तरह से शेयर में बदले जा सकने वाले वारंट (fully convertible warrants) जारी कर दिए हैं। यह पूरा इश्यू प्रेफरेंशियल बेसिस पर पब्लिक कैटेगरी के विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign Portfolio Investors – FPI) को जारी किया गया है।

कंपनी ने बताया कि यह पूरा फंडिंग इश्यू करीब ₹119 करोड़ का है और प्रति वारंट कीमत ₹8.50 तय की गई है। इस अलॉटमेंट के तहत कंपनी को पहले चरण में 25% राशि यानी लगभग ₹29.75 करोड़ मिल चुके हैं।

यह वारंट तीन विदेशी निवेशकों को जारी किए गए हैं, जिनमें Magnifica Global Opportunities VCC-MGO High Conviction Fund, Minerva Ventures Fund और Sun India Opportunities Investing Fund (जो Sun Alpha Global VCC का सब-फंड है) शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार, हर वारंट को 18 महीनों के भीतर एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है। इसके लिए निवेशकों को बाकी 75% राशि का भुगतान करना होगा, जिसके बाद उन्हें कंपनी का एक इक्विटी शेयर (₹1 फेस वैल्यू) मिलेगा।

फिलहाल इस अलॉटमेंट के बाद कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बदलाव तभी होगा जब वारंट को शेयर में बदला जाएगा।

Zee Media Corporation Limited ने साफ किया है कि अगर निवेशक 18 महीने के भीतर अपने वारंट को शेयर में कन्वर्ट नहीं करते हैं, तो वे लैप्स हो जाएंगे और पहले से जमा राशि भी नियमों के अनुसार जब्त हो सकती है।

कंपनी का यह कदम फंड जुटाने और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।

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TV Today का बड़ा अलर्ट: 7 साल से अनक्लेम्ड डिविडेंड पर IEPF ट्रांसफर से पहले आखिरी मौका!

TV Today Network Limited ने अपने उन शेयरधारकों के लिए एक अहम सूचना जारी की है, जिन्होंने पिछले सात वर्षों से अपने डिविडेंड (लाभांश) का दावा नहीं किया है।

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Published - Friday, 26 June, 2026
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Friday, 26 June, 2026
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TV Today Network Limited ने अपने उन शेयरधारकों के लिए एक अहम सूचना जारी की है, जिन्होंने पिछले सात वर्षों से अपने डिविडेंड (लाभांश) का दावा नहीं किया है। कंपनी ने साफ कहा है कि अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर निवेशक अपना बकाया डिविडेंड क्लेम नहीं करते हैं, तो उनके शेयर और अनक्लेम्ड राशि को Investor Education and Protection Fund में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि 23 जून 2026 को ऐसे सभी शेयरधारकों को रिमाइंडर लेटर भेजे गए हैं, जिनका वित्त वर्ष 2018-19 का अंतिम डिविडेंड या 2019-20 का अंतरिम डिविडेंड अभी तक अनक्लेम्ड है और लगातार सात साल से कोई दावा नहीं किया गया है।

कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 से जुड़े अनक्लेम्ड डिविडेंड को क्लेम करने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 तय की गई है। वहीं, वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम डिविडेंड से जुड़े मामलों के लिए यह समयसीमा 21 नवंबर 2026 रखी गई है। अगर तय समय तक निवेशक दावा नहीं करते हैं, तो संबंधित शेयर IEPF अथॉरिटी के डीमैट खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

TV Today Network Limited ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक बार शेयर IEPF में ट्रांसफर हो जाने के बाद उन पर मिलने वाले सभी कॉरपोरेट लाभ भी उसी खाते में चले जाएंगे। साथ ही, इन शेयरों से जुड़े वोटिंग अधिकार भी तब तक फ्रीज रहेंगे, जब तक असली मालिक उन्हें IEPF प्रक्रिया के तहत वापस क्लेम नहीं कर लेता।

हालांकि, कंपनी ने यह भी बताया कि शेयरधारक चाहें तो IEPF में ट्रांसफर होने के बाद भी तय प्रक्रिया के तहत अपने शेयर और डिविडेंड वापस प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें IEPF-5 फॉर्म के जरिए आवेदन करना होगा।

कंपनी ने प्रभावित निवेशकों से अपील की है कि वे समय रहते जरूरी दस्तावेज जमा करें और अपने अनक्लेम्ड डिविडेंड का दावा कर लें, ताकि उनके शेयर IEPF में ट्रांसफर होने से बच सकें।

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Prime Focus ने ESOP के तहत एम्प्लॉयीज को 5 लाख नए शेयर किए आवंटित

मीडिया व एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनी प्राइम फोकस ने अपने एम्प्लॉयीज द्वारा स्टॉक ऑप्शन के उपयोग (Exercise) के बाद ESOP योजना के तहत 5 लाख नए इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 26 June, 2026
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Friday, 26 June, 2026
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मीडिया व एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनी प्राइम फोकस लिमिटेड (Prime Focus Limited) ने अपने एम्प्लॉयीज द्वारा स्टॉक ऑप्शन के उपयोग (Exercise) के बाद ESOP योजना के तहत 5 लाख नए इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

कंपनी के अनुसार, 25 जून 2026 को बोर्ड की ESOP Compensation Committee ने एक सर्कुलर प्रस्ताव के जरिए PFL ESOP Scheme-2014 के तहत एम्प्लॉयीज द्वारा स्टॉक ऑप्शन के उपयोग (Exercise) के बाद 5,00,000 पूरी तरह चुकता (Fully Paid-Up) इक्विटी शेयरों के आवंटन को मंजूरी दी।

कंपनी ने बताया कि आवंटित किए गए सभी शेयरों का फेस वैल्यू 1 रुपये प्रति शेयर है। ये नए शेयर कंपनी के मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकारों के साथ होंगे और सभी मामलों में मौजूदा शेयरों के बराबर (Pari Passu) माने जाएंगे।

इस आवंटन के बाद कंपनी की चुकता शेयर पूंजी (Paid-Up Share Capital) में वृद्धि हुई है। पहले कंपनी की चुकता पूंजी 77,59,90,547 रुपये थी, जो 77,59,90,547 इक्विटी शेयरों का प्रतिनिधित्व करती थी। 5 लाख नए शेयर जारी होने के बाद यह बढ़कर 77,64,90,547 रुपये हो गई है, जो कुल 77,64,90,547 इक्विटी शेयरों के बराबर है। 

गौरतलब है कि ESOP (Employee Stock Option Plan) के जरिए कंपनियां अपने एम्प्लॉयीज को शेयर खरीदने का अवसर देती हैं। इससे एम्प्लॉयीज की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ती है और उन्हें कंपनी के प्रदर्शन से सीधे तौर पर जुड़ने का मौका मिलता है। Prime Focus का यह कदम एम्प्लॉयीज की भागीदारी और दीर्घकालिक प्रोत्साहन को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।

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खेल प्रसारण नीति में बड़ा बदलाव : 'इंदिरा गांधी गोल्ड कप' को नहीं मिली जगह

'सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय' (MIB) ने राष्ट्रीय महत्व के खेल आयोजनों की नई सूची जारी करते हुए महिला हॉकी के 'इंदिरा गांधी गोल्ड कप' (Indira Gandhi Gold Cup) को बाहर कर दिया है।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 25 June, 2026
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Thursday, 25 June, 2026
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'सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय' (Ministry of Information and Broadcasting-MIB) ने राष्ट्रीय महत्व के खेल आयोजनों की संशोधित सूची जारी कर दी है। नई अधिसूचना में महिला हॉकी के प्रतिष्ठित 'इंदिरा गांधी गोल्ड कप' (Indira Gandhi Gold Cup) को सूची से हटा दिया गया है। यह बदलाव 'स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स (प्रसार भारती के साथ अनिवार्य साझाकरण) अधिनियम, 2007' (Sports Broadcasting Signals (Mandatory Sharing with Prasar Bharati) Act, 2007) के तहत जारी नई अधिसूचना में किया गया है, जिसने 9 मई 2022 की अधिसूचना का स्थान ले लिया है।

'इंदिरा गांधी गोल्ड कप' (Indira Gandhi Gold Cup) की शुरुआत वर्ष 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की स्मृति में की गई थी। यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी टूर्नामेंटों में से एक था। प्रतियोगिता का आयोजन कुल सात बार हुआ। 1996 के बाद यह लगभग नौ वर्षों तक बंद रही और 2005 में नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम (Major Dhyan Chand National Stadium) में इसका अंतिम संस्करण खेला गया, जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराकर खिताब जीता था।

2022 की अधिसूचना में इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों को राष्ट्रीय महत्व का खेल आयोजन माना गया था, जिसके चलते इनके प्रसारण संकेत 'प्रसार भारती' (Prasar Bharati) के साथ साझा करना अनिवार्य था। लेकिन 11 जून 2026 को जारी नई अधिसूचना में इसे सूची से हटा दिया गया है। इसका अर्थ है कि भविष्य में यदि यह टूर्नामेंट आयोजित होता है, तो उसके प्रसारण के लिए अलग व्यवस्था करनी होगी।

हालांकि हॉकी से जुड़े अन्य प्रमुख टूर्नामेंटों को सूची में बरकरार रखा गया है। इनमें भारत से जुड़े हॉकी विश्व कप (Hockey World Cup) मुकाबले, चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy), एफआईएच हॉकी प्रो लीग (FIH Hockey Pro League), सुल्तान अजलान शाह कप (Sultan Azlan Shah Cup), जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप (Junior Men's Hockey World Cup), हॉकी इंडिया सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप (Hockey India Sub-Junior National Championship) और हॉकी इंडिया अकादमी राष्ट्रीय चैंपियनशिप (Hockey India Academy National Championship) शामिल हैं।

नई अधिसूचना में 'खेलो इंडिया' (Khelo India) कार्यक्रम को भी नया स्वरूप दिया गया है। पहले विभिन्न प्रतियोगिताओं का अलग-अलग उल्लेख था, लेकिन अब उन्हें एक व्यापक श्रेणी "खेलो इंडिया मिशन से जुड़े खेल, प्रतियोगिताएं और लीग" (Sports, Competitions and Leagues under Khelo India Mission) के तहत शामिल किया गया है, जिससे भविष्य में नए आयोजनों को जोड़ना आसान होगा।

क्रिकेट से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है। अब 'एशिया कप' (Asia Cup) के सेमीफाइनल और फाइनल के साथ सुपर-4 (Super Four) चरण को भी राष्ट्रीय महत्व के खेल आयोजनों में शामिल किया गया है। इसके अलावा मंत्रालय ने 23 जून को एक संशोधन (Corrigendum) जारी कर स्पष्ट किया कि यह प्रावधान भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के सभी आधिकारिक मुकाबलों पर लागू होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संशोधित अधिसूचना खेल प्रसारण नीति को मौजूदा खेल परिदृश्य और प्रसारण व्यवस्था के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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हैप्पी बर्थडे ब्रजेश पाठक: जनसेवा और संवेदनशील कार्यशैली से बनाई अलग पहचान

हाल ही में लखनऊ में हुए अग्निकांड में कई लोगों की मौत के बाद ब्रजेश पाठक ने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया। इस फैसले ने उनकी संवेदनशील कार्यशैली को एक बार फिर सामने रखा।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 25 June, 2026
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Thursday, 25 June, 2026
Brajesh Pathak Ji Birthday

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जिनका होना सिर्फ एक पद या पहचान नहीं, बल्कि भरोसे की परिभाषा बन जाता है। ब्रजेश पाठक ऐसा ही एक नाम हैं। आज जब वे 62 वर्ष के हो गए हैं, तो यह सिर्फ एक जन्मदिन नहीं, एक ऐसे संघर्ष, साहस और सेवा के सफर का पड़ाव है, जिसने लाखों दिलों को छुआ है।

हरदोई के छोटे से कस्बे मल्लावां से निकलकर लखनऊ तक का सफर...

हरदोई के मल्लावां कस्बे में 25 जून 1964 को जन्मे एक साधारण परिवार के बेटे ने जब लखनऊ विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई शुरू की, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि ये छात्र नेता एक दिन उत्तर प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनेगा। लेकिन ब्रजेश पाठक ने अपने जीवन से यही साबित किया कि यदि इरादे नेक हों, तो कोई रास्ता नामुमकिन नहीं होता।

ब्रजेश पाठक ने एक अधिवक्ता के रूप में जीवन शुरू किया, लेकिन उनका दिल हमेशा लोगों की तकलीफों में धड़कता रहा। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष बनना उनके भीतर की नेतृत्व क्षमता का पहला प्रमाण था। जब देश के युवा सिर्फ डिग्रियों के सपने देख रहे थे, तब पाठक जी जनकल्याण की योजनाओं की कल्पना कर रहे थे।

आज जब ब्रजेश पाठक 62 साल के हो गए हैं, तो यह सिर्फ एक उम्र का पड़ाव नहीं, बल्कि उन हजारों सपनों का सम्मान है, जिन्हें उन्होंने अपनी आंखों में देखा और दूसरों की आंखों में पलते देखा।

सत्ता का नहीं, सेवा का माध्यम बनी राजनीति

पाठक ने राजनीति को कभी सत्ता का साधन नहीं बनाया। उन्होंने इसे सेवा का जरिया समझा- शब्दों से नहीं, कामों से। चाहे छात्रसंघ की कुर्सी हो या राज्यसभा की गरिमा, उन्होंने हर जिम्मेदारी को एक मिशन की तरह निभाया। लखनऊ सेंट्रल से लेकर कैंट तक की हर जीत उनके लोगों के साथ जुड़ाव की कहानी कहती है।

कांग्रेस से शुरुआत, फिर बसपा से सांसद और राज्यसभा सदस्य और अंततः भाजपा में आकर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बने। यह सफर जितना राजनीतिक था, उतना ही भावनात्मक भी। क्योंकि हर मोड़ पर उन्होंने पद से ज्यादा जनहित को चुना।

जहां दर्द दिखा, वहां निर्णय लिया

2022 में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की कमान संभालने के बाद ब्रजेश पाठक ने जिस सक्रियता से काम किया, वह अद्वितीय है।

एक ऐसे दौर में जब राजनीति अक्सर असंवेदनशील होती जाती है, ब्रजेश पाठक ने साबित किया कि संवेदना अभी भी व्यवस्था में जिंदा है। झांसी के पोस्टमार्टम हाउस में जब एक शव के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ, तो वह सिर्फ एक मंत्री नहीं, एक बेटे की तरह तड़प उठे। उन्होंने तुरंत FIR दर्ज करवाकर सिर्फ एक केस नहीं, पूरे सिस्टम को झकझोर दिया। तत्काल FIR, कार्रवाई और संवेदना से उन्होंने बता दिया कि यह कुर्सी उनके लिए संवेदना का माध्यम है, सत्ता का नहीं।

2024 में जब उन्होंने 26 लापरवाह डॉक्टरों को बर्खास्त किया, तो हर आम आदमी को यह यकीन हुआ कि किसी को तो उनकी फिक्र है। हाल ही में लखनऊ में हुए अग्निकांड में कई लोगों की मौत के बाद ब्रजेश पाठक ने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि शोकाकुल परिवारों के बीच उत्सव मनाना उचित नहीं है। इस फैसले ने उनकी संवेदनशील कार्यशैली को एक बार फिर सामने रखा।

जनता के बीच रहने वाला नेता, जो कभी थकता नहीं

चुनावी दौर हो या सामान्य दिन, ब्रजेश पाठक का ऊर्जा स्तर एक समान रहता है।

2024 के चुनावी मौसम में जब कई नेता प्रचार में थकने लगे, तब पाठक 66 दिनों में 137 कार्यक्रमों में शामिल हुए। यह केवल आंकड़े नहीं, जनता के प्रति उनके समर्पण की कहानी है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करना हो या विनोबा जयंती जैसे समारोह में शामिल होना, उनका हर कदम एक संदेश देता है कि नेता वही होता है जो हर मौके पर अपने लोगों के बीच खड़ा हो।

पत्रकारिता को दिया सम्मान, संवाद को दी दिशा

समाचार4मीडिया के ‘पत्रकारिता 40अंडर40’ जैसे मंचों पर मुख्य अतिथि के रूप में उनका सानिध्य इस बात का प्रमाण है कि वे न केवल राजनीति बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भी उतनी ही गंभीरता से लेते हैं। ऐसे कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति इस बात की गवाही देती है कि वे पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की ताकत को भी उतनी ही अहमियत देते हैं, जितनी राजनीति को।

विनम्रता में ताकत और चुप्पी में गरज

ब्रजेश पाठक की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सादगी और गंभीरता है। वे ना शोर करते हैं, ना दिखावा। लेकिन जब बोलते हैं, तो व्यवस्था सुनती है। जब चलते हैं, तो विकास चलता है। और जब मुस्कुराते हैं, तो जनता का विश्वास और गहरा हो जाता है।

जन्मदिन पर एक सलाम

आज जब ब्रजेश पाठक 62 वर्ष के हो गए हैं, तो यह दिन सिर्फ एक जन्मदिन नहीं, बल्कि उस सफर की कहानी है जिसमें मेहनत, संघर्ष, सेवा और सच्चाई की परछाइयां हैं। वह नेता जो जनता के बीच से आया, उनके बीच रहा और अब भी उन्हीं के लिए खड़ा है। उत्तर प्रदेश उन्हें सिर्फ एक उपमुख्यमंत्री के रूप में नहीं देखता, बल्कि एक ऐसे मित्र, मार्गदर्शक और मसीहा के रूप में याद करता है, जो हर मोड़ पर जनता के साथ खड़े रहे।

एक नेता जो ऊंचे पदों पर पहुंचकर भी जमीन से जुड़े रहे- यही ब्रजेश पाठक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। समाचार4मीडिया परिवार की ओर से इस अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि शुभकामनाएं। आप स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और जनसेवा की आपकी यात्रा यूं ही प्रेरणा देती रहे।

 

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सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने Cosm में 10 करोड़ डॉलर का किया निवेश

इस निवेश के साथ यह Cosm की सीरीज-सी फंडिंग राउंड में प्रमुख निवेशक के रूप में शामिल हो गई है और कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी हासिल करेगी।

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Published - Thursday, 25 June, 2026
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Thursday, 25 June, 2026
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सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट (SPE) ने ग्लोबल टेक्नोलॉजी, मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी Cosm में 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) के स्ट्रैटेजिक निवेश की घोषणा की है। इस निवेश के साथ SPE, Cosm की सीरीज-सी फंडिंग राउंड में प्रमुख निवेशक के रूप में शामिल हो गई है और कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी (Minority Stake) हासिल करेगी।

इसके साथ ही सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के चेयरमैन और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर रवि आहूजा को Cosm के निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया जाएगा।

बता दें कि Cosm अपने विशेष स्थलों (Venues) और ‘शेयर्ड रियलिटी’ (Shared Reality) तकनीक के जरिए कंटेंट अनुभव का नया स्वरूप विकसित कर रही है। यह तकनीक वर्चुअल और वास्तविक दुनिया के बीच की दूरी को कम करते हुए दर्शकों को इमर्सिव अनुभव प्रदान करती है।

कंपनी के अनुसार, यह निवेश सोनी पिक्चर्स की अनुभवात्मक मनोरंजन (Experiential Entertainment), फैन एंगेजमेंट और तकनीक पर केंद्रित स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इसके माध्यम से कंपनी अपने लोकप्रिय बौद्धिक संपदा अधिकारों (IP) को नई तकनीक आधारित प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों तक पहुंचाने और उनके साथ जुड़ाव बढ़ाने के अवसर तलाश सकेगी।

Cosm अब तक लॉस एंजिलिस के इंगलवुड स्थित हॉलीवुड पार्क, नॉर्थ डलास के ग्रैंडस्केप और हाल ही में अटलांटा के सेंटेनियल यार्ड्स में तीन केंद्र स्थापित कर चुकी है। कंपनी सितंबर में डेट्रॉइट के डाउनटाउन में अपना चौथा केंद्र शुरू करने की तैयारी कर रही है, जबकि अगले वर्ष की शुरुआत में क्लीवलैंड में पांचवां केंद्र खोला जाएगा। इसके अलावा कंपनी ने भविष्य में अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर विस्तार की भी योजना बनाई है।

इस निवेश के बारे में रवि आहूजा ने कहा कि Cosm मनोरंजन उद्योग के भविष्य को आकार देने वाले कई महत्वपूर्ण रुझानों के केंद्र में मौजूद है। उन्होंने कहा कि कंपनी लंबे समय से Cosm की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी और उसके अनुभवों की गुणवत्ता तथा दर्शकों के उत्साह से प्रभावित रही है। उन्होंने कहा कि सोनी Cosm के अगले विकास चरण का समर्थन करने और दुनिया भर में अधिक प्रशंसकों तक इन अनुभवों को पहुंचाने को लेकर उत्साहित है।

वहीं Cosm के अध्यक्ष और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर जेब टेरी ने कहा कि सोनी पिक्चर्स नवाचार और प्रशंसकों के अनुभवों के भविष्य को लेकर कंपनी की सोच से मेल खाती है। उन्होंने कहा कि इस निवेश से Cosm अपने केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार करेगी और स्पोर्ट्स एवं एंटरटेनमेंट दोनों क्षेत्रों में अपनी तकनीकी पहलों को आगे बढ़ाएगी।

टेरी के अनुसार, फिल्मों, टेलीविजन, संगीत और गेमिंग तक फैले सोनी के प्रतिष्ठित कंटेंट पोर्टफोलियो के साथ मिलकर कंपनी दुनिया की कई लोकप्रिय बौद्धिक संपदाओं को Shared Reality अनुभवों के माध्यम से जीवंत बनाने की दिशा में काम करेगी। बताया गया है कि इस सौदे में Goldman Sachs & Co. LLC और Allen & Company LLC ने Cosm के वित्तीय सलाहकार के रूप में भूमिका निभाई।

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एयर इंडिया ने बदली मीडिया एजेंसी, डेंट्सू के हाथ आया बड़ा मैंडेट

एयर इंडिया ने अपने मीडिया प्लानिंग और बाइंग कारोबार की जिम्मेदारी डेंट्सू (Dentsu) को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, यह अकाउंट 100 करोड़ से 150 करोड़ रुपये के बीच का माना जा रहा है।

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Published - Thursday, 25 June, 2026
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Thursday, 25 June, 2026
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टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने मीडिया प्लानिंग और बाइंग कारोबार की जिम्मेदारी डेंट्सू (Dentsu) को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, यह अकाउंट 100 करोड़ से 150 करोड़ रुपये के बीच का माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, डेंट्सू ने यह जिम्मेदारी बहु-एजेंसी पिच प्रक्रिया (Multi-Agency Pitch) के बाद हासिल की है। इससे पहले एयर इंडिया का मीडिया प्लानिंग और बाइंग कारोबार आईपीजी मीडियाब्रांड्स (IPG Mediabrands) की एजेंसी इनिशिएटिव (Initiative) के पास था। इनिशिएटिव ने वर्ष 2024 में यह मैंडेट जीता था। इसके लिए पिच प्रक्रिया की शुरुआत 2023 में हुई थी।

वहीं, एयर इंडिया का क्रिएटिव मैंडेट अभी भी मैककैन वर्ल्डग्रुप इंडिया (McCann Worldgroup India) के पास है। कंपनी ने वर्ष 2023 में यह जिम्मेदारी हासिल की थी।

एयर इंडिया के मीडिया मैंडेट की समीक्षा ऐसे समय में हुई है, जब एयरलाइन टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है। टाटा समूह ने वर्ष 2022 में एयर इंडिया का दोबारा अधिग्रहण किया था। इसके बाद एयरलाइन ने अपने बेड़े के आधुनिकीकरण, परिचालन एकीकरण, ग्राहक अनुभव में सुधार और ब्रांड निर्माण से जुड़े कई कदम उठाए हैं।

वर्ष 2024 में एयर इंडिया ने विस्तारा (Vistara) का अपने फुल-सर्विस परिचालन में विलय पूरा किया था। साथ ही, समूह की लो-कॉस्ट एयरलाइंस को एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) के तहत एकीकृत किया गया, जिससे एकीकृत एयरलाइन समूह का गठन हुआ।

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नोएल टाटा छोड़ेंगे 'ट्रेंट' के चेयरमैन का पद: लगभग तीन दशक का सफर होगा पूरा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएल टाटा (Noel Tata) जल्द ही 'ट्रेंट' (Trent) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी के साथ उनका लगभग तीन दशक लंबा जुड़ाव एक नए चरण में प्रवेश करेगा।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 25 June, 2026
Last Modified:
Thursday, 25 June, 2026
trent

टाटा समूह' (Tata Group) की रिटेल कंपनी 'ट्रेंट' (Trent) के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 जून को आयोजित कंपनी की 47वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में उन्होंने संकेत दिया कि चेयरमैन के रूप में यह उनकी आखिरी एजीएम होगी।

69 वर्षीय नोएल टाटा (Noel Tata) इस वर्ष 70 वर्ष के हो जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी के मद्देनजर वह कंपनी के शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

नोएल टाटा (Noel Tata) का 'ट्रेंट' (Trent) के साथ सफर 1998 में शुरू हुआ था, जब वह कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए। 'ट्रेंट' (Trent) की स्थापना उनकी मां सिमोन टाटा (Simone Tata) के नेतृत्व में 'लैक्मे' (Lakme) की बिक्री के बाद की गई थी।

जून 1999 में नोएल टाटा (Noel Tata) को कंपनी का पहला प्रबंध निदेशक (Managing Director) नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में 'ट्रेंट' (Trent) ने भारतीय रिटेल उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बनाई और देश की अग्रणी रिटेल कंपनियों में शामिल हो गई।

करीब तीन दशकों के दौरान कंपनी ने अपने कारोबार का लगातार विस्तार किया और फैशन व लाइफस्टाइल रिटेल सेगमेंट में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उद्योग जगत में नोएल टाटा (Noel Tata) को 'ट्रेंट' (Trent) के विकास और विस्तार में अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है।

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एबीपी नेटवर्क में इस बड़े पद से तुषार बनर्जी ने दिया इस्तीफा

तुषार बनर्जी ने समाचार4मीडिया से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने अपनी अगली पारी को लेकर फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की है।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 24 June, 2026
Last Modified:
Wednesday, 24 June, 2026
Tushar Banerjee

देश के प्रमुख मीडिया समूहों में शामिल एबीपी नेटवर्क (ABP Network) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, नेटवर्क में वाइस प्रेजिडेंट (डिजिटल) के पद पर कार्यरत तुषार बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तुषार बनर्जी ने समाचार4मीडिया से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने अपनी अगली पारी को लेकर फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की है।

तुषार बनर्जी वर्ष 2019 में एबीपी नेटवर्क से जुड़े थे और करीब सात वर्षों से समूह के डिजिटल कारोबार में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा रहे थे। इस दौरान उन्होंने डिजिटल कंटेंट स्ट्रैटेजी, ऑडियंस ग्रोथ, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, नए प्रोडक्ट्स और मल्टी-लैंग्वेज डिजिटल ऑपरेशंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल के दौरान एबीपी नेटवर्क ने अपनी डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न भारतीय भाषाओं में ऑडियंस विस्तार पर भी विशेष फोकस किया।

डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में तुषार बनर्जी को एक अनुभवी और रणनीतिक नेतृत्वकर्ता के रूप में जाना जाता है। उन्हें ऑनलाइन और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में करीब 17 वर्षों का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने देश और दुनिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।

एबीपी नेटवर्क से पहले तुषार बनर्जी एनडीटीवी समूह की डिजिटल शाखा एनडीटीवी कंवर्जेंस (NDTV Convergence) से जुड़े थे। वहां वह हेड (Audience Growth and New Initiatives) के पद पर कार्यरत रहे और डिजिटल ऑडियंस विस्तार तथा नए डिजिटल प्रोडक्ट्स और पहलों पर काम किया।

उससे पहले वह राघव बहल के न्यूज प्लेटफॉर्म ‘द क्विंट’ (The Quint) की फाउंडिंग टीम का हिस्सा रहे। क्विंट में उन्होंने हेड ऑफ प्रोडक्ट के रूप में जिम्मेदारी संभाली और डिजिटल प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ऑडियंस एंगेजमेंट तथा न्यूज प्लेटफॉर्म के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

क्विंट से पहले तुषार बनर्जी करीब तीन वर्षों तक बीबीसी न्यूज से जुड़े रहे, जहां उन्होंने बीबीसी इंडिया में साइंस एंड टेक्नोलॉजी करेस्पॉन्डेंट के रूप में काम किया। मीडिया और टेक्नोलॉजी के मेल से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ रही है।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले तुषार बनर्जी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। डिजिटल मीडिया, ऑडियंस डेवलपमेंट और न्यूजरूम इनोवेशन के क्षेत्र में उन्हें इंडस्ट्री के प्रमुख प्रोफेशनल्स में गिना जाता है।

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