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भारतीय महिला पत्रकार को मिला इंटरनेशनल अवॉर्ड
चार देशों के पांच पत्रकारों को दिया गया है प्रतिष्ठित अवॉर्ड
पंकज शर्मा 6 years ago
भारतीय फ्रीलॉन्स जर्नलिस्ट नेहा दीक्षित को प्रतिष्ठित ‘इंटरनेशनल प्रेस फ्रीडम अवॉर्ड’ 2019 से सम्मानित किया गया है। नेहा दीक्षित को यह अवॉर्ड ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ (सीपीजे) ने साहसिक पत्रकारिता के लिए दिया है। कमेटी की ओर से इस साल यह अवॉर्ड चार देशों के पांच पत्रकारों को दिया गया है। नेहा दीक्षित को यह अवॉर्ड विभिन्न राज्यों में हुए कथित एनकाउंटर और रासुका के दुरुपयोग को लेकर की गई उनकी रिपोर्ट्स के लिए दिया गया है।
‘उत्तर प्रदेश में ‘एनकाउंटर राज’ पर उठते सवाल‘ शीर्षक से लिखी रिपोर्ट में नेहा ने इन एनकाउंटरों के उद्देश्य और उनकी वैधता को लेकर सवाल उठाए थे। इसके अलावा वह उन 14 लोगों के परिवारों से भी मिली थीं, जिनकी मौत यूपी पुलिस के कथित एनकाउंटर में हुई थी। एक अन्य रिपोर्ट में नेहा ने हरियाणा में पुलिस द्वारा गो-तस्करी के संदेह में किए गए 16 लोगों के ‘एनकाउंटर’ के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के कथित दुरुपयोग के बारे में भी बताया था।
साहसिक रिपोर्टिंग के सीपीजे की ओर से नेहा के अलावा जिन पत्रकारों को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है, उनमें ब्राजील की पेट्रीसिया केम्पस मेलो, निकारागुआ की लुसिआ पिनेडा उबाऊ और मिगुएल मोरा और तंजानिया के मैकसेन्स मेलो मुबयाजी शामिल हैं। प्रेस फ्रीडम अवॉर्ड के अलावा सीपीजे की ओर से इस साल का ग्वेन इफिल प्रेस फ्रीडम अवॉर्ड पाकिस्तानी दैनिक अखबार डॉन के संपादक जफर अब्बास को दिया गया है।
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