होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / हैप्पी बर्थडे राहुल कंवल: पत्रकारिता की आवाज और नेतृत्व की मिसाल हैं आप
हैप्पी बर्थडे राहुल कंवल: पत्रकारिता की आवाज और नेतृत्व की मिसाल हैं आप
राहुल के कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी है। एक पत्रकार के रूप में उन्हें जनता के सरोकारों को मंच देना है और एक सीईओ के रूप में उन्हें बाजार की चुनौतियों का सामना करना है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago
‘एनडीटीवी’ (NDTV) के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल के लिए आज का दिन काफी खास है, क्योंकि आज उनका जन्मदिन है। राहुल कंवल ने अपने सवालों और सच्चाई की तलाश से भारतीय पत्रकारिता में एक अलग मुकाम हासिल किया है। 1980 में नासिक के पास देवलाली में जन्मे राहुल की शुरुआत आम थी, लेकिन उनके दिल में सच्चाई को सामने लाने की असाधारण जिद थी। यह जिद ही उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय से लेकर कार्डिफ तक ले गई, जहां उन्होंने चेवनिंग स्कॉलर के रूप में अपनी प्रतिभा को निखारा।
राहुल का सफर ‘जी न्यूज’ (Zee News) और ‘आजतक’ (AajTak) के तेज-तर्रार न्यूजरूम्स से होकर गुजरा, जहां उन्होंने न सिर्फ खबरें दीं, बल्कि उन सवालों को उठाया जो वाकई मायने रखते थे। टेलीविजन की दुनिया, जो रफ्तार और विश्वास की मांग करती है, में राहुल ने शोरगुल के बजाय धैर्य और गहराई से अपनी जगह बनाई। उनकी तीखी सवालों वाली साक्षात्कार शैली और सतही जवाबों को नकारने की हिम्मत ने उन्हें अलग पहचान दी। इंडिया टुडे में उनके शो ‘न्यूजट्रैक’ और ‘जब वी मेट’ ने दर्शकों को खबरों की दुनिया में सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि हिस्सेदार बनाया।
अब एनडीटीवी के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ के रूप में राहुल एक बड़े दायित्व को संभाल रहे हैं। एनडीटीवी, जो लाखों लोगों के लिए विश्वसनीयता का प्रतीक रहा है, आज के दौर में चुनौतियों से जूझ रहा है। सोशल मीडिया और चिल्लम-चिल्ला बहसों के इस युग में, राहुल का मिशन साफ है—एनडीटीवी को फिर से “सोचने-समझने वालों का चैनल” बनाना, जो आज की मोबाइल-प्रधान पीढ़ी से भी जुड़े।
राहुल के कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी है। एक पत्रकार के रूप में उन्हें जनता के सरोकारों को मंच देना है और एक सीईओ के रूप में उन्हें बाजार की चुनौतियों का सामना करना है। संपादकीय ईमानदारी को बनाए रखते हुए तकनीक और नवाचार को अपनाने का यह संतुलन आसान नहीं है, लेकिन राहुल की ताकत उनकी महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि उनकी सहनशीलता है। आलोचनाओं के तूफान, विश्वसनीयता की लड़ाइयों और प्राइम-टाइम की जंगों के बीच, उन्होंने हमेशा अपने रास्ते पर डटकर मुकाबला किया।
उनका जन्मदिन हमें याद दिलाता है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें देना नहीं, बल्कि समाज से किया गया एक वादा है—सच्चाई को सामने लाने का वादा, चाहे वह कितनी भी असुविधाजनक हो। आज, जब राहुल एनडीटीवी के न्यूजरूम में खड़े होंगे, स्क्रीन की रोशनी और पत्रकारों की गहमागहमी के बीच, वह शायद उस भरोसे को फिर से बनाने की ठान रहे होंगे, जो आज की दुनिया में कहीं खो सा गया है।
राहुल कंवल की प्रेरक कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। देवलाली से शुरू होकर प्राइम-टाइम तक पहुंचा यह सफर अब एक नए मोड़ पर है। वह सिर्फ एक न्यूज़ एंकर नहीं, बल्कि भारतीय टेलीविजन के भविष्य के रास्ते तय करने वाले एक संरक्षक हैं। उनके जन्मदिन पर हम उन्हें यही शुभकामना देते हैं कि वह सच्चाई की इस जंग में और मजबूती से डटे रहें, और एनडीटीवी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।
समाचार4मीडिया की ओर से राहुल कंवल को उनके जन्मदिन पर ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
टैग्स