बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड ने सीनियर मैनेजमेंट में हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी दी है। कंपनी ने बताया है कि Hamavvand Chwda ने कमर्शियल व एडमिनिस्ट्रेशन के ग्रुप हेड के पद से इस्तीफा दे दिया है
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Vikas Saxena
बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड ने सीनियर मैनेजमेंट में हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी दी है। कंपनी ने बताया है कि Hamavvand Chwda ने कमर्शियल व एडमिनिस्ट्रेशन के ग्रुप हेड के पद से इस्तीफा दे दिया है और अब उनका कंपनी से जुड़ाव समाप्त हो गया है।
कंपनी ने 10 जून 2026 को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजी गई सूचना में बताया कि यह खुलासा सेबी (SEBI) के लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 तथा 13 जुलाई 2023 के सेबी सर्कुलर के तहत किया गया है।
बालाजी टेलीफिल्म्स के अनुसार, Hamavvand Chwda ने व्यक्तिगत कारणों से अपने पद से इस्तीफा दिया है। उनका कंपनी से कार्यकाल 9 जून 2026 को समाप्त हो गया है।
अदालत ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल दुर्भावनापूर्ण (Mala Fide) थी, बल्कि याचिकाकर्ताओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर मनमाना हमला तथा शक्तियों का दुरुपयोग भी थी।
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Samachar4media Bureau
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित विदेशी फंडिंग से जुड़े मामले में न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक (NewsClick) और इसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दर्ज एफआईआर तथा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को रद्द कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मामले में जिन अपराधों का आरोप लगाया गया था, उनके लिए आवश्यक तत्व ही स्थापित नहीं होते हैं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि इस एफआईआर को जारी रखना कानून की प्रक्रिया का गंभीर दुरुपयोग (Gross Abuse of the Process of Law) है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने ED की कार्रवाई पर भी कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल दुर्भावनापूर्ण (Mala Fide) थी, बल्कि याचिकाकर्ताओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर मनमाना हमला तथा शक्तियों का दुरुपयोग भी थी।
गौरतलब है कि न्यूजक्लिक और इसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ पर विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोप लगाए गए थे। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद एफआईआर और ED केस को रद्द करते हुए उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है।
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने खेल जगत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करते हुए भारत के जिम्बाब्वे दौरे के एक्सक्लूसिव ब्रॉडकास्ट अधिकार हासिल कर लिए हैं।
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जिम्बाब्वे क्रिकेट के साथ हुई इस साझेदारी से कंपनी की क्रिकेट और फुटबॉल जैसे प्रमुख खेलों में पकड़ और मजबूत होगी। कंपनी के पास पहले से ILT20 जैसी बड़ी क्रिकेट प्रॉपर्टी मौजूद है, वहीं आने वाले FIFA World Cup 2026™ जैसे बड़े खेल आयोजन भी उसके स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं।
भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाले मुकाबलों का सीधा प्रसारण हिंदी में Unite8 Sports 1 और Unite8 Sports 1 HD पर किया जाएगा। वहीं अंग्रेजी दर्शकों के लिए मैचों का LIVE टेलीकास्ट Unite8 Sports 2 और Unite8 Sports 2 HD पर उपलब्ध होगा।
इस मामले पर टिप्पणी करते हुए जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड में Unite8 Sports के चीफ बिजनेस ऑफिसर बवेश जनावलेकर (Bavesh Janavlekar) ने कहा, “हम भारत के जिम्बाब्वे दौरे को दर्शकों तक पहुंचाने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। हम Unite8 Sports को प्रीमियम वैश्विक खेलों के लिए एक मजबूत और आकर्षक मंच बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यह अधिग्रहण हमारे विविधतापूर्ण स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। हम अपने प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों को रोमांचक और बेहतरीन खेल अनुभव उपलब्ध कराते रहेंगे और जिम्बाब्वे क्रिकेट के साथ लंबे समय तक साझेदारी की उम्मीद करते हैं।”
आलोक शाह इससे पहले वैल्यूएज कंसल्टेंसी (ValueEdge Consultancy) का नेतृत्व कर रहे थे।
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डिजिटल मीडिया और कंटेंट कंपनी रस्क मीडिया (Rusk Media) ने मीडिया एवं एंटरटेनमेंट क्षेत्र के अनुभवी विधि विशेषज्ञ आलोक शाह को अपना नया जनरल काउंसिल नियुक्त किया है। अपनी इस भूमिका में आलोक शाह कंपनी के कानूनी और व्यावसायिक मामलों को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आलोक शाह इससे पहले वैल्यूएज कंसल्टेंसी (ValueEdge Consultancy) का नेतृत्व कर रहे थे। यह सलाहकार फर्म उन्होंने स्वयं स्थापित की थी, जिसके माध्यम से वे मीडिया, एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और ई-गेमिंग सेक्टर से जुड़े क्लाइंट्स को कानूनी और व्यावसायिक परामर्श प्रदान करते थे।
Rusk Media के अनुसार, आलोक शाह के पास मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कानूनी, व्यावसायिक और बिजनेस मामलों का 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
वैल्यूएज कंसल्टेंसी की स्थापना से पहले शाह गेमिंग और लाइव-स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म लोको (Loco) में हेड- बिजनेस अफेयर्स के पद पर कार्यरत थे। इस भूमिका में उन्होंने कंटेंट सप्लाई, कमर्शियल नेगोशिएशन, बजटिंग और ऑपरेशनल मामलों का नेतृत्व किया।
लोको से पहले वह ओनली मच लाउडर (Only Much Louder- OML) में वाइस प्रेजिडेंट एवं हेड- लीगल एंड बिजनेस अफेयर्स के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और भविष्य की कारोबारी योजनाओं को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और भविष्य की कारोबारी योजनाओं को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 10 जून 2026 को हुई बैठक में कम से कम 2300 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
कंपनी ने बताया कि यह राशि एक या उससे अधिक चरणों में जुटाई जाएगी। जुटाई गई पूंजी का उपयोग कंपनी की रणनीतिक और कारोबारी पहलों (Strategic and Business Initiatives) को समर्थन देने के लिए किया जाएगा।
बोर्ड ने इस दौरान फंड जुटाने के अन्य संभावित विकल्पों पर भी आगे विचार-विमर्श करने का फैसला किया है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी भविष्य में अतिरिक्त पूंजी जुटाने की संभावनाओं पर भी नजर बनाए हुए है।
कंपनी के अनुसार, बोर्ड बैठक शाम 4:00 बजे शुरू हुई और 4:45 बजे समाप्त हुई।
Zee Entertainment का यह कदम कंपनी की वित्तीय मजबूती बढ़ाने और रणनीतिक निवेशों के जरिए भविष्य की ग्रोथ को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
वर्ष 2026 में जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डर से नौकरियों की चिंता में डूबी है, भारत का एक सेक्टर उलटी दिशा में चल रहा है।
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Vikas Saxena
वर्ष 2026 में जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डर से नौकरियों की चिंता में डूबी है, भारत का एक सेक्टर उलटी दिशा में चल रहा है। एनिमेशन, विजुअल इफैक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और Extended Reality, यानी AVGC-XR, का यह उद्योग न सिर्फ टिका हुआ है, बल्कि रफ्तार से दौड़ रहा है।
फरवरी 2026 में बेंगलुरु में आयोजित GAFX-2026 के उद्घाटन पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जो आंकड़ा पेश किया, वह चौंकाने वाला था, GAFX सेक्टर अकेले अगले पांच साल में 20 लाख नौकरियां पैदा कर सकता है। यह सिर्फ एक राज्य की बात थी। राष्ट्रीय स्तर पर तस्वीर और बड़ी है।
कितना बड़ा है मार्केट?
आज भारत का AVGC-XR सेक्टर 2.5 से 3 अरब डॉलर (करीब 25,000 करोड़ रुपये) का है। 2030 तक इसके 26 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, यानी करीब नौ गुना की छलांग। अगर सिर्फ एनिमेशन और VFX की बात करें, तो CII-GT की रिपोर्ट के अनुसार यह सेगमेंट 2026 तक 2.2 अरब डॉलर तक पहुंचने की राह पर है।
एनिमेशन मार्केट पर लंबी नजर डालें तो, भारत का एनिमेशन मार्केट 2025 में 2.4 अरब डॉलर था और 2034 तक 13.95 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, यानी 21.6% सालाना वृद्धि दर (CAGR)।
गेमिंग अकेला एक उदाहरण है: भारतीय गेमिंग मार्केट 2025 में 5.91 अरब डॉलर था और 2034 तक 16.72 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, यानी 14.6% CAGR।
इससे भी बड़ी बात, इस पूरे सेक्टर में अभी सिर्फ 2.6 लाख प्रोफेशनल काम कर रहे हैं, जबकि मांग इससे कहीं ज्यादा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत फिलहाल वैश्विक AVGC-XR मार्केट में सिर्फ 0.5% हिस्सेदारी रखता है, यानी संभावना अपार है।
नौकरियों का विस्फोट: संख्याएं क्या कहती हैं?
केंद्र सरकार के AVGC Promotion Task Force की रिपोर्ट के अनुसार, यह सेक्टर आने वाले दस साल में 20 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा। ORF (Observer Research Foundation) की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट इस अनुमान को और ऊपर रखती है, 2032 तक 23 लाख नौकरियां। स्क्लि इंडिया मिशन का लक्ष्य अगले दस वर्षों में इस सेक्टर के लिए 20 लाख प्रोफेशनल तैयार करना है।
हर साल, अकेले एनिमेशन और VFX सेक्टर में 1.6 लाख नए पद बनने का अनुमान है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ रिटायरमेंट और करियर बदलाव की वजह से हर साल करीब 6,700 एनिमेशन पद रिक्त होते हैं, और यह मार्केट विस्तार से अलग है।
मार्च 2026 में तमिलनाडु ने अपनी AVGC-XR Policy 2026 जारी की, जिसका लक्ष्य 2030 तक 200 नए स्टार्टअप खड़े करना और राष्ट्रीय AVGC-XR मार्केट का 20% हिस्सा, यानी करीब 2 लाख नौकरियां, हासिल करना है। जनवरी 2026 में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि राजधानी में AVGC-XR का पहला National Centre of Excellence (NCoE) का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा।
AI का खतरा, असलियत क्या है?
यहां सबसे बड़ा सवाल है जो हर छात्र और प्रोफेशनल पूछता है: क्या AI मेरी नौकरी ले लेगा?
उत्तर जटिल है, हां और नहीं, दोनों।
एनिमेशन Guild (IATSE Local 839) द्वारा कराए गए CVL Economics अध्ययन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर फिल्म, टेलीविजन और एनिमेशन सेक्टर में करीब 1,18,500 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, यानी खत्म होंगी, समेकित होंगी, या बदल जाएंगी। यही आंकड़ा बताता है कि 21.4% Film, TV और एनिमेशन नौकरियों पर AI का सीधा असर पड़ेगा।
कौन-सी नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में हैं?
2D एनिमेशन में In-betweening, Rotoscoping, Background Generation और Lip-sync जैसे काम AI तेजी से करने लगा है। Luminate Intelligence की एनिमेशन + AI Special Report (2025) में Concept Artists, Storyboard Artists, VFX Artists और Game Developers को सबसे अधिक प्रभावित होने वाली भूमिकाओं में गिना गया है।
लेकिन भारत की कहानी अलग है।
भारतीय एनिमेशन स्टूडियो AI टूल्स को वर्कफोर्स घटाने के लिए नहीं, बल्कि प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, स्टूडियो अधिक काम ले रहे हैं, कम लोग नहीं रख रहे। नतीजा: नेट हायरिंग बढ़ रही है।
कौन-सी नई नौकरियां बन रही हैं?
AI के आने से कुछ नई भूमिकाएं तेजी से उभर रही हैं, AI एनिमेशन Tool Specialist, Technical Director (TD), VFX Supervisor और Generative AI Pipeline Engineer। जो प्रोफेशनल Adobe Firefly, Runway ML, Houdini और Unreal Engine जैसे AI टूल्स के साथ काम कर सकते हैं, उनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
Generative AI का एनिमेशन सेगमेंट वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है, विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार यह मार्केट 2023 में लगभग 1.3 से 1.8 अरब डॉलर का था और 2033 तक 36–40% CAGR की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह वृद्धि नौकरियां हटाने की नहीं, नए अवसर बनाने की कहानी है।
सैलरी: कितना मिलता है?
2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:

3D एनिमेशन में Fresher को ₹2.5–4.5 LPA मिलते हैं, जबकि अनुभवी 3D Animator ₹10 LPA से अधिक कमा सकते हैं। VFX Supervisor जैसे पदों पर ₹25 LPA से ऊपर के पैकेज सामान्य होते जा रहे हैं।
किन स्किल्स की सबसे अधिक मांग है?
2026 में इंडस्ट्री इन्हें तलाश रही है: Unreal Engine, Houdini, Maya, Nuke, Python Scripting, AI-assisted एनिमेशन workflows, Real-time Rendering, और AR/VR Development। सिर्फ डिग्री नहीं, पोर्टफोलियो ही असली पहचान है।
छोटे शहरों का नया करियर
"एनिमेशन के लिए मुंबई या बेंगलुरु ही जाना होगा", यह धारणा तेजी से टूट रही है।
5G नेटवर्क के विस्तार और सस्ते स्मार्टफोन की बदौलत टियर-2 और टियर-3 शहरों में गेमिंग और Digital Content तेजी से फैल रहे हैं। AIGDF (All India Game Developers Forum) के सर्वे के अनुसार, अहमदाबाद, कोच्चि, सूरत और राजकोट जैसे शहर नए Game Development Hub बन रहे हैं। महाराष्ट्र की AVGC-XR Policy 2025 में Nashik, Kolhapur और Nagpur जैसे टियर-2 शहरों में भी AVGC-XR Park बनाने की योजना है। मुरादाबाद, कानपुर, इंदौर, या जयपुर जैसे शहरों में बैठकर Freelancing, Work From Home और Remote Project लेना अब व्यावहारिक हकीकत है।
Freelancing प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय Animators और VFX Artists की मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि भारत वैश्विक स्तर पर 40 से 60% सस्ती एनिमेशन और VFX सेवाएं देता है, और यह आंकड़ा सरकार की NewsOnAir रिपोर्ट (नवंबर 2025) में भी दर्ज है।
सरकार क्या कर रही है?
सरकारी तंत्र इस बार पीछे नहीं है:
केंद्र स्तर पर: AVGC Promotion Task Force (अप्रैल 2022) ने रोडमैप तैयार किया। 2024 में मुंबई में Indian Institute of Creative Technologies (IICT) को National Centre of Excellence के रूप में स्थापित किया गया, Google, YouTube, Meta, Adobe, Microsoft, NVIDIA और Netflix ने इसके पाठ्यक्रम में साझेदारी की है। Union Budget 2026-27 में ₹250 करोड़ की राशि से 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC Content Creator Labs खोलने की घोषणा की गई।
राज्य स्तर पर: कर्नाटक की AVGC-XR Policy 2024–2029 पहले से लागू है। महाराष्ट्र ने सितंबर 2025 में ₹3,268 करोड़ के वित्तीय समर्थन के साथ AVGC-XR Policy 2025 पारित की, लक्ष्य 25 साल में ₹50,000 करोड़ का निवेश और 2 लाख नौकरियां। तमिलनाडु की AVGC-XR Policy 2026 में ₹50 करोड़ की लागत से ELCOT Viyan AVGC-XR Centre of Excellence का ऐलान हुआ। दिल्ली में जनवरी 2026 में NCoE का क्षेत्रीय केंद्र बनाने की घोषणा हुई।
स्किल गैप: सबसे बड़ी चुनौती
यहां एक कड़वी सच्चाई है। भारत वैश्विक AVGC-XR मार्केट में महज 0.5% हिस्सेदारी रखता है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है प्रशिक्षित प्रतिभा की कमी।
IICT मुंबई जैसे संस्थान इस गैप को भरने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अधिकांश कॉलेज वही पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं जो इंडस्ट्री की जरूरतों से पिछड़ा है। Unreal Engine, AI-powered workflows और Real-time Rendering, जिनकी इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा जरूरत है, वे अभी भी ज्यादातर कॉलेजों में नदारद हैं।
हॉलीवुड से Netflix तक, भारतीय Animators की बढ़ती मांग
भारतीय Animators की वैश्विक मांग इसलिए है क्योंकि यहां तीन चीजें एक साथ मिलती हैं, कुशल कार्यबल, कम लागत, और बड़े प्रोजेक्ट्स संभालने की क्षमता। Brahmastra जैसी फिल्म में 4,500 से अधिक VFX Shots थे और बजट का 25–30% हिस्सा VFX पर खर्च हुआ। FICCI-EY रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय VFX स्टूडियो का करीब 70% राजस्व अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से आता है।
एनिमेशन, भारत का अगला IT सेक्टर?
IT इंडस्ट्री ने 1990 के दशक में जो किया, लाखों युवाओं को घर बैठे वैश्विक मार्केट से जोड़ा, वही AVGC-XR सेक्टर 2020 के दशक में कर सकता है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार माध्यम Code नहीं, Creativity है।
आंकड़े साफ बोलते हैं कि मार्केट बढ़ रहा है, सरकार सक्रिय है, वैश्विक मांग है, और नौकरियां आ रही हैं। AI खतरा नहीं बल्कि नई स्किल की मांग है। टियर-2 शहरों के युवाओं के लिए यह फील्ड अब दूर नहीं।
बस एक काम बाकी है, स्किल गैप भरना। जो युवा आज Unreal Engine, Houdini और AI एनिमेशन Tools सीख रहे हैं, वही कल की इस इंडस्ट्री की रीढ़ बनेंगे।
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, वह यहां चैनल के फ्लैगशिप शो ‘न्यूज की पाठशाला’ (News Ki Pathshala) को होस्ट करेंगी। इसके अलावा भी उन्हें यहां प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
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Samachar4media Bureau
‘नेटवर्क18’ (Network18) से इस्तीफा देने के बाद लोकप्रिय न्यूज एंकर रुबिका लियाकत जल्द ही ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के साथ नई पारी की शुरुआत करने जा रही हैं। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, वह यहां चैनल के फ्लैगशिप शो ‘न्यूज की पाठशाला’ (News Ki Pathshala) को होस्ट करेंगी। इसके अलावा भी उन्हें यहां प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। हालांकि, चैनल की ओर से अभी तक इस बारे में किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
वहीं, न्यूज की पाठशाला को लेकर चैनल की ओर से हाल ही में एक प्रोमो भी जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है, ‘खबरें तो सब बताएंगे, लेकिन उन्हें समझाएगा कौन? इसीलिए... मैडम आ रही हैं! क्लास मिस मत कीजिएगा, यहां आपकी अटेंडेंस जरूरी है! ‘न्यूज की पाठशाला’ सिर्फ TIMES NOW नवभारत पर।’
प्रोमो में ‘मैडम’ और ‘न्यूज की पाठशाला’ का जिक्र सामने आते ही मीडिया गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। इस प्रोमो को रुबिका लियाकत की संभावित एंट्री से जोड़कर देखा जा रहा है।
चैनल की ओर से न तो ‘मैडम’ की पहचान का खुलासा किया गया है और न ही शो के नए होस्ट को लेकर कोई औपचारिक घोषणा सामने आई है। ऐसे में फिलहाल दर्शकों और मीडिया जगत की निगाहें टाइम्स नाउ नवभारत की अगली घोषणा पर टिकी हैं।
बता दें कि रुबिका लियाकत ने हाल ही में ‘नेटवर्क18’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) में कंसल्टिंग एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस चैनल पर उनका शाम पांच बजे प्रसारित होने वाला शो ‘गूंज’ दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा।
मीडिया इंडस्ट्री में रुबिका लियाकत को एक मजबूत और प्रभावशाली महिला एंकर के तौर पर देखा जाता है। अपनी तेज-तर्रार एंकरिंग, धारदार सवालों और बेबाक प्रस्तुति शैली की वजह से उन्होंने हिंदी टीवी पत्रकारिता में अलग पहचान बनाई है। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़, तथ्यों के साथ तैयारी और स्पष्ट सवाल पूछने की शैली उन्हें अन्य एंकर्स से अलग बनाती है। यही कारण है कि टीवी के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।
रुबिका लियाकत का पत्रकारिता सफर भी काफी शानदार रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में ‘लाइव इंडिया’ चैनल से की थी। इसके बाद वह ‘न्यूज24’ से जुड़ीं और फिर ‘जी न्यूज’ में रिपोर्टिंग और एंकरिंग के जरिए खास पहचान बनाई। ‘जी न्यूज’ के चर्चित शो ‘ताल ठोक के’ ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।
इसके बाद उन्होंने ‘एबीपी न्यूज’ में प्राइम टाइम शो ‘मास्टर स्ट्रोक’ के जरिए दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बनाई। साल 2022 में वह ‘भारत24’ से वाइस प्रेसिडेंट और एंकर के तौर पर जुड़ीं। जनवरी 2024 में उन्होंने ‘न्यूज18 इंडिया’ जॉइन किया था, जहां वह कंसल्टिंग एडिटर की भूमिका निभा रही थीं।
मूल रूप से राजस्थान के उदयपुर से ताल्लुक रखने वाली रुबिका हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी भाषा पर शानदार पकड़ रखती हैं। उनकी दमदार भाषा शैली, आत्मविश्वास और बेबाक राय उन्हें हिंदी न्यूज इंडस्ट्री के प्रमुख चेहरों में शामिल करती है।
अब टाइम्स नाउ नवभारत के साथ उनकी नई पारी को हिंदी न्यूज इंडस्ट्री में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। समाचार4मीडिया की ओर से रुबिका लियाकत को उनकी आगामी पारी के लिए अग्रिम रूप से ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
बता दें कि तेजकरण सिंह पूर्व में भी ZEE5 में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
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‘ओवर द टॉप’ (OTT) इंडस्ट्री से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेजकरण सिंह बजाज ने ZEE5 में वापसी कर ली है। उन्होंने यहां आठ जून को जॉइन कर लिया है। वह इस प्लेटफॉर्म में बिजनेस हेड (AI और इनोवेशन) के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। बता दें कि तेजकरण सिंह पूर्व में भी ZEE5 में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
गौरतलब है कि तेजकरण सिंह बजाज ने कुछ समय पूर्व ही ‘जियो स्टूडियोज’ (Jio Studios) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड (ओरिजिनल्स) के पद से इस्तीफा दिया था। इसके साथ ही Jio Studios में उनकी करीब साढ़े सात साल लंबी पारी समाप्त हो गई थी।
Jio Studios में अपने कार्यकाल के दौरान बजाज ने मल्टी-लैंग्वेज ओरिजिनल कंटेंट के विकास, प्रोडक्शन, पार्टनरशिप, लाइसेंसिंग और मोनेटाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में कंपनी ने स्ट्रीमिंग क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। इस दौरान उन्होंने कंपनी के प्रीमियम ओरिजिनल कंटेंट बिजनेस की क्रिएटिव, रणनीतिक और व्यावसायिक दिशा का नेतृत्व किया।
तेजकरण सिंह बजाज को कंटेंट, ऑडियंस स्ट्रैटेजी और बिजनेस ग्रोथ के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वह इससे पहले ZEE5 में हेड (ओरिजिनल कंटेंट) के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने विभिन्न भाषाओं में कंटेंट स्ट्रैटेजी तैयार करने और कई प्रमुख ओरिजिनल प्रोजेक्ट्स को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी।
ZEE5 में उनकी संभावित वापसी को कंपनी की स्ट्रैटेजिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। OTT सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच प्लेटफॉर्म कंटेंट, दर्शकों की भागीदारी और नए बिजनेस अवसरों पर फोकस बढ़ा रहे हैं। ऐसे में तेजकरण सिंह बजाज जैसे अनुभवी प्रोफेशनल की एंट्री ZEE5 के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ZEE5 और Jio Studios से पहले बजाज Maxus के साथ भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह NDTV Metronation के लॉन्च से जुड़ी टीम का हिस्सा भी रहे हैं। डिजिटल कंटेंट और मीडिया बिजनेस में उनकी गिनती इंडस्ट्री के अनुभवी और प्रभावशाली प्रोफेशनल्स में होती है।
चर्चित टीवी न्यूज एंकर अंजना ओम कश्यप और टीवी टु़डे नेटवर्क ने मशहूर शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
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Samachar4media Bureau
चर्चित टीवी न्यूज एंकर अंजना ओम कश्यप और टीवी टु़डे नेटवर्क (TV Today Network) ने मशहूर शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि (Defamation) का मुकदमा दायर किया है। यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मुकदमा अंजना ओम कश्यप की ओर से “स्टार टीचर्स” और ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी उनकी कवरेज को लेकर खान सर द्वारा की गई कथित मानहानिकारक टिप्पणियों से संबंधित है।
बताया जा रहा है कि यह विवाद NEET परीक्षा प्रणाली पर आयोजित एक लाइव डिबेट के दौरान शुरू हुआ। इस बहस में अंजना ओम कश्यप ने कुछ ऑनलाइन शिक्षकों की आलोचना की थी। उन्होंने कथित तौर पर ऐसे शिक्षकों को “फ्रॉड” और “एक्सप्लेनर” बताया था, जो केवल व्यूज बटोरने पर ध्यान देते हैं।
इसके बाद खान सर की ओर से की गई कुछ टिप्पणियों को अंजना ओम कश्यप और टीवी टु़डे नेटवर्क ने मानहानिकारक बताया है। इसी को आधार बनाते हुए दोनों पक्षों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि कथित मानहानिकारक सामग्री को सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से हटाने का निर्देश दिया जाए।
इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ में जस्टिस नीना बंसल कृष्णा के समक्ष होने वाली है।
भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में कुछ ही ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपनी छाप उतनी गहराई से छोड़ी है, जितनी आशीष सहगल ने छोड़ी है।
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भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में कुछ ही ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपनी छाप उतनी गहराई से छोड़ी है, जितनी आशीष सहगल ने छोड़ी है। तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने खुद को सिर्फ एक रेवेन्यू लीडर के रूप में नहीं, बल्कि मीडिया कारोबार के सबसे प्रभावशाली ग्रोथ आर्किटेक्ट्स में से एक के रूप में स्थापित किया है।
टेलीविजन इंडस्ट्री के सबसे प्रतिस्पर्धी दौर में उसके व्यावसायिक विकास को नई दिशा देने से लेकर देश की बड़ी मीडिया कंपनियों को बदलाव के दौर में आगे बढ़ाने तक, आशीष सहगल का सफर आधुनिक भारतीय ब्रॉडकास्टिंग की कहानी को भी बयां करता है।
वर्तमान में आशीष सहगल 'टाइम्स टीवी नेटवर्क' (Times TV Network) के सीईओ और Times Media & Entertainment के चीफ ग्रोथ ऑफिसर हैं। इस भूमिका में वह देश के सबसे प्रभावशाली मीडिया समूहों में से एक के विकास, नवाचार और रणनीतिक विस्तार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में कंपनी की ग्रोथ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का दायित्व उनके कंधों पर है।
इस पद पर आने से पहले सहगल ने करीब दो दशक तक Zee Entertainment में काम किया, जहां उन्होंने खुद को इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित बिजनेस लीडर्स में शामिल किया। इस दौरान उन्होंने ब्रॉडकास्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंपनी के कई महत्वपूर्ण रेवेन्यू और ग्रोथ विभागों का नेतृत्व किया। बिखरते और लगातार बदलते मीडिया बाजार में उन्होंने कारोबार को बड़े स्तर पर विस्तार देने में अहम भूमिका निभाई।
आशीष सहगल की सबसे बड़ी खासियत हमेशा बदलाव को पहले से भांप लेने की रही है। चाहे निचे टेलीविजन चैनलों का बढ़ता दौर हो, डिजिटल वीडियो का उभार, इंटीग्रेटेड एडवरटाइजिंग सॉल्यूशंस का विकास या फिर दर्शकों की भागीदारी की बढ़ती अहमियत- उन्होंने हर बदलाव को समय रहते समझा और उसके अनुसार रणनीति बनाई। उनकी व्यावसायिक समझ और उपभोक्ताओं के व्यवहार की गहरी जानकारी ने उन्हें हमेशा दूसरों से अलग बनाया।
इंडस्ट्री के सहयोगी और साथी उन्हें ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो बड़े विजन को मजबूत क्रियान्वयन के साथ जोड़ते हैं। उनकी नेतृत्व शैली की पहचान हमेशा से बेहतरीन टीमों का निर्माण, नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना और ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करना रही है, जो ग्रोथ, जवाबदेही और नवाचार पर आधारित हो।
Times Network में भी आशीष सहगल ने एक नई ग्रोथ स्टोरी लिखनी शुरू कर दी है। उनका फोकस बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, दर्शकों से मजबूत जुड़ाव और भविष्य के लिए तैयार मीडिया रणनीतियों पर है। उनका मानना है कि मीडिया का भविष्य उन्हीं संगठनों का होगा जो कंटेंट, टेक्नोलॉजी, डिस्ट्रीब्यूशन और मोनेटाइजेशन को सहज रूप से एक साथ जोड़ पाएंगे।
अपने जीवन का एक और वर्ष पूरा करने के साथ ही आशीष सहगल सिर्फ अपनी उपलब्धियों का जश्न नहीं मना रहे हैं, बल्कि पूरी मीडिया इंडस्ट्री ऐसे नेता का सम्मान कर रही है, जिसका प्रभाव बैलेंस शीट और रेटिंग्स से कहीं आगे तक जाता है। उनकी असली विरासत लगातार नए तरीके से ग्रोथ को परिभाषित करने, टीमों को प्रेरित करने और भारतीय मीडिया के भविष्य को आकार देने की उनकी क्षमता में छिपी है।
जानी मानी टीवी न्यूज एंकर शिवांगी ठाकुर (Shivangi Thakur) ने ‘जी न्यूज’ (Zee News) से इस्तीफा दे दिया है। वह चैनल में असिसटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत थीं और जल्द ही अपना कार्यकाल पूरा करेंगी।
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Samachar4media Bureau
जानी मानी टीवी न्यूज एंकर शिवांगी ठाकुर (Shivangi Thakur) ने ‘जी न्यूज’ (Zee News) से इस्तीफा दे दिया है। वह चैनल में असिसटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत थीं। सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही चैनल में अपना कार्यकाल समाप्त करेंगी। शिवांगी ठाकुर ‘जी न्यूज’ (Zee News) के प्रमुख संपादकीय चेहरों में शामिल रही हैं। उन्होंने न्यूज बुलेटिन और प्राइम टाइम प्रोग्रामिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपनी प्रभावशाली एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए पहचान बनाने वाली शिवांगी पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। ‘जी न्यूज’ (Zee News) से पहले वह ‘आजतक’ (Aaj Tak), ‘इंडिया टुडे’ (India Today), ‘टीवी9’ (TV9) और ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) जैसे प्रमुख हिंदी न्यूज नेटवर्क्स के साथ काम कर चुकी हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने राजनीति, अपराध, प्राकृतिक आपदाओं और राष्ट्रीय महत्व की कई बड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग की है।
शिवांगी ठाकुर संघर्ष क्षेत्रों से की गई अपनी रिपोर्टिंग के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और हमास-इजराइल संघर्ष सहित तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों की कवरेज की है। चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों से उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग को व्यापक सराहना मिली है।
अपने पूरे करियर में उन्होंने स्टूडियो एंकरिंग और फील्ड रिपोर्टिंग के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कई महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर किया। फिलहाल शिवांगी ठाकुर के अगले कदम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।