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लॉकडाउन को लेकर गवर्नेंस नाउ से BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने कही ये बात
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ‘गवर्नेंस नाउ’ के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ बातचीत में तमाम पहलुओं पर रखी अपनी राय
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। संबित पात्रा के अनुसार भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में बहुत सुधार किए जाने के साथ ही सरकार को बैंकिंग स्तर पर कार्यान्वयन की मॉनीटरिंग करने की आवश्यकता है।
‘गवर्नेंस नाउ’ (Governance Now) के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में संबित पात्रा का कहना था, ‘जहां तक भारतीय बैंकिंग सिस्टम की बात है, अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और इस दिशा में कार्य प्रगति पर है। सरकार इन कार्यों के कार्यान्वयन की मॉनीटरिंग कर रही है।’
पब्लिक पॉलिसी प्लेटफॉर्म पर ‘विजिनरी टॉक सीरीज’ (Visionary Talk series) के तहत होने वाले इस वेबिनार के दौरान संबित पात्रा ने कहा कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों का हाल ही में हुआ विलय और ‘द इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड’ (IBC) 2016 जैसे कुछ महत्वपूर्ण बैंकिंग सुधार हैं और धीरे-धीरे अन्य सुधार लाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर पैकेज और महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) सेक्टर को यह कैसे मदद कर रहा है, के बारे में बीजेपी नेता ने कहा कि आत्मनिर्भर पैकेज सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग सेक्टर के लिए पूरी तरह से काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं इस वेबिनार के माध्यम से आप लोगों से गुजारिश करता हूं कि संयम बनाए रखें। हम सही नेतृत्व में सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’
इस बातचीत के दौरान संबित पात्रा का कहना था कि दुनियाभर की कई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां चीन से बाहर निकलने की तलाश में हैं और वे अब भारत आ रही हैं, जो आज इन कंपनियों के लिए पसंदीदा स्थान बन गया है। संबित पात्रा के अनुसार, ‘अब हमें इस बदलाव के स्वागत के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। 20 लाख करोड़ का आत्मनिर्भर पैकेज ग्रामीण और छोटे शहरों में बुनियादी ढांचे के लिए काफी बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा और इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।’
यह पूछे जाने पर कि भारत किस तरह अपने यहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कर सकता है, संबित पात्रा (जो कि एक जनरल सर्जन भी हैं) ने स्वीकार किया कि भारत को अपने हेल्थ बजट को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तरह जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे के लिए जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा आवंटित करना होगा, उसी से देश में स्वास्थ्य सुविधाओं में और बेहतर सुधार हो सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना ने देश भर के 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया है। यही नहीं, मेडिकल सीट और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ ही एम्स जैसे तृतीयक देखभाल केंद्रों और जन औषधि केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है। जन औषधि केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर कुछ बहुत ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पहले की तुलना में हृदय और घुटने के प्रत्यारोपण की लागत में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है और आवश्यक दवाओं की कीमतों में भारी कटौती की गई है।
देश में लॉकडाउन को लागू किए जाने के बारे में पात्रा ने कहा कि शुरुआत में इस महामारी के 21 दिन के चक्र को खत्म करना था और संसाधनों के लिए तैयार होना था। उन्होंने कहा कि जिस देश ने कभी एक वेंटिलेटर का निर्माण नहीं किया, उसने वेंटिलेटर का निर्माण शुरू कर दिया और आत्मनिर्भर हो गया, जब देश में एक भी कोविड-19 परीक्षण प्रयोगशाला नहीं थी, अब यह रोजाना 15 लाख परीक्षण कर रहा है। रोजाना सात-आठ लाख एन-95 मास्क का निर्माण किया जा रहा है और पीपीई किट तक का अब निर्यात हो रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। यह सब लॉकडाउन के दौरान हुआ। यह अच्छी तरह से सोच-विचार कर किया गया था। लॉकडाउन व अनलॉक की योजना किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं बनाई गई थी, बल्कि 11-12 विशेषज्ञों के समूहों की टीम थी, जिसमें चिकित्सा, संसाधन, विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल थे। यही कारण है कि जनसंख्या घनत्व के बावजूद भारत में दुनिया भर में मृत्यु दर सबसे कम है।
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