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Zee Entertainment का बड़ा दांव: क्या डिजिटल दिग्गज बनने की राह पर है कंपनी?

जी एंटरटेनमेंट (ZEEL) अब खुद को सिर्फ एक ब्रॉडकास्टर नहीं, बल्कि कंटेंट और टेक्नोलॉजी आधारित युवा-केंद्रित कंपनी के तौर पर पेश कर रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago

अदिति गुप्ता, असिसटेंट एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।

जी एंटरटेनमेंट (ZEEL) अब खुद को सिर्फ एक ब्रॉडकास्टर नहीं, बल्कि कंटेंट और टेक्नोलॉजी आधारित युवा-केंद्रित कंपनी के तौर पर पेश कर रही है। यह बदलाव ऐसे वक्त में आ रहा है जब कंपनी हाल ही में कई चुनौतियों से गुजरी है, जैसे सोनी के साथ उसकी डील का टूटना, स्टार इंडिया के साथ क्रिकेट राइट्स को लेकर कानूनी विवाद और रिलायंस–डिज्नी के विलय से बने ताकतवर JioStar की मीडिया इंडस्ट्री पर बढ़ती पकड़।

अपने नए ब्रैंड वादे ‘Yours Truly, Z’ के साथ जी अब अपनी कहानी कहने की विरासत को भविष्य की आकांक्षाओं से जोड़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन एक ऐसे बाजार में जहां प्रतिस्पर्धा तेज है और बदलाव की रफ्तार और भी तेज, असली कसौटी यही है कि क्या यह रणनीतिक बदलाव जी को दोबारा बड़ी ताकत बनने की दिशा में ले जा पाएगा।

सोनी डील का टूटना और इंडस्ट्री में उथल-पुथल

जी की मुश्किलें 2022 में शुरू हुईं, जब उसने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के साथ एक बड़े विलय का ऐलान किया। करीब 10 अरब डॉलर की इस डील से एक ऐसा मीडिया जायंट बनने की उम्मीद थी, जो जी की विशाल कंटेंट लाइब्रेरी को सोनी की तकनीकी ताकत के साथ जोड़ता। लेकिन जनवरी 2024 तक यह डील नेतृत्व को लेकर विवाद, रेगुलेटरी अड़चनों और वित्तीय परेशानियों की वजह से टूट गई।

इसके बाद आया स्टार इंडिया के साथ क्रिकेट राइट्स को लेकर विवाद। जुलाई 2024 में स्टार ने जी के साथ 1.5 अरब डॉलर की ICC मीडिया राइट्स डील खत्म कर दी, यह कहते हुए कि जी ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया। स्टार ने 940 मिलियन डॉलर की मांग करते हुए मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू कर दी, और आरोप लगाया कि जी ने दिसंबर 2023 में 203.56 मिलियन डॉलर की भुगतान राशि नहीं दी। जी ने इन आरोपों को नकार दिया।

इसी दौरान रिलायंस और डिज्नी स्टार के विलय से बना JioStar (एक ऐसा बड़ा खिलाड़ी जो टीवी, स्ट्रीमिंग और स्पोर्ट्स तीनों पर पकड़ बना चुका है) और उसने देश की मीडिया तस्वीर को काफी बदल दिया है।

जी का नया गेम प्लान

जी का यह रीब्रैंडिंग कदम किसी सतही बदलाव से ज्यादा है। यह उसकी एक रणनीतिक कोशिश है कि वो मुश्किल हालात में भी प्रासंगिक बनी रहे और मुकाबले में टिकी रहे। कंपनी की नई पहचान और उसका अंदाज खासतौर पर भारत के युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जहां तेवर साहसी हैं, सोच डिजिटल है और नजरिया आगे बढ़ने वाला।

‘Yours Truly, Z’ टैगलाइन के जरिए कंपनी यह वादा कर रही है कि वह ऐसा कंटेंट लाएगी जो निजी लगे और असली अनुभव जैसा महसूस हो।

अब जी सिर्फ टीवी चैनलों तक सीमित नहीं रहना चाहती। वह तकनीक में बड़ा दांव खेल रही है और AI, डेटा व नए फॉर्मेट्स की मदद से दर्शकों का अनुभव और रोमांचक बनाने की दिशा में काम कर रही है। उसकी स्ट्रीमिंग सेवा ZEE5 ओरिजिनल शोज पर जोर दे रही है, ताकि Gen Z और मिलेनियल दर्शकों को जोड़ा जा सके, जो आज भारत के स्ट्रीमिंग बाजार को आगे बढ़ा रहे हैं।

एक मीडिया एक्सपर्ट के मुताबिक, “यह सिर्फ मेकओवर नहीं है। जी का मकसद, मिशन और विजन अब इस बात पर केंद्रित है कि वो अपनी 30 साल की कहानी कहने की विरासत को अत्याधुनिक तकनीक के साथ कैसे जोड़ सके। उसका इरादा है कि वह JioStar और Netflix जैसे ग्लोबल स्ट्रीमिंग दिग्गजों के बीच अलग पहचान बना सके। भारत के 60 करोड़ से ज्यादा 30 साल से कम उम्र के युवाओं को टारगेट कर जी दोबारा अपनी बढ़त हासिल करना चाहता है।”

स्टार के साथ टकराव में नरमी के संकेत

ZEE के Q4 FY25 अर्निंग कॉल में CEO पुनीत गोयनका ने यह संकेत दिया कि कंपनी अब स्टार इंडिया के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए पहले से कहीं ज्यादा लचीला रुख अपना सकती है। उन्होंने कहा, “हम सभी विकल्पों के लिए तैयार हैं, कानूनी हों या न हों।” यह बयान जी के पहले के सख्त रुख से अलग है, जब कंपनी ने स्टार के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया था।

गोयनका के इस बयान से संकेत मिलता है कि ZEE अब कोर्ट के बाहर समझौते की संभावनाओं पर भी विचार कर सकती है।

एक कानूनी जानकार के अनुसार, “JioStar के विलय ने मीडिया इंडस्ट्री का गणित ही बदल दिया है। लंबा कानूनी विवाद दोनों पक्षों को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि समझौता ज्यादा समझदारी भरा रास्ता होगा। अभी कोई औपचारिक डील सामने नहीं आई है, लेकिन जी की बातचीत को लेकर खुली सोच दिखाती है कि वह अब जमीनी हकीकत को ध्यान में रख रही है। अगर यह लड़ाई खत्म होती है, तो जी अपनी नई रणनीति पर पूरी तरह फोकस कर पाएगी।”

निवेशकों की चिंताओं को शांत करने के लिए जी ने सितंबर 2024 में सिंगापुर में कई बैठकें की थीं। माना जा रहा है कि ये बैठकें स्टार विवाद और उसके वित्तीय असर को लेकर फैली चिंताओं को कम करने की कोशिश का हिस्सा थीं। लचीलापन दिखाकर ZEE यह संदेश दे रही है कि वह बदलते मीडिया माहौल को समझती है और उसके मुताबिक खुद को ढालने को तैयार है।

पैसों का हिसाब: नुकसान और कामयाबी दोनों

कड़ी चुनौतियों के बीच भी ZEE ने Q4 FY25 में अपनी वित्तीय स्थिति को काफी हद तक संभाल कर रखा। कंपनी की कुल आय Q4 FY24 के ₹2,185 करोड़ से 2% बढ़कर ₹2,220 करोड़ पहुंच गई।

हालांकि, विज्ञापन से होने वाली आय में भारी गिरावट आई—यह 25% गिरकर ₹1,110 करोड़ से ₹838 करोड़ रह गई। वहीं, सब्सक्रिप्शन से मिलने वाली आय 4% बढ़कर ₹987 करोड़ हो गई। डिजिटल से हुए विस्तार की बदौलत अन्य बिक्री और सेवाओं की आय में 227% का बड़ा उछाल आया और यह ₹360 करोड़ तक पहुंच गई।

सबसे अहम रहा मुनाफे में जबरदस्त इजाफा। नेट प्रॉफिट Q4 FY24 के ₹13 करोड़ से बढ़कर ₹188 करोड़ हो गया—यानि 1,304% की छलांग। यह Q3 FY25 के ₹164 करोड़ से भी 15% ज्यादा है। इससे यह साफ होता है कि ZEE ने खर्चों पर नियंत्रण रखने और मुनाफे वाले क्षेत्रों पर फोकस करने में सफलता पाई है।

पूरे वित्त वर्ष FY25 के लिए देखें तो जी की कुल आय 4% घटकर ₹8,766 करोड़ से ₹8,417 करोड़ हो गई। विज्ञापन आय में 11% की गिरावट आई और यह ₹3,591 करोड़ रही, जबकि सब्सक्रिप्शन से आय 7% बढ़कर ₹3,926 करोड़ हो गई। अन्य बिक्री और सेवाओं में 15% की गिरावट आई और यह ₹777 करोड़ रह गई, वहीं अन्य आय 5% गिरकर ₹123 करोड़ पर पहुंच गई।

इसके बावजूद सालाना नेट प्रॉफिट में 381% की तेज बढ़त देखने को मिली- FY24 के ₹141 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹679 करोड़। यह साबित करता है कि राजस्व में कुछ गिरावट के बावजूद ZEE ने मुनाफा कमाने की अपनी क्षमता को बरकरार रखा है।

क्या ZEE दोबारा उभर सकता है?

ZEE का नया रुख उसे फिर से एक मजबूत खिलाड़ी बना सकता है, लेकिन रास्ता आसान नहीं है। उसका टेक्नोलॉजी पर फोकस और युवा-केन्द्रित ब्रैंड पहचान भारत के डिजिटल बदलाव के साथ मेल खाती है और ZEE5 की ग्रोथ इस दिशा में अच्छा संकेत है।

कंटेंट और टेक्नोलॉजी की ताकत के साथ ZEE ने खुद को एक नए रूप में पेश किया है यानी एक ऐसा साहसिक कदम जो उसे भारत की डिजिटल मीडिया लहर में नेतृत्व की ओर ले जा सकता है।

तकनीक, युवा और भरोसे पर दांव लगाकर ZEE अब एक बेहद प्रतिस्पर्धी बाजार में टिकने की तैयारी कर रहा है।

फिलहाल ‘Yours Truly, Z’ एक बोल्ड वादा है। जी इसे कितनी हकीकत में बदल पाता है और क्या वह दिग्गज खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह फिर से बना पाता है और यह आने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा। मीडिया की दुनिया में जहां सिर्फ सबसे मजबूत टिकते हैं, जी यह साबित करने की कोशिश में है कि उसमें अब भी दम बाकी है।


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