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फेक व भ्रामक कंटेंट के बढ़ते खतरे को लेकर सरकार सतर्क: डॉ. एल. मुरुगन
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ रही फेक और भ्रामक खबरों को लेकर सरकार सतर्क है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 20 hours ago
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ रही फेक और भ्रामक खबरों को लेकर सरकार सतर्क है। सरकार का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत हर नागरिक को मिली हुई है लेकिन इसके साथ-साथ फर्जी, गलत और भ्रामक जानकारी के बढ़ते खतरे को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सरकार ने इस दिशा में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत 2021 में आईटी नियम लागू किए हैं। इन नियमों को Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 कहा जाता है। इन नियमों के तहत OTT प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के लिए साफ गाइडलाइन तय की गई है।
OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए क्या नियम हैं?
नियमों के मुताबिक ऑनलाइन कंटेंट दिखाने वाले प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करेंगे कि वे ऐसा कोई कंटेंट प्रसारित न करें जो कानून के खिलाफ हो। उन्हें अपने कंटेंट को उम्र के हिसाब से पांच कैटेगरी में बांटना होगा। साथ ही बच्चों को उम्र के हिसाब से अनुपयुक्त कंटेंट से बचाने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय भी करने होंगे।
डिजिटल न्यूज और करेंट अफेयर्स पब्लिशर्स के लिए भी आचार संहिता तय की गई है। उन्हें केबल टेलीविजन नेटवर्क्स एक्ट 1995 के तहत बने प्रोग्राम कोड और प्रेस काउंसिल एक्ट 1978 के तहत तय पत्रकारिता मानकों का पालन करना होगा। इन नियमों के तहत गलत, भ्रामक, आधी-अधूरी या झूठी जानकारी फैलाने की इजाजत नहीं है।
फेक न्यूज पर नजर रखने के लिए सरकार ने नवंबर 2019 में प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो के तहत एक फैक्ट चेक यूनिट (FCU) भी बनाई है। यह यूनिट केंद्र सरकार से जुड़ी खबरों की सच्चाई जांचती है। संबंधित मंत्रालयों और विभागों से पुष्टि करने के बाद सही जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करती है।
प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रम और विज्ञापन भी केबल टेलीविजन नेटवर्क्स (रेगुलेशन) एक्ट 1995 और 1994 के नियमों के तहत बनाए गए प्रोग्राम कोड और ऐडवर्टाइजिंग कोड का पालन करने के लिए बाध्य हैं। इन कोड्स में साफ कहा गया है कि अश्लील, मानहानिकारक, जानबूझकर झूठी या भ्रामक सामग्री प्रसारित नहीं की जा सकती।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने राज्यसभा में सांसद तेजवीर सिंह के प्रश्न के लिखित जवाब में दी।
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