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सुंदर पिचाई का ऐलान, 2 करोड़ कर्मचारियों को गूगल देगी AI की ट्रेनिंग
सुंदर पिचाई AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने भारत आए हैं और इसी दौरान उन्होंने कई बड़े ऐलान किए।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 hours ago
सुंदर पिचाई ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के भविष्य को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि भारत AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ सकता है और गूगल इस सफर में भारत का मजबूत भागीदार बनना चाहता है। सुंदर पिचाई AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने भारत आए हैं और इसी दौरान उन्होंने कई बड़े ऐलान किए।
उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हाल ही में घोषित 15 अरब डॉलर का AI हब बनाया जाएगा। इस हब में बहुत बड़े स्तर की कंप्यूटिंग सुविधा होगी और एक अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे भी तैयार किया जाएगा। इसका मकसद भारत और अमेरिका के बीच AI कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इसके साथ ही गूगल ने “इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव” की घोषणा की है, जिसके तहत नई समुद्री केबल रूट बिछाए जाएंगे ताकि डेटा ट्रांसफर और AI सेवाएं और तेज और मजबूत हो सकें।
सुंदर पिचाई ने कहा कि AI हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी बदलाव है। उनके मुताबिक, भारत जैसे देशों के लिए यह एक सुनहरा मौका है कि वे पुरानी चुनौतियों को पीछे छोड़कर नई छलांग लगा सकें। उन्होंने बताया कि AI का इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती, जलवायु और कई अन्य क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में लोग वॉइस और विजुअल सर्च का काफी ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जो AI को तेजी से अपनाने का संकेत है।
स्किलिंग यानी प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी गूगल ने बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी भारत में गूगल AI प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू करेगी, जिससे छात्रों और अपने करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं को AI की ट्रेनिंग मिलेगी। इसके अलावा 'कर्मयोगी भारत' के साथ मिलकर 20 मिलियन सरकारी कर्मचारियों को 18 भाषाओं में ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही 10 हजार से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स में पढ़ने वाले लगभग 1.1 करोड़ छात्रों को जेनरेटिव AI टूल्स की मदद दी जाएगी।
सुंदर पिचाई ने यह भी बताया कि गूगल DeepMind आईआईटी मद्रास और भारत सरकार के साथ मिलकर रिसर्च और नई खोजों पर काम करेगा। कंपनी ने 30 मिलियन डॉलर का “AI for Science Impact Challenge” भी लॉन्च किया है, जिससे वैज्ञानिकों को क्वांटम कंप्यूटिंग और क्लाइमेट मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में AI की मदद से रिसर्च करने का मौका मिलेगा।
भारत दौरे के दौरान पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे गूगल भारत में AI को हर स्तर पर पहुंचाने में मदद कर सकता है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हों, अलग-अलग भाषाओं में जानकारी आसानी से मिले और स्टार्टअप्स व किसानों को फायदा हो।
सुंदर पिचाई ने साफ कहा कि गूगल पिछले एक दशक से AI में निवेश कर रहा है और अब भारत के साथ मिलकर भविष्य बनाने को लेकर कंपनी पहले से ज्यादा उत्साहित है। उनका मानना है कि सही इंफ्रास्ट्रक्चर और सही ट्रेनिंग के साथ भारत AI की दुनिया में ग्लोबल लीडर बन सकता है।
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