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अब राज्य सभा से भी पास हुआ ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023’
इससे पहले यह बिल लोक सभा में सात अगस्त को पास हो चुका है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिल जाने के बाद यह अधिनियम अब नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा करने वाला पहला कानून बन जाएगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023’ (The Digital Personal Data Protection Bill 2023) बुधवार को राज्य सभा में पारित हो गया है। इससे पहले यह बिल लोक सभा में सात अगस्त को पास हो चुका है।
राष्ट्रपति से मंजूरी मिल जाने के बाद यह अधिनियम अब नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा करने वाला पहला कानून बन जाएगा। यह कानून लागू होने के बाद लोगों को अपने डेटा कलेक्शन, स्टोरेज और प्रोसेसिंग के बारे में डिटेल मांगने का अधिकार मिल जाएगा।
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विधेयक को बदलती टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि जो डेटा अवधारणाएं अभी भी विकसित हो रही हैं, उन्हें संशोधन की आवश्यकता के बिना शामिल किया जा सके।
इसका उद्देश्य सरकारी और निजी कंपनियों, जिनमें बड़ी टेक्नोलॉजी फर्मों के साथ-साथ विदेश में विकास चाहने वाली स्थानीय फर्में भी शामिल हैं, के लिए डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग और ट्रांसफर मानदंडों को आसान बनाना है।
एक बार कानून बनने के बाद यह डेटा फ्लो को आसान बना देगा और गूगल व मेटा जैसे तकनीकी दिग्गजों के लिए अनुपालन बोझ (compliance burdens) को कम कर देगा, जिन्होंने लाखों भारतीयों का व्यक्तिगत डेटा संग्रहीत किया है। यह कंपनियों को सरकार द्वारा निर्दिष्ट देशों को छोड़कर किसी भी देश में डेटा निर्यात करने की अनुमति देता है।
वैष्णव ने तीन अगस्त को निचले सदन में यह बिल पेश किया था। तब मांग की गई थी कि बिल को जांच के लिए स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए। मंत्री का कहना था कि यह विधेयक ऐसे किसी भी कानून को खत्म नहीं करेगा जो किसी इकाई द्वारा व्यक्तिगत डेटा के हस्तांतरण (transfer of personal data) पर उच्च स्तर की सुरक्षा या प्रतिबंध प्रदान करता है।
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