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NBF ने बनाई डिजिटल मीडिया के लिए उपसमिति, और अधिक ब्रॉडकास्टर्स हो सकते हैं शामिल
एनबीएफ के सभी सदस्य नई डिजिटल मीडिया उप समिति से संबद्ध हैं और यह अपने साथ अधिक ब्रॉडकास्टर्स को शामिल करने पर विचार कर रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे सुलझाने और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के हितों की रक्षा के लिए गठित ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) ने अब डिजिटल रूप में मौजूदगी वाले ब्रॉडकास्टर्स के लिए डिजिटल मीडिया उपसमिति (subcommittee) शुरू की है। यह डिजिटल मीडिया उपसमिति इस सप्ताह की शुरुआत में प्रभाव में आई है। इस कदम से ब्रॉडकास्टर्स के पास स्व: नियामक संस्थाओं (self-regulatory bodies) के लिए और अधिक विकल्प मौजूद होंगे, हालांकि यह सिर्फ न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के लिए है।
‘एनबीएफ‘ के सभी सदस्य वर्तमान में नवगठित डिजिटल मीडिया उपसमिति के साथ संबद्ध हैं और यह अपने साथ अधिक ब्रॉडकास्टर्स को शामिल करने पर विचार कर रहा है। ‘एनबीएफ‘ में वर्तमान में Dighvijay, DY365 News, First India Rajasthan, Gulistan News, IBC24, India News, JK 24X7, Living India News, News Live, News Nation, NewsX, North East Live, Odisha TV, Prag News, MH One News, PuthiyaThalaimurai TV, News First Kannada, Republic Bharat, Republic TV, S Newz, TV5, and Twenty Four News शामिल हैं।
इस बारे में ‘एनबीएफ‘ के महासचिव जय कृष्णा (Jai Krishna) का कहना है, ‘डिजिटल मीडिया के विस्तार से न्यूज के उपभोग (consumption of news) के तरीकों में काफी बदलाव आया है और यह बड़ी स्क्रीन से निकलकर छोटी स्क्रीन जैसे-मोबाइल, टैबलेट आदि में आ गई है। डिजिटल में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की क्षमता भी है। मजबूत सेल्फ रेगुलेटरी ढांचे के साथ एनबीएफ की डिजिटल मीडिया उपसमिति, डिजिटल मौजूदगी वाले ट्रेडिशनल न्यूज ब्रॉडकास्टर्स द्वारा समाचारों के नियामक अनुपालन में और अधिक स्पष्टता लाने का काम करेगी। यह डिजिटल के ऑडियंस के लिए जिम्मेदाराना न्यूज ब्रॉडकास्टिंग भी सुनिश्चित करेगी।‘
‘एनबीएफ‘ के अनुसार, डिजिटल कंटेंट के मामले में उपसमिति ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय‘ (एमआईबी) के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि ब्रॉडकास्टर्स को सेल्फ रेगुलेशन की नई व्यवस्था के तहत मदद मिल सके।
बता दें कि ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन‘ (NBA) के साथ-साथ ‘एनबीएफ‘ पहले ही सूचना प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पारंपरिक न्यूज ब्रॉडकास्टर्स को नए आईटी नियमों से बाहर रखने की मांग कर चुका है। नए नियमों के अनुसार, डिजिटल मीडिया पर न्यूज पब्लिशर्स को केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियमन अधिनियम के तहत भारतीय प्रेस परिषद के पत्रकारीय आचरण के मानदंडों और कार्यक्रम संहिता का पालन करना आवश्यक है। एनबीएफ ने एक आरटीआई दाखिल कर इन नए नियमों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
‘एनबीएफ’ के महासचिव के अनुसार, ‘ब्रॉडकास्टर्स कई बार उसी कंटेंट को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल करते हैं, जिसे वह टीवी पर इस्तेमाल करते हैं। यह कंटेंट पहले से ही तमाम कानूनों जैसे-केबल टेलीविजन रेगुलेशन एक्ट 1995 और अपलिंकिंग-डाउनलिंकिंग गाइडलाइंस2011 आदि से रेगुलेट होता है। इस तरह के कंटेंट के लिए नए आईटी नियमों का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि इससे बेवजह और अतिरिक्त फिल्टर लगेगा। हमारी डिजिटल उपसमिति ब्रॉडकास्टर्स के हित में काम करेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें नई योजना में किसी भी तरह के मार्गदर्शन में मदद करेगी।‘
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