होम / डिजिटल / इस रिपोर्ट को पढ़कर खुशी से चमका डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री का ‘चेहरा’
इस रिपोर्ट को पढ़कर खुशी से चमका डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री का ‘चेहरा’
डिजिटल मीडिया में एडवर्टाइजिंग खर्च को लेकर ‘Dentsu Aegis Network-exchange4media (DAN- e4m) की रिपोर्ट दिल्ली में आयोजित एक समारोह में जारी की गई
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में एडवर्टाइजिंग खर्च को लेकर ‘Dentsu Aegis Network-exchange4media (DAN- e4m) की रिपोर्ट गुरुवार को जारी कर दी गई। दिल्ली स्थित ‘द ललित’ (The Lalit) होटल में आयोजित एक समारोह में इंडस्ट्री के दिग्गजों की मौजूदगी में इस रिपोर्ट को जारी किया गया। यह इस रिपोर्ट का चौथा एडिशन है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 तक डिजिटल एडवर्टाइजिंग 50000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर सकती है। भारतीय एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के समग्र विकास का आकलन करें तो वर्ष 2018 के बाद यह 9.4 प्रतिशत की दर से बढ़कर वर्ष 2019 के अंत तक 68475 करोड़ रुपए की हो चुकी है और अनुमान है कि 10.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 75952 करोड़ रुपए की हो जाएगी। इसके साथ ही यह भी अनुमान लगाया गया है कि सीएजीआर (CAGR) में 11.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2025 तक यह 1,33,921 करोड़ रुपए का आंकड़ा छू लेगी। इस रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री काफी मजबूत बनी हुई है और इसमें 27 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2020 के आखिरी तक यह 17377 करोड़ रुपए की हो सकती है।
एक ओर आर्थिक मंदी ने पूरे मार्केट को प्रभावित किया है, इसके बावजूद डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्रभावशाली प्रदर्शन करने में सफल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 में डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री जहां 10859 करोड़ रुपए की थी, वह 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2019 के आखिर तक 13683 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। वर्ष 2020 के लिए भी इसी तरह की उम्मीद जताई गई है।
इस बारे में डेंट्सू एजिस नेटवर्क के सीईओ (एशिया पैसिफिक) और चेयरमैन (इंडिया) आशीष भसीन ने कहा, ‘मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और डिजिटल इसमें निश्चित रूप से अपनी पकड़ मजबूत बना रहा है। उम्मीद है कि वर्ष 2020 में देश में एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में बड़े बदलाव के साथ ही डिजिटल काफी बड़ा माध्यम बन सकता है। वास्तव में वर्ष 2021 तक इसकी ग्रोथ प्रिंट से आगे निकल जाएगी। इस वृद्धि के बावजूद डिजिटल के लिए एक कॉमन मीजरमेंट प्रणाली तय करने के लिए इंडस्ट्री एक साथ एक मंच पर आने में विफल रही है। डेंट्सू एजिस नेटवर्क विकास की इस दौड़ में सबसे आगे है और डिजिटल के बारे में और ज्यादा जानकारी रखने की जरूरत को समझता है। यह DAN Digital Report का चौथा एडिशन है और यह रिपोर्ट काफी व्यवस्थित है। अब देश में जब भी डिजिटल की बात होती है तो यह रिपोर्ट सूचना का सबसे विश्वसनीय स्रोत बन गई है।’
डिजिटल एडवर्टाइजिंग जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे उम्मीद लगाई जा रही है कि कुछ वर्षों बाद ही यह प्रिंट को पीछे छोड़ देगी। अभी की बात करें तो टीवी इस दौड़ में सबसे आगे बना हुआ है। मीडिया खर्च में इसका सबसे ज्यादा शेयर 39 प्रतिशत (26,869 करोड़ रुपए) है, जबकि 29 प्रतिशत शेयर (20,110 करोड़ रुपए) के साथ प्रिंट मीडिया दूसरे नंबर पर है। डिजिटल मीडिया की बात करें तो 20 प्रतिशत शेयर (13,683 करोड़ रुपए) के साथ यह तीसरे नंबर पर है। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस साल यानी वर्ष 2020 में टीवी पर विज्ञापन खर्च में 10 प्रतिशत की ग्रोथ होगी और इसका शेयर ज्यों का त्यों बना रहेगा, वहीं प्रिंट मीडिया के मार्केट शेयर में तीन प्रतिशत की ग्रोथ होगी, लेकिन इसका शेयर 27 प्रतिशत रह जाएगा।
इस मौके पर डेंट्सू एजिस नेटवर्क (Dentsu Aegis Network) के सीईओ आनंद भड़कामकर (Anand Bhadkamkar) ने रिपोर्ट के डाटा के साथ ही इस तरह की रिपोर्ट की जरूरत पर भी बल दिया। उनका कहना था, ‘प्रिंट और टीवी की तुलना में देश में डिजिटल सबसे नया मीडियम है। प्रिंट और टीवी लंबे समय से अपनी मौजूदगी दर्ज कराए हुए हैं। हालांकि डिजिटल देर से शुरू हुआ, फिर भी यह तेजी से बढ़ता हुआ मीडियम बन गया है। जैसा कि आप रिपोर्ट में देखेंगे कि जल्द ही यह देश में दूसरे नंबर पर आ जाएगा। वैश्विक स्तर पर यह पहले से ही कई बड़े मार्केट्स में नंबर एक पर बना हुआ है और इसने टीवी को भी पीछे छोड़ दिया है। यह माध्यम काफी तेजी से आगे बढ़ा है और हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में काफी महत्वपूर्ण बन गया है, लेकिन यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि बाजार में इंडस्ट्री के मानकों को लेकर कोई एक मजबूत तंत्र नहीं है, जबकि अन्य माध्यमों में यह पहले से ही है। ऐसे में इंडस्ट्री में अपनी दमदार पोजीशन के कारण हमें लगता है कि यह अंतर बहुत बड़ा है और हमें इंडस्ट्री के मानकों को तय करने की जरूरत है, ताकि हम अपने क्लाइंट्स के लिए कुछ ऐसी रिपोर्ट्स पेश कर सकें, जिससे एडवर्टाइजर्स और कंज्यूमर्स देख सकें कि वास्तव में इंडस्ट्री के मानक क्या हैं और हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’
इस साल भी डिजिटल मीडिया पर सबसे ज्यादा विज्ञापन खर्च करने के मामले में सोशल मीडिया की मौजूदगी सबसे दमदार रही और भारतीय डिजिटल एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में इसका मार्केट शेयर 28 प्रतिशत (3,835 करोड़ रुपए) रुपए है। यानी डिजिटल की बात करें तो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा विज्ञापन खर्च किया गया है। इसके बाद 23 प्रतिशत शेयर के साथ पेड सर्च, 22 प्रतिशत के साथ ऑनलाइन विडियो और 21 प्रतिशत के साथ डिस्प्ले मीडिया पर खर्च किया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020 में डिस्प्ले मीडिया, ऑनलाइन विडियो और सोशल मीडिया में काफी तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीद है।
वर्ष 2019 में कई ब्रैंड्स ने अपने मार्केटिंग बजट का काफी बड़ा हिस्सा डिजिटल एडवर्टाइजिंग पर खर्च किया। हालांकि, ‘फास्ट मूविंग कंज्यूमर्स गुड्स’ (FMCG) से जुड़े बड़े ब्रैंड्स अभी भी 61 प्रतिशत शेयर के साथ टेलिविजन पर विज्ञापन को प्राथमिकता देते हैं, जबकि रिटेल और ऑटोमोबाइल के लिए प्रिंट सबसे पसंदीदा माध्यम बना हुआ है। डिजिटल पर सबसे ज्यादा विज्ञापन देने वालों में ‘बैंकिंग, फाइनेंसियल सर्विसेज और इंश्योरेंस’ (42 प्रतिशत), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (38 प्रतिशत) और ई-कॉमर्स (37 प्रतिशत) शामिल हैं।
आजकल मार्केटर्स, एडवर्टाइजर्स और एजेंसियां मोबाइल फोन पर भी एडवर्टाइजिंग कर रही हैं। सस्ते डाटा प्लान और देश भर में स्मार्ट फोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों का डिजिटल पर फोकस बढ़ा है। मोबाइल पर बिताने वाले औसत समय (verage time spent) में भी बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2020 तक मोबाइल फोन पर विज्ञापन खर्च में 41 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है और डिजिटल एडवर्टाइजिंग सेक्टर में इसका मार्केट शेयर 52 प्रतिशत हो जाएगा और विज्ञापन खर्च के मामले में यह डेस्कटॉप को भी पीछे छोड़ देगा। वर्ष 2020 तक मोबाइल फोन पर विज्ञापन खर्च 64 प्रतिशत तक हो जाएगा।
इन पूर्वानुमानों के अलावा, रिपोर्ट में ट्रेंड्स को लेकर इस तरह की कई जानकारियां दी गई हैं, जिससे डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के भविष्य को आसानी से परिभाषित किया जा सकता है। इस रिपोर्ट में मौजूदा ट्रेंड्स को लेकर डिजिटल इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों के विचारों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मार्केटिंग टेक्नोलॉजी में प्रगति के साथ 5जी टेक्नोलॉजी आने और ई-कॉमर्स एडवर्टाइजिंग को अपनाने के कारण वर्ष 2025 तक डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री 50000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर सकती है।
आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)
टैग्स DAN-e4m रिपोर्ट आशीष भसीन डिजिटल एडवर्टाइजिंग डिजिटल एडवर्टाइजिंग रिपोर्ट