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जानिए क्यों, मुंबई नहीं दिल्ली-एनसीआर बना ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री की पहली पसंद
रुहेल अमीन व वेंकट सुष्मिता बिश्वास ।। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई लंबे समय से ऐडवर्टाइजिंग कैपिटल भी बनी हुई है। हालांकि अब चीजें तेजी से बदल रही हैं। ‘ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स‘ (Oxford Economics) द्वारा कराई गई
समाचार4मीडिया ब्यूरो 8 years ago
रुहेल अमीन व वेंकट सुष्मिता बिश्वास ।।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई लंबे समय से ऐडवर्टाइजिंग कैपिटल भी बनी हुई है। हालांकि अब चीजें तेजी से बदल रही हैं।
‘ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स‘ (Oxford Economics) द्वारा कराई गई एक स्टडी के अनुसार, वर्ष 2015 में दिल्ली ने इस मामले में अब मुंबई को पीछे छोड़ दिया है। मुंबई की 368 बिलियन डॉलर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मुकाबले दिल्ली की जीडीपी 370 बिलियन डॉलर हो गई है। इस स्टडी में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2030 तक मुंबई की जीडीपी 930 बिलियन डॉलर और दिल्ली की जीडीपी 1040 बिलियन डॉलर हो जाएगी।
इन आंकड़ों को देखें तो ऐडवर्टाइजिंग की दुनिया में दिल्ली–एनसीआर तेजी से एक नए हब के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि यहां बड़े विज्ञापनदाता (big ad spenders) जैसे मारुति, पेप्सी, कोक, नेस्ले आदि हैं और इसके परिणामस्वरूप ऐड इंडस्ट्री भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
दिल्ली-एनसीआर के नई ऐड कैपिटल बनने की दिशा में हमारी सहयोगी वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) ने इंडस्ट्री से जुड़े कई दिग्गजों से बातचीत की।
मनीष का कहना है, ‘शुरुआत में जब हम बड़े कॉरपोरेट जैसे आईटीसी, बिड़ला और बड़े समूहों को देखते थे तब कोलकाता ही मार्केटिंग हब था, इसके बाद मुंबई के देश की आर्थिक राजधानी बनते ही यह वहां शिफ्ट हो गया। अब करीब 10-15 साल से दिल्ली मार्केटिंग हब बन चुका है क्योंकि कई बड़़ी विज्ञापन कंपनियों ने दिल्ली-एनसीआर में अपना बेस तैयार कर लिया है।’
सुजाता के अनुसार, ‘इस समय दिल्ली-एनसीआर को कंपनियां प्राथमिकता दे रही हैं। इसका कारण है कि यहां का इंफ्रॉस्ट्रक्चर कंपनियों के लिए काफी सपोर्टिव है। इसके अलावा मुंबई के मुकाबले यहां जमीन भी सस्ती है।’
इसके साथ ही सुजाता का यह भी कहना है कि हालांकि दिल्ली काफी तेजी से रफ्तार पकड़ रही है लेकिन यह मुंबई को मात नहीं दे सकती, क्योंकि बड़े ऐडवर्टाइजर्स मुंबई में हैं। उनका यह भी कहना है कि भविष्य में मार्केटिंग एक्टिविटी का ज्यादा शहरों खासकर चार मेट्रो में विस्तार हो सकता है।
हालांकि मुंबई के लिए इसमें चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। मार्केटिंग हब के रूप मे दिल्ली-एनसीआर तेजी से भले ही आगे बढ़ रहा हो लेकिन बॉलिवुड से निकटता के कारण मुंबई भी मार्केटिंग और ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा।
भसीन का कहना है, ‘मुंबई हमेशा से छाया रहेगा क्योंकि बॉलिवुड इंडस्ट्री भी यहीं पर है। इसके अलावा बड़े ऐडवर्टाइजर्स जैसे Hindustan Lever, Procter&Gamble, L’Oreal औरJohnson & Johnson’ अभी भी मुंबई में ही हैं।’
भसीन का यह भी कहना है कि मुंबई एक महत्वपूर्ण मार्केट और ऐडवर्टाइजिंग हब बना हुआ है क्योंकि कई बड़ी कंपनियों के हेड ऑफिस मुंबई में हैं। इसके अलावा यहां औद्योगिक इकाइयां भी लगी हुई हैं।
इसके अलावा भसीन का यह भी कहना है, ‘दिल्ली ने मुंबई के मुकाबले हालांकि काफी तेजी से तरक्की की है लेकिन मुंबई ने इंडस्ट्री में अपना स्थान बनाए रखा है।’ दिल्ली-एनसीआर आगे बढ़ा है, सिर्फ इसके आधार पर यह नहीं कह सकते कि मुंबई पीछे हुआ है। पूरी दुनिया आगे बढ़ी है और यह रफ्तार जारी रहेगी।
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