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वरिष्ठ पत्रकार निर्मलेंदु बोले, चमत्कारिक शक्ति के चलते सलमान केस की हुई हैप्पी एंडिंग

निर्मलेंदु सलमान खान अब चिंकारा मारने के मामले में भी बरी हो गए हैं। एक कहावत है कि जाको राखे साईंया मार सके ना कोई, बाल ना बांका कर सके, जो जग बैरी होए। यदि यह कहें कि यह कहावत सलमान खान पर एकदम फिट है, तो शायद गलत नहीं होगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

निर्मलेंदु सलमान खान अब चिंकारा मारने के मामले में भी बरी हो गए हैं। एक कहावत है कि जाको राखे साईंया मार सके ना कोई, बाल ना बांका कर सके, जो जग बैरी होए। यदि यह कहें कि यह कहावत सलमान खान पर एकदम फिट है, तो शायद गलत नहीं होगा। दरअसल, सलमान की बुराइयों पर नजरें गढ़ाने वालों ने उनकी खूबियों को हरदम नजरअंदाज ही किया है। व्यक्तिगत तौर पर वह किसी के लिए अच्छे या बुरे हो सकते हैं, उनको लेकर अलग-अलग लोगों के अलग-अलग अनुभव भी हो सकते हैं, लेकिन उनकी तीन खूबियों से तो उनके दुश्मन भी शायद इनकार नहीं कर सकते। एक, वे जितने बड़े ऐक्टर हैं, उतने ही बेहतरीन इंसान। दो, एक सहज और दिलदार इंसान, जो हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहता है। तीसरा, मजहब। मजहब के मामले भी सलमान का परिवार सबसे ज्यादा सेक्यूलर नजर आता है। सलमान के पिता मुस्लिम हैं, तो वहीं उनकी अपनी मां हिंदू राजपूत, तो दूसरी मां हेलेन क्रिश्चियन हैं। उनकी दोनों बहनें हिंदू परिवार में ब्याही गई हैं और इसीलिए सलमान के घर में जितनी खुशी से ईद मनाई जाती है, उतनी ही शिद्दत और खूबसूरती से दीवाली और दूसरे धर्मों के तीज- त्यौहार भी मनाए जाते हैं। यह अपने आपमें एक मिसाल और दूसरों के लिए सबक है। उनके लिए खासकर सबक है, जो हिंदू मुस्लिम के बीच मतभेद पैदा करते हैं। मजहब के नाम पर रोज आपस में लड़ते रहते हैं। एक ओर सलमान की फिल्में हिट होती हैं, तो वहीं दूसरी ओर कानून के फंदे से वह हंसते-हंसते निकल आते हैं। सलमान के इस पहेली को बूझना, समझना और जानना हम सब के बस की बात नहीं। आखिर सलमान का यह करिश्मा क्या है कि कई तरह के विवादों, प्रेम प्रसंगों और निजी, व्यवसायिक जिंदगी में तमाम तरह के उतार-चढ़ाव के बावजूद वह कामयाबी की सड़क पर अपनी रफ्तार बनाए हुए हैं। सवाल यह भी उठता है कि सुपरस्टार सलमान खान की फिल्में आखिर कैसे अरबों रुपये का कारोबार करती हैं और वह कैसे कोर्ट केस में बरी हो जाते हैं? आखिर सलमान में ऐसी कौन सी शक्ति है, जो उन्हें तमाम तरह के तूफानों से बचा ले जाती है? वे कभी टूटते नहीं, थकते नहीं, हारते नहीं टेंशन में नहीं आते। उनके वकील ने खुद यह स्वीकार किया है कि सलमान को मैंने कभी टेंशन में नहीं देखा। हां जनाब। 18 साल बहुत होता है। कोई भी व्यक्ति टूट कर बिखर सकता है। लेकिन पिछले 18 साल से निचली अदालत और हाई कोर्ट में गवाहों, पेशियों और सबूतों के बीच जिरह के बाद भी अगर सलमान खान केस में बरी हो जाते हैं, तो इसके पीछे कोई न कोई चमत्कारिक शक्ति तो होगी, जिसके कारण सलमान को किसी भी तरह की कोई आंच नहीं आती। हर तरह की मुश्किल में सलमान की फिल्मों की तरह ही हैप्पी एंडिंग होती है। उन्हें करीब से जानने वाले बताते हैं कि उन्होंने हमेशा जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपना एक एनजीओ ‘बीइंग ह्यूमन’ भी खोल रखा है। हांलाकि यह अलग बात है कि टीवी, अखबार और मीडिया में उनको लेकर जो बातें कही और सुनी जाती रही हैं, वे शायद उनके स्टारडम के कारण होता है। उन्हें कोई गलियाता है, तो कोई सिर आंखों पर बिठाता है। वैसे, सलमान जो भी हो, इसमें कोई दो राय नहीं कि वह एक बेहतर इंसान हैं। शायद अच्छे इंसान होने के कारण ही वे हमेशा विवादों में घिरते रहे हैं। उनकी एक खूबी यह भी है कि वह बिना लाग लपेट बोल जाते हैं। सोच समझ कर नहीं बोलते, इसीलिए उनके दुश्मन बहुत हैं। लेकिन वह किसी की परवाह नहीं करते, क्योंकि वह एक सहज हृदयवाला इंसान हैं। एक अच्छा इंसान, जो लोगों के दुख-सुख में काम आए, लोगों की आउट ऑफ द वे जाकर मदद करे। अपना कर्म करे और दूसरों का नुकसान न करे। बस सलमान यही करते हैं, अपना हित जरूर देखते हैं, लेकिन दूसरों का अहित नहीं करते। यही सलमान के करिश्माई होने का राज है।  


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