होम / विचार मंच / ‘पप्पू’ कहे जाने के सवाल पर राहुल के लाजवाब बोल

‘पप्पू’ कहे जाने के सवाल पर राहुल के लाजवाब बोल

एक पत्रकार के तौर पर नेताओं से मिलना-जुलना और उनकी राजनीति को समझना हमेशा...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago

ब्रजेश राजपूत

एबीपी न्यूज

एक अकेले राहुल और हम नब्बे पत्रकार...

एक पत्रकार के तौर पर नेताओं से मिलना-जुलना और उनकी राजनीति को समझना हमेशा अच्छा लगता है। ऐसे में जब कहा गया कि इंदौर में राहुल गांधी पत्रकारों से मिलेंगे तो इंदौर जाने की ललक बढ़ गई थी। इंदौर के रेडिसन ब्लू के बड़े हॉल में करीब नौ बड़ी टेबल लगाकर राहुल से पत्रकारों की चर्चा के इंतजाम किए गए थे। हर टेबल पर करीब आठ से दस पत्रकार थे।

राहुल तय समय से करीब आधे घंटे बाद आए। राहुल का पहनावा वही था जो आमतौर पर सभाओं में दिखता है। बेतरतीबी से पहना हुआ सादा सा सफेद कुर्ता पायजामा और नीले घिसे हुए स्पोर्टस शूज। आते ही देरी से आने के लिए क्षमा मांगी और जिस टेबल पर सीनियर पत्रकारों की भीड़ देखी, वहां जाकर बैठ गए और लगे गुफतगू करने।

जाहिर है चर्चा राजनीति की हो रही थी। वहीं बैठे किसी वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि आप सब कुछ बांटने और किसानों के कर्ज माफी की बातें कर रहे हैं, ये तरीका ठीक लगता है आपको? राहुल ने एक मिनट उनकी ओर देखा और कहा, ‘आप अपनी घड़ी देंगे क्या? ’ सवाल पूछने वाले पत्रकार ने हैरान होकर घड़ी उतारी और राहुल की तरफ बढ़ा दी,  राहुल ने घड़ी उलटी पलटी और वापस करते हुए कहा कि अच्छी घड़ी है, रख लीजिए। टेबल पर बैठे लोग भी हैरान थे कि जवाब देने की जगह राहुल ये घड़ी की बात बीच में क्यों ले आए। सबको हैरान देख राहुल ने कहा ये यही हाल है, आपका पैसा है किसानों का पैसा है और आपको ही वापस कर रहे हैं।

कुछ और हल्के फुल्के सवाल जबाव होते रहे। राहुल जो थोड़ी देर टेबल पर बैठकर छोटे सवालों के लंबे-लंबे जबाव दे रहे थे, जब उनको लगा कि बाकी के लोग अपनी टेबिल पर आने की बारी के इंतजार में बोर हो रहे हैं तो वो अचानक माइक लेकर खड़े हो गए और फिर सबकी तरफ देखकर सवालों के जवाब देने लगे। एमपी की राजनीति पर हुए प्रश्नों पर जब वो उलझ जाते तो कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को पास बुलाकर अपना माइक थमाकर जवाब देने को कहते और उनकी बातों को ध्यान से सुनते। तकरीबन नब्बे पत्रकार और अकेले राहुल मामला दिलचस्प होता जा रहा था, मगर राहुल के बेबाक बेफिक्री भरे अंदाज और हाजिरजवाबी से हॉल के लोग प्रभावित हो रहे थे। कुछ राहुल की फोटो खींच रहे थे तो कुछ वीडियो बना रहे थे।

हालांकि राहुल के सिक्योरिटी और स्टाफ के लोग मोबाइल से वीडियो बनाने को मना कर रहे थे मगर यदि किसी की बात मान गए तो फिर भला कैसे पत्रकार। तमाम मनाही के बावजूद छिपकर फोटो ओर रिकॉर्डिंग जारी थी। इसी बीच में राहुल ने उस सवाल का जवाब दे दिया जो आज सुबह अखबारों की सुर्खियां बना हुआ था।

राहुल ने शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर में होने का बयान झाबुआ की सभा में दिया था, जिसके बाद से शिवराज उबले हुए थे, मानहानि का मुकदमा करने उनके बेटे अदालत जाने वाले थे। ऐसे में राहुल ने कह दिया कि इतने सारे घोटाले बीजेपी राज्यों में होते हैं कि मैं कन्फयूज हो गया। छत्तीसगढ़ में कही जाने वाली बात मध्यप्रदेश में कह दी।

बस फिर क्या था, खबर तो मिल गई थी। हम टीवी के पत्रकार जो एक ही टेबिल पर बिठाए गए थे असमंजस में थे कि इस खबर को कैसे ब्रेक करें करें या ना करें कि ये बातचीत औपचारिक है या अनौपचारिक। मगर खबर तो बड़ी थी। मैंने एक लाइन टाइप कर दफ्तर के वॉट्सऐप ग्रुप पर जैसे ही डाली, अगले ही क्षण धड़ाधड़ फोन आने लगे। फोन पर खबर बताने की फरमाइश शुरू हो गई। उधर हम समझा रहे थे कि ये बेहद सुरक्षा वाला हॉल है, बाहर जाने नहीं देंगे ओर बाहर गए तो अंदर आना मुश्किल होगा, मगर फोनों की फरमाइश को टालना मुश्किल था।

ऐसे में फोन को कान से लगाकर सुरक्षाकर्मी से इमरजेंसी का बहाना कर दरवाजा खोल बाहर हुए और फोन पर इस बड़ी खबर को सबसे पहले ब्रेक किया। लौट कर आए तो देखा कि हमारे सारे साथियों के चेहरों पर तनाव था, क्योंकि अब उनके चैनल से भी खबर को लेकर पूछ परख शुरू हो गई थी।

और ऐसे में ही हो गया वो सवाल जो हमें लंबे समय तक याद रहेगा। इंदौर के एक पत्रकार ने कहा कि राहुल जी आपकी बातें सुन अच्छा लग रहा है, आप बहुत समझदारी वाली बातें कह रहे हैं मगर फिर भी आपको पप्पू कहा जाता है कैसा लगता है ये संबोधन। उफ, राहुल के आसपास खड़े एमपी कांग्रेस के नेता भी अवाक रह गए इस सवाल को सुनकर। माइक रखे राहुल उन पत्रकार के करीब गए। थोड़ा संभले, मुस्कुराए ओर कहा कि भैया मैं तो शिवभक्त हूं और क्या क्या नाम हैं शिवजी के जरा बताइए। जबाव आया भोलेनाथ। राहुल ने कहा भोलेनाथ क्यों इसलिए कि वो भले हैं भोले हैं। तो मैं भी भला हूं मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता कि कोई मेरे बारे में क्या कह रहा है। मैं तो ये समझने की कोशिश करता हूं कि कोई मुझसे इतनी नफरत क्यों कर रहा है। नफरत नहीं.,प्रेम की राजनीति मुझे करनी है और मैं किए जाउंगा, जिसको जो बोलना हो बोले।

बस फिर क्या था, इस जवाब के बाद राहुल के मीडिया मैनेजरों और नेताओं की जान मे जान आई, मगर हम सब भी ये राहुल के ये जवाब सुनकर मुरीद हो गए राहुल ओर पत्रकार महोदय दोनों के। कठिन सवाल पूछना पत्रकार का हक है और उसके बेहतर जवाब देना नेता के। इस बीच में उनको अपनी किताब ऑफ द स्क्रीन भेंट कर चुका था। किताब का शीर्षक पढ़कर राहुल ने कहा कि आप टीवी पत्रकार बहुत मेहनत करते हो, मैं जानता हूं कि आप मुझसे मिलेंगे तो कुछ और बातें बताउंगा टीवी रिपोर्टिंग की मुश्किलों की और ये कहकर राहुल ने अपना कठोर कसरती हाथ मेरे कंधे पर रख दिया।


टैग्स पत्रकार राहुल गांधी ब्रजेश राजपूत
सम्बंधित खबरें

एआई पर नियंत्रण करना भी बेहद आवश्यक : रजत शर्मा

प्रधानमंत्री मोदी ने कम शब्दों में कई बड़ी बातें कहीं। भारत एआई में विश्व का अग्रणी बनना चाहता है, हमारे देश के पास दिमाग़ भी है, युवा शक्ति भी है और सरकार का समर्थन भी है।

1 hour ago

रामबहादुर राय - पत्रकारिता क्षेत्र में शुचिता और पवित्रता के जीवंत व्यक्तित्व

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वे शीर्ष नेताओं में थे। जब पत्रकारिता में आए तो शीर्ष पत्रकार बने। आज की भारतीय पत्रकारिता में उन सरीखे सम्मानित और सर्वस्वीकार्य नाम बहुत कम हैं।

1 hour ago

भविष्य को आकार देने की कोशिश कर रहा है भारत: राहुल कंवल

यदि कुछ समय के लिए राजनीति को अलग रख दें, तो एक बात स्पष्ट है। भारत की एआई रणनीति (AI strategy) की सफलता में हमारे सामूहिक भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निहित है।

1 day ago

मधुसूदन आनंद हमेशा यादों में बने रहेंगे : अनिल जैन

आनंद जी ने जर्मनी में 'डायचे वेले' (द वाॅयस ऑफ जर्मनी) में कुछ सालों तक काम किया और वे 'वाॅयस ऑफ अमेरिका' के नई दिल्ली स्थित संवाददाता भी रहे।

1 day ago

प्रवक्ता, अहंकार और संवाद की संवेदनहीनता का सबक: नीरज बधवार

चूंकि समाज के अवचेतन में अंग्रेज़ी को लेकर एक हीन भावना मौजूद है, इसलिए जो व्यक्ति अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से बोल लेता है, वह अक्सर खुद को विद्वान भी मान बैठता है।

2 days ago


बड़ी खबरें

सिर्फ सत्ता नहीं, बदलाव की कहानी है ‘Revolutionary Raj’: आलोक मेहता

वरिष्ठ संपादक (पद्मश्री) और जाने-माने लेखक आलोक मेहता ने अपनी कॉफी टेबल बुक “Revolutionary Raj: Narendra Modi’s 25 Years” से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर समाचार4मीडिया से खास बातचीत की है।

1 day ago

AI बना सकता है भारत को दुनिया की क्रिएटिव कैपिटल: उदय शंकर

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियोस्टार के वाइस चेयरमैन उदय शंकर ने कहा कि अब भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर में है।

14 hours ago

ENIL के प्रमोटर ढांचे में जल्द होगा बड़ा बदलाव, NCLT के बाद अब CCI की भी मंजूरी

एफएम चैनल ‘रेडियो मिर्ची’ का संचालन करने वाली कंपनी एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) के कॉर्पोरेट ढांचे में बड़ा बदलाव अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है।

23 hours ago

Decode ने पूरे किए 200 एपिसोड: यूट्यूब व्यूज़ और सब्सक्राइबर में बना नंबर 1

डीडी न्यूज के प्राइम टाइम शो डिकोड विद सुधीर चौधरी ने 200 एपिसोड पूरे कर लिए हैं। यूट्यूब पर मिले कुल व्यूज़ में इसका योगदान 74 प्रतिशत और नए सब्सक्राइबर में 75 प्रतिशत रहा।

20 hours ago

AI में 10 लाख करोड़ का निवेश करेगी रिलायंस: मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी ने AI क्षेत्र में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया। जियो सस्ता और सुलभ इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगा, जिससे भारत को इंटेलिजेंस के नए युग से जोड़ने की तैयारी है।

1 day ago