होम / विचार मंच / अंग्रेजी कभी इस देश की संपर्क भाषा नहीं हो सकती, बोले एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा

अंग्रेजी कभी इस देश की संपर्क भाषा नहीं हो सकती, बोले एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा

<p style="text-align: justify;"><strong>समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदी दिवस यानी 14 सितंबर को दिल्ली के साहित्य अकादमी में एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने जाने-माने हिंदी कवि अशोक चक्रधर के साथ ‘हिंदी की वर्तमान स्थितिः चुनौतियां एवं समाधान' विषय पर संवाद किया।</p> <p style=

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

हिंदी दिवस यानी 14 सितंबर को दिल्ली के साहित्य अकादमी में एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने जाने-माने हिंदी कवि अशोक चक्रधर के साथ ‘हिंदी की वर्तमान स्थितिः चुनौतियां एवं समाधान' विषय पर संवाद किया।

हिंदी दिवस के इस मौके पर डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि अंग्रेजी कभी इस देश की संपर्क भाषा नहीं हो सकती। इस देश की जन जन क भाषा हिंदी है और यही रहेगी। उन्होंने एक हिंदी वाक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी अपने ही दम पर आगे बढ़ रही है और ये बढ़ती रहेगी। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हिंदी में समय समय पर कई भाषाओं के शब्द समाहित होते गए और ये संपन्न होती गई।

डॉ. चंद्रा ने कहा कि पहले मद्रास जाते थे तो लोग हिंदी बोलना या सुनना पसंद नहीं करते थे, मगर आज दृश्य बदल चुका है। आज हिंदी सात समंदर पार भी बोली और समझी जा रही है। डॉ. चंद्रा न कहा कि देश में अगर उच्च शिक्षा हिंदी भाषा में या मातृभाषा में दी जाए तो कई कुशल कारीगर तैयार हो सकते हैं। उन्होंने लुधियाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के अनपढ़ कारीगर दुनिया की किसी भी मशीन का कोई भी पुर्जा बना सकते हैं, जबकि उन्होंने कभी कोई शिक्षा ग्रहण नहीं की।

वहीं हिंदी के महत्व पर बोलते हुए अशोक चक्रधर ने कहा कि हिंदी की सेवा करना ये शब्द ही हिंदी को दयनीय बनाता है। उन्होंने कहा कि हिंदी आज बहुत ऊंचाई पर पहुंच चुकी है और आने वाले सालों में और भी ऊंचाई पर जाएगी।

चक्रधर ने कहा कि हिंदी साहित्य से जुड़े लोग अगर गलत हिंदी बोलें और बिना मतलब के अंग्रेजी बोलें तो इससे हिंदी का विकास नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हिंदी को अति शुद्धता की बजाय सभी भाषाओं के आम बोलचाल के शब्दों को अपनाकर इसे ज्यादा लोकप्रिय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शुद्ध हिंदी और व्यावहारिक हिंदी में अंतर होना चाहिए।

वहीं इस मौके पर कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि दुनिया की कोई भाषा मेरी मातृभाषा का स्थान नहीं ले सकती। हिंदी की अंग्रेजी से कोई टकराहट नहीं है। लेकिन अपनी भाषा को छोड़कर दूसरी भाषा में संवाद करना और अपनी भाषा को जानबूझकर गलत बोलना शर्मनाक बात है। हमें हर भाषा सीखनी चाहिए लेकिन अपनी भाषा की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, मुझे जब नोबेल पुरस्कार के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया तो मैने जानबूझकर वहां अपनी बात की शुरुआत वैदिक श्लोक से की और उसका अर्थ भी हिंदी में बताया, क्योंकि मेरे देश को पहली बार ऐसा मौका मिला था और  मैंने उस मंच पर अपनी मातृभाषा में बात करके अपने आपको गौरवान्वित महसूस किया।

इस कार्यक्रम में हिंदी जगत के जाने माने हस्ताक्षर, साहित्यकार, लेखक आदि उपस्थित थे।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या दुनिया वैसी नहीं रहेगी जैसी हम जानते हैं?

मैं जब विज्ञापन इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलावों की खबरें देख रहा था, तो मेरे मन में एक सवाल आया कि इन बदलावों से क्लाइंट्स को आखिर क्या फायदा होगा।

14 hours ago

खुद को नया रूप देकर आगे बढ़ेगा इंडियन न्यूज इकोसिस्टम, भविष्य रहेगा मजबूत: हर्ष भंडारी

भारतीय न्यूज इकोसिस्टम में इस हफ्ते चार हफ्तों के लिए TRP को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके बाद कई मीडिया वॉचर्स ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

15 hours ago

ChatGPT को टक्कर देने वाला Claude क्या है? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

Anthropic कंपनी ने Claude AI बनाया है। उसका दावा है कि अमेरिकी सरकार AI का ‘दुरुपयोग’ करना चाहती थी। सरकार Claude का इस्तेमाल दो कामों के लिए करना चाहती थी।

18 hours ago

राहुल गांधी की सिनेमा की बचकानी समझ: अनंत विजय

लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में यह कोई नई प्रवृत्ति है? क्या भारतीय सिनेमा और वेब सीरीज में राजनीतिक विचारों और वैचारिक संदेशों का इस्तेमाल पहले नहीं होता था?

18 hours ago

ईरान युद्ध को जीत कर भी हारेंगे अमेरिका और इजराइल: पंकज शर्मा

डोनाल्ड ट्रंप बाहर से जितने आक्रामक दिख रहे हैं, उतना ही भीतर से दबाव में भी नजर आते हैं। इसी का संकेत तब मिला जब उन्होंने ओवल ऑफिस में कुछ पादरियों को बुलाकर प्रार्थना करवाई।

18 hours ago


बड़ी खबरें

‘समाचार4मीडिया 40 अंडर 40’: विजेताओं के चयन के लिए जूरी मीट 14 मार्च को

एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) समूह की हिंदी वेबसाइट 'समाचार4मीडिया' पत्रकारिता जगत से जुड़े 40 प्रतिभाशाली युवाओं ‘40 अंडर 40’ की लिस्ट एक बार फिर तैयार करने जा रही है।

17 hours ago

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वेबिनार: मीडिया में AI के सही उपयोग पर विशेषज्ञों की चर्चा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष वेबिनार में मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई।

15 hours ago

खुद को नया रूप देकर आगे बढ़ेगा इंडियन न्यूज इकोसिस्टम, भविष्य रहेगा मजबूत: हर्ष भंडारी

भारतीय न्यूज इकोसिस्टम में इस हफ्ते चार हफ्तों के लिए TRP को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके बाद कई मीडिया वॉचर्स ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

15 hours ago

क्या दुनिया वैसी नहीं रहेगी जैसी हम जानते हैं?

मैं जब विज्ञापन इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलावों की खबरें देख रहा था, तो मेरे मन में एक सवाल आया कि इन बदलावों से क्लाइंट्स को आखिर क्या फायदा होगा।

14 hours ago

पीएम 9 मार्च को पोस्ट बजट वेबिनार को करेंगे संबोधित, AVGC-क्रिएटर इकोनॉमी पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मार्च को बजट के बाद आयोजित एक खास वेबिनार को संबोधित करेंगे।

2 days ago