होम / विचार मंच / मीडिया का एक बड़ा वर्ग भारत को युद्ध का शंखनाद करने का उत्तेजक संदेश दे रहा है: आलोक मेहता

मीडिया का एक बड़ा वर्ग भारत को युद्ध का शंखनाद करने का उत्तेजक संदेश दे रहा है: आलोक मेहता

आलोक मेहता प्रधान संपादक, आउटलुक (हिंदी) ।। भारतीय सैनिक टुकड़ी पर पाकिस्तानी आतंकवादी हमले को कायराना और निंदनीय कहते हुए उत्तेजक प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों और देश भर में आक्रोश भ

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

आलोक मेहता

प्रधान संपादक, आउटलुक (हिंदी) ।।

भारतीय सैनिक टुकड़ी पर पाकिस्तानी आतंकवादी हमले को कायराना और निंदनीय कहते हुए उत्तेजक प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों और देश भर में आक्रोश भी उचित है। लेकिन यह पहला अवसर नहीं है। 1947 से आज तक पाकिस्तान ने भारतीय सीमाओं पर हर सभंव हमले, घुसपैठ और गड़बड़ियां की हैं।

1965 और 1971 के पाकिस्तानी आक्रमण का करारा जवाब लालबहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी ने दिया था। दोनों अवसरों पर पाकिस्तानी सेना को करारी पराजय के साथ समर्पण करना पड़ा था।

अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर बस सद्भावना यात्रा के बाद 1999 में कारगिल में सैन्य घुसपैठ और भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई ‌आपरेशन विजय ने पाकिस्तान की हालत खराब कर दी थी। इस बार कश्मीर के उड़ी क्षेत्र में सामान्य प्रशासकीय व्यवस्थात के लिए पहुंची सैन्य टुकड़ी के टैंटों पर देर रात के अंधेरे में घुसकर किए गए आतंकवादी हमले में 17 सैनिक मारे गए। कश्मीर में पिछले दो महीनो में अशांति और हिंसा भी पाकिस्तान द्वारा ही प्रायोजित रही है। लेकिन भारतीय सेना की मुस्तैदी से पिछले कई महीनो से घुसपैठ की घटनाएं कम हुई थीं। वहीं यह भी याद रखा जाना चाहिए कि मई 2002 में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने कालुचक इलाके में पर्यटक बस पर हमला करके 31 लोगों की हत्या कर दी थी।

कालुचक कश्मीर-हिमाचल की सीमा पर है। इस बस में भी सेना के 3 जवान, सैनिक परिवारों के 18 सदस्य और 10 सामान्य भारतीय नागरिक शामिल थे। इसे अटलजी ने भयावह अमानवीय नरसंहार की घटना बताया था और तत्कालीन रक्षा मंत्री जसवंत सिंह ने भी माना कि पाकिस्तान ने युद्ध की स्थिति पैदा कर दी थी। फिर भी भारत ने धैर्य रखा। इस बार भी सरकार, भाजपा, संघ तथा अन्य दलों के नेता भी पाकिस्तान की इस घुसपैठ को हमले के रूप में ही मानते हैं।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और सेनाध्यक्षों ने गंभीर विचार-विमर्श किया है और पाक को उचित जवाब की रणनीति भी बन रही है। लेकिन हमारे मीडिया का एक बड़ा वर्ग तो भारत को युद्ध का शंखनाद करने का उत्तेजक संदेश दे रहा है। टी.वी. समाचार चैनलों पर सैन्य वर्दीधारी बाकायदा ‘पाकिस्तान का नाम नहीं रहेगा’ के गीत सुना रहे हैं। इसी तरह टी.वी. के कुछ प्रस्तुतकर्ता और आमंत्रित विशेषज्ञ हमले के जवाब में सेना द्वारा पाकिस्तानी सीमा में घुसकर सबक सिखाने की गर्म बातें कर रहे हैं।

टी.वी. और प्रिंट मीडिया का एक वर्ग युद्ध को अंतिम रास्ता बता रहा है। लेकिन सरकार के रणनीतिकार या सुलझे हुए रक्षा विशेषज्ञ एवं राजनयिक जल्दबाजी में किसी कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं। पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करवाने या उसे अमेरिकी-चीन की सहायता रुकवाने जैसे प्रयास के साथ सीमा पर आतंकवादियों के घुसने पर उन्हें वहीं खत्म करने जैसे कदम अवश्य होने वाले हैं। लेकिन द्वापर युग में श्रीकृष्णर ने महाभारत के युद्ध को रोकने की हर संभव कूटनीतिक कोशिश की थी। वर्तमान परिस्थितियों में पाकिस्तान के गैर जिम्मेदार जाहिल मंत्री या सिरफिरे सेनाधिकारी परमाणु हथियार के इस्तेमाल की धमकी दे सकते हैं। लेकिन भारत इस तरह की धमकी या पाक के भड़काऊ कार्रवाई मात्र से जाल में नहीं फंसने वाला है। इस दृष्टि से भारत के जिम्मेदार मीडिया को भी ‘युद्ध’ के अंतिम अस्त्रन के बजाय पाकिस्तान की गरीब जनता, पाकिस्तान अधिकृत गुलाम कश्मीर की दुर्दशा और पाकिस्तान के भ्रष्ट, बेईमान और वहशी सेनाधिकारियों का पर्दाफाश दुनिया के सामने करना चाहिए।

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या दुनिया वैसी नहीं रहेगी जैसी हम जानते हैं?

मैं जब विज्ञापन इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलावों की खबरें देख रहा था, तो मेरे मन में एक सवाल आया कि इन बदलावों से क्लाइंट्स को आखिर क्या फायदा होगा।

13 hours ago

खुद को नया रूप देकर आगे बढ़ेगा इंडियन न्यूज इकोसिस्टम, भविष्य रहेगा मजबूत: हर्ष भंडारी

भारतीय न्यूज इकोसिस्टम में इस हफ्ते चार हफ्तों के लिए TRP को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके बाद कई मीडिया वॉचर्स ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

13 hours ago

ChatGPT को टक्कर देने वाला Claude क्या है? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

Anthropic कंपनी ने Claude AI बनाया है। उसका दावा है कि अमेरिकी सरकार AI का ‘दुरुपयोग’ करना चाहती थी। सरकार Claude का इस्तेमाल दो कामों के लिए करना चाहती थी।

16 hours ago

राहुल गांधी की सिनेमा की बचकानी समझ: अनंत विजय

लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में यह कोई नई प्रवृत्ति है? क्या भारतीय सिनेमा और वेब सीरीज में राजनीतिक विचारों और वैचारिक संदेशों का इस्तेमाल पहले नहीं होता था?

16 hours ago

ईरान युद्ध को जीत कर भी हारेंगे अमेरिका और इजराइल: पंकज शर्मा

डोनाल्ड ट्रंप बाहर से जितने आक्रामक दिख रहे हैं, उतना ही भीतर से दबाव में भी नजर आते हैं। इसी का संकेत तब मिला जब उन्होंने ओवल ऑफिस में कुछ पादरियों को बुलाकर प्रार्थना करवाई।

17 hours ago


बड़ी खबरें

‘समाचार4मीडिया 40 अंडर 40’: विजेताओं के चयन के लिए जूरी मीट 14 मार्च को

एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) समूह की हिंदी वेबसाइट 'समाचार4मीडिया' पत्रकारिता जगत से जुड़े 40 प्रतिभाशाली युवाओं ‘40 अंडर 40’ की लिस्ट एक बार फिर तैयार करने जा रही है।

16 hours ago

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वेबिनार: मीडिया में AI के सही उपयोग पर विशेषज्ञों की चर्चा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष वेबिनार में मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई।

14 hours ago

खुद को नया रूप देकर आगे बढ़ेगा इंडियन न्यूज इकोसिस्टम, भविष्य रहेगा मजबूत: हर्ष भंडारी

भारतीय न्यूज इकोसिस्टम में इस हफ्ते चार हफ्तों के लिए TRP को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके बाद कई मीडिया वॉचर्स ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

13 hours ago

क्या दुनिया वैसी नहीं रहेगी जैसी हम जानते हैं?

मैं जब विज्ञापन इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलावों की खबरें देख रहा था, तो मेरे मन में एक सवाल आया कि इन बदलावों से क्लाइंट्स को आखिर क्या फायदा होगा।

13 hours ago

पीएम 9 मार्च को पोस्ट बजट वेबिनार को करेंगे संबोधित, AVGC-क्रिएटर इकोनॉमी पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मार्च को बजट के बाद आयोजित एक खास वेबिनार को संबोधित करेंगे।

2 days ago