होम / विचार मंच / सैनिकों की शहादत के बाद फेसबुक पर जंग छिड़ी है, जिसमें पांच तरह के लोग हैं: विकास मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार
सैनिकों की शहादत के बाद फेसबुक पर जंग छिड़ी है, जिसमें पांच तरह के लोग हैं: विकास मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार
विकास मिश्रा डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर, आजतक ।। उरी में 18 सैनिकों की शहादत के बाद फेसबुक पर जंग छिड़ी है। इस जंग में पांच तरह के लोग हैं। एक वो जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को घेर रहे हैं। मो
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
विकास मिश्रा
डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर, आजतक ।।
उरी में 18 सैनिकों की शहादत के बाद फेसबुक पर जंग छिड़ी है। इस जंग में पांच तरह के लोग हैं। एक वो जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को घेर रहे हैं। मोदी के छप्पन इंची सीने, लव लेटर बंद करने वाले बयान, सुषमा स्वराज के एक के बदले दस सिर लाने के बयान को कसौटी पर कस रहे हैं। इनके बरक्स मोदी समर्थक (इनमें वो भी शामिल हैं, जिन्हें चलताऊ भाषा में भक्त कहा जाता है) हैं, जो बताने में लगे हुए हैं कि आखिर जंग क्यों नहीं हो रही है।
तथ्य भी दिए जा रहे हैं कि पहले की सरकारों ने गोले-बारूद का अच्छा इंतजाम नहीं रखा, वरना लड़ लेते..दूसरा तर्क तैयारी हो रही है, देखो दस को मार दिया। तीसरा वर्ग वो है जो वाकई इस हमले से बेहद आहत है। उसे लगता है कि बहुत हो चुका, जो होगा देख लेंगे, देश के दुश्मनों को निपटाने के लिए जंग हो ही जानी चाहिए, ये वर्ग हानि लाभ, जीवन-मरण की बातों से ऊपर रखकर ये बात सोच रहा है। चौथा वर्ग दिल से नहीं दिमाग से सोच रहा है। वो कभी नहीं चाहेगा कि दोनों देशों में जंग हो। क्योंकि तय है कि जंग से किसी का भला नहीं हो सकता।
पाकिस्तान का क्या है, उसके पास खोने के लिए है ही क्या? गर्त में है, नंगा खड़ा है, लेकिन हमारे देश के पास खोने के लिए बहुत कुछ है। इन सबके बीच एक पांचवीं तरह की भी जमात है, जो इस हमले पर भीतर से बहुत खुश है और नकाब ओढ़कर उरी हमले का मजा ले रही है। इस जमात के लोगों में हिंदू और मुसलमान दोनों हैं। अगर वो लेखक हिंदू है तो उसकी वाल पर गालीगलौज भी खूब हो रही है। वहां दोनों समुदाय मौजूद हैं। दूसरी तरफ चलें तो एक मुसलमान लिखता है, हजार मुसलमान लाइक करते हैं। सौ से ज्यादा मुसलमान शेयर करते हैं, दो सौ मुसलमान कमेंट करते हैं। अगर भूले-भटके कोई हिंदू सदस्य कमेंट के जरिए कुछ तर्क करे तो फौरन उसे संघी करार दे दिया जाता है। संघी होना एक गंदी गाली है, जिसे सुनते ही वो हिंदू बैकफुट पर चला जाता है, जिसका कभी संघ से नाता न रहा हो, हां, संघी कुछ देर तक मोर्चा लेता है। मुझे इस पढ़ी लिखी जमात से एतराज है। ये किसी का भला नहीं कर रहे हैं, अपने लोगों को अपने निजी फायदे के लिए बहका रहे हैं।
पिछले दिनों खबरों की भीड़ में कुछ खबरें नहीं चल पाईं। जिस रोज उरी में आतंकी हमला हुआ, उसके अगले ही दिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वे इस मामले में पूरी तरह केंद्र सरकार के साथ हैं, सरकार की हर कार्रवाई के साथ हैं। नीतीश कुमार ने ऐसा कहा, जबकि उनका मोदी से विरोध जगजाहिर है। क्या किसी ने सुना कि कांग्रेस के किसी बड़े नेता ने इस मसले पर मोदी का मजाक उड़ाया हो, मुलायम, ओवैसी, लालू यादव, ममता बनर्जी, जयललिता...किसी का बयान आपने देखा, किसी को छप्पन इंच छाती पर ताना मारते देखा आपने...सवाल उठाते हुए सुना..? नहीं, क्योंकि इस वक्त मसला मोदी का नहीं, देश का है। जब देश की बात हो तो सियासी दुश्मनी छोड़ सभी एकजुट हो जाते हैं।
अब जरा सोशल मीडिया पर आइए। ध्यान रहे, इस हमले पर विपक्ष सरकार पर सवाल नहीं उठा रहा है, और न ही सरकार को वहां कोई सफाई देनी पड़ रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं जवाब भी आ रहे हैं, सफाई भी दी जा रही है। आखिर क्यों सफाई दी जा रही है, इसकी जरूरत क्यों पड़ रही है।
कहावत है कि जाके पांव न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई। नरेंद्र मोदी एक राज्य के मुख्यमंत्री थे, तब मनमोहन सिंह पर दहाड़ते थे, कांग्रेस को कायर कहते थे। अब अपने कंधे पर जिम्मेदारी आन पड़ी, आटे दाल का भाव मालूम पड़ गया। बोलती बंद है, माथे पर पसीना है। नरेंद्र मोदी बतौर इंसान कैसे भी हों, लेकिन उनके पास इस देश की कमान है। मनमोहन सिंह, सोनिया, मुलायम अगर इस मसले पर मोदी को घेर नहीं रहे हैं तो उसकी वजह है, ये सरकार में रहे हैं, हकीकत जानते हैं...। जानते हैं कि जंग छेड़ना इतना आसान नहीं है। देश में एक सिस्टम है, जो कभी भी किसी भी प्रधानमंत्री को आत्मघाती कदम उठाने नहीं देगा। सरकार कोई भी होती, वही करती, जो अभी सरकार कर रही है। अगर भारत में बैठकर एक बटन दबाने से पाकिस्तान तबाह हो सकता है, तो वैसा ही एक बटन पाकिस्तान में भी है और वहां मूर्खों और जाहिलों की जमात भारत से कहीं ज्यादा है।
(साभार: फेसबुक वाल से)
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स