होम / विचार मंच / ...इस कार्य के लिए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक ने मध्यप्रदेश सरकार को दी बधाई

...इस कार्य के लिए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक ने मध्यप्रदेश सरकार को दी बधाई

‘यदि हम भारत को विश्व-शक्ति बना हुआ देखना चाहते हैं तो हमें सबसे पहले हमारी शिक्षा-व्यवस्था को सुधारना होगा। किसी भी देश की शिक्षा-व्यवस्था को सुधारने का पहला मूल-मंत्र है, शिक्षा का माध्यम स्वभाषा को ही रखा जाए।’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक का। उनका पूरा

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

‘यदि हम भारत को विश्व-शक्ति बना हुआ देखना चाहते हैं तो हमें सबसे पहले हमारी शिक्षा-व्यवस्था को सुधारना होगा। किसी भी देश की शिक्षा-व्यवस्था को सुधारने का पहला मूल-मंत्र है, शिक्षा का माध्यम स्वभाषा को ही रखा जाए।’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक का। उनका पूरा आलेख आप यहां पढ़ सकते हैं:

मप्र: शिक्षा में क्रांति

मध्यप्रदेश की सरकार को मैं हृदय से बधाई देता हूं। हिंदी दिवस पर उसने अपने इंजीनियरी के छात्रों को अनुपम भेंट दी है। मप्र के लगभग 200 इंजीनियरी कॉलेजों के छात्र अब चाहें तो अपनी परीक्षा हिंदी माध्यम से दे सकेंगे।

मप्र के ये सब कॉलेज राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। अब तक अन्य प्रदेशों की तरह इंजीनियरी की पढ़ाई और परीक्षाएं मप्र में भी सिर्फ अंग्रेजी में होती थीं। इसी वजह से हजारों बच्चे पढ़ाई अधबीच में ही छोड़ देते थे। उनके माता-पिता लाखों रु. उनकी शिक्षा, छात्रावास और परिवहन पर खर्च करते थे लेकिन अंग्रेजी के अड़ंगे की वजह से वे असहाय थे। यह मार सबसे ज्यादा सहनी पड़ती थी, ग्रामीण, गरीब, पिछड़े और आदिवासी छात्र-छात्राओं को और उनको भी जो शहरी होते हुए भी हिंदी माध्यम से पढ़े हैं।

स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक जोशी और उप-कुलपति पीयूष त्रिवेदी इस पहल के लिए प्रशंसा के पात्र हैं लेकिन मैं इन दोनों से कहूंगा कि वे इंजीनियरी की परीक्षा ही नहीं, पढ़ाई भी हिंदी में करवाना शुरु करें। सिर्फ इंजीनियरी ही क्यों, मेडिकल, कानून तथा अन्य सभी तकनीकी विषयों की पढ़ाई हिंदी में शुरु करवाएं। दुनिया के किसी महाशक्ति राष्ट्र में इन विषयों की पढ़ाई विदेशी भाषा में नहीं होती। स्वभाषा में होती है। भारत और पाकिस्तान जैसे पूर्व-गुलाम राष्ट्रों की बात जाने दें, दुनिया के सभी उन्नत राष्ट्रों में पी.एच.डी. तक की पढ़ाई अपनी भाषाओं में ही होती है।

यदि मुख्यमंत्री शिवराज चौहान हिम्मत करें तो पहले समस्त हिंदी भाषी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का एक सम्मेलन भोपाल में बुलाएं और उनसे अपने-अपने राज्यों में समस्त तकनीकी विषय हिंदी में पढ़ाने का संकल्प करवाएं। फिर अन्य राज्यों को भी संभालें। साथ-साथ केंद्र की सभी नौकरियों की भर्ती से अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म करवाएं। भोपाल में बने ‘अटलबिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय’ को शिक्षा की इस क्रांति का प्रेरणा-स्थल बनाएं। यदि शिवराज यह कर सकें तो उनका नाम भारत के इतिहास में कई प्रधानमंत्रियों से अधिक सम्मानित हो जाएगा। यदि हम भारत को विश्व-शक्ति बना हुआ देखना चाहते हैं तो हमें सबसे पहले हमारी शिक्षा-व्यवस्था को सुधारना होगा। किसी भी देश की शिक्षा-व्यवस्था को सुधारने का पहला मूल-मंत्र है, शिक्षा का माध्यम स्वभाषा को ही रखा जाए।

(साभार: नया इंडिया)

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या दुनिया वैसी नहीं रहेगी जैसी हम जानते हैं?

मैं जब विज्ञापन इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलावों की खबरें देख रहा था, तो मेरे मन में एक सवाल आया कि इन बदलावों से क्लाइंट्स को आखिर क्या फायदा होगा।

13 hours ago

खुद को नया रूप देकर आगे बढ़ेगा इंडियन न्यूज इकोसिस्टम, भविष्य रहेगा मजबूत: हर्ष भंडारी

भारतीय न्यूज इकोसिस्टम में इस हफ्ते चार हफ्तों के लिए TRP को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके बाद कई मीडिया वॉचर्स ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

13 hours ago

ChatGPT को टक्कर देने वाला Claude क्या है? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

Anthropic कंपनी ने Claude AI बनाया है। उसका दावा है कि अमेरिकी सरकार AI का ‘दुरुपयोग’ करना चाहती थी। सरकार Claude का इस्तेमाल दो कामों के लिए करना चाहती थी।

16 hours ago

राहुल गांधी की सिनेमा की बचकानी समझ: अनंत विजय

लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में यह कोई नई प्रवृत्ति है? क्या भारतीय सिनेमा और वेब सीरीज में राजनीतिक विचारों और वैचारिक संदेशों का इस्तेमाल पहले नहीं होता था?

17 hours ago

ईरान युद्ध को जीत कर भी हारेंगे अमेरिका और इजराइल: पंकज शर्मा

डोनाल्ड ट्रंप बाहर से जितने आक्रामक दिख रहे हैं, उतना ही भीतर से दबाव में भी नजर आते हैं। इसी का संकेत तब मिला जब उन्होंने ओवल ऑफिस में कुछ पादरियों को बुलाकर प्रार्थना करवाई।

17 hours ago


बड़ी खबरें

‘समाचार4मीडिया 40 अंडर 40’: विजेताओं के चयन के लिए जूरी मीट 14 मार्च को

एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) समूह की हिंदी वेबसाइट 'समाचार4मीडिया' पत्रकारिता जगत से जुड़े 40 प्रतिभाशाली युवाओं ‘40 अंडर 40’ की लिस्ट एक बार फिर तैयार करने जा रही है।

16 hours ago

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वेबिनार: मीडिया में AI के सही उपयोग पर विशेषज्ञों की चर्चा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष वेबिनार में मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई।

14 hours ago

खुद को नया रूप देकर आगे बढ़ेगा इंडियन न्यूज इकोसिस्टम, भविष्य रहेगा मजबूत: हर्ष भंडारी

भारतीय न्यूज इकोसिस्टम में इस हफ्ते चार हफ्तों के लिए TRP को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके बाद कई मीडिया वॉचर्स ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

13 hours ago

क्या दुनिया वैसी नहीं रहेगी जैसी हम जानते हैं?

मैं जब विज्ञापन इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलावों की खबरें देख रहा था, तो मेरे मन में एक सवाल आया कि इन बदलावों से क्लाइंट्स को आखिर क्या फायदा होगा।

13 hours ago

पीएम 9 मार्च को पोस्ट बजट वेबिनार को करेंगे संबोधित, AVGC-क्रिएटर इकोनॉमी पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मार्च को बजट के बाद आयोजित एक खास वेबिनार को संबोधित करेंगे।

2 days ago