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आलोक पुराणिक का व्यंग्य: इस मुल्क में सिर्फ टीवी रिपोर्टर ही बहादुर हैं…
<p style="text-align: justify;">‘इस मुल्क में सिर्फ टीवी रिपोर्टर ही बहादुर हैं, जो हरदम मार मचाओ मोड में रहते हैं। बाकी सेना वगैरह तो सुस्ती में गिरफ्तार है। मनोरंजन चैनलों पर जाओ, तो पता लगता है कि इस मुल्क में सिर्फ नागिन ही कर्मठ है।’ हिंदी दैनिक 'हिन्दुस्तान' में छपे अपने व्यंग्य के जरिए ये कहा वरिष्ठ पत्रकार और व्यंग्यकार आलोक पुराणिक ने। उन
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
‘इस मुल्क में सिर्फ टीवी रिपोर्टर ही बहादुर हैं, जो हरदम मार मचाओ मोड में रहते हैं। बाकी सेना वगैरह तो सुस्ती में गिरफ्तार है। मनोरंजन चैनलों पर जाओ, तो पता लगता है कि इस मुल्क में सिर्फ नागिन ही कर्मठ है।’ हिंदी दैनिक 'हिन्दुस्तान' में छपे अपने व्यंग्य के जरिए ये कहा वरिष्ठ पत्रकार और व्यंग्यकार आलोक पुराणिक ने। उनका पूरा व्यंग्य यहां पढ़ सकते हैं:
बहादुर टेलीविजन पर पाकिस्तान की नागिन
टीवी न्यूज चैनलों पर अब बस यही दिखना बाकी रह गया है कि एंकर फौजी जनरल की ड्रेस में हो और रिपोर्टर कैप्टन, मेजर, सेकंड लेफ्टिनेंट की फौजी वर्दियों में बता रहे होंगे- जी, हुकुम हो, तो कराची पर चढ़ाई कर दी जाए। न्यूज चैनल देखो, तो पता लगता है कि इस मुल्क में सिर्फ टीवी रिपोर्टर ही बहादुर हैं, जो हरदम मार मचाओ मोड में रहते हैं। बाकी सेना वगैरह तो सुस्ती में गिरफ्तार है। मनोरंजन चैनलों पर जाओ, तो पता लगता है कि इस मुल्क में सिर्फ नागिन ही कर्मठ है।
नागिन की बदौलत ही कइयों को रोजगार मिल रहा है। नागिन बनी अभिनेत्रियां एक झटके में स्टार हो रही हैं। अगर 21वीं सदी के घोड़ों और 16वीं सदी के घोड़ों की तुलना करें, तो घोड़ों का पतन साफ दिखाई देता है। तब घोड़े युद्धों की जीत-हार तय करते थे, अब दूल्हों को ढोते हैं या फिर तमाम रेसकोर्सों में जुएबाजी के काम आते हैं। पर 21वीं सदी की नागिनों का स्तर 16वीं सदी की नागिन के मुकाबले स्टार वाला हो गया है। नागिन-विमर्श में देखें कि कर्मठता नागिन की ही विशेषता है, नाग की नहीं।
जेंडर-विमर्श में इस बिंदु को हाइलाइट किया जा सकता है कि पुरुष हर जगह निकम्मा ही होता है। नाग कुछ नहीं करता दिखता, सारा बदला वगैरह नागिन ही लेती है। नागिन याद रखती है कि किसने उसके नाग को मारा, फिर उसे ढूंढ़कर मारती है। नाग ऐसा कुछ भी नहीं करता दिखाया जाता। हो सकता है कि किसी टीवी सीरियल में दिखाया जाए कि निकम्मा नाग फेसबुक पर फ्लर्टबाजी करता हुआ नवोदित नागिनों को फांस रहा है और उधर उसकी अपनी नागिन बेचारी बदला लेती हुई घूम रही है।
एक टीवी पत्रकार ने बताया कि अब पब्लिक पाकिस्तान की खबरों से भी ऊब रही है, कुछ नया लाना पड़ेगा। मैंने उसे बताया कि नागिन आधारित नया सीरियल बना दो- पाकिस्तान की नागिन। इसमें यह दिखाओ कि पाकिस्तान की नागिन बिना उकसावे के ही भारतीय सीमा में आकर डसती है। मैं समझ रहा था कि मैं एकदम नॉनसेंस बात कर रहा हूं। लेकिन टीवी पत्रकार ने धन्यवाद दिया है- ग्रेट आइडिया!
(साभार: हिन्दुस्तान)
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