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पढ़िए, 'भगवा आतंकवाद' पर टीवी पत्रकार प्रवीण तिवारी क्यों लिख रहे हैं लेख...
पत्रकार सारंग उपाध्याय ने भगवा आतंकवाद पर लिखे गए आईबीएन7 के पत्रकार डॉ. प्रवीण तिवारी के लेखों और रिपोर्ट्स पर एक ब्लॉग लिखा है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
पत्रकार सारंग उपाध्याय ने भगवा आतंकवाद पर लिखे गए आईबीएन7 के पत्रकार डॉ. प्रवीण तिवारी के लेखों और रिपोर्ट्स पर एक ब्लॉग लिखा है, जिसमें बताया गया है कि इस विषय पर डॉ. प्रवीण तिवारी क्यों लिख रहे हैं और ये मुद्दा देश की सियासत में एक बड़ा षड़यंत्र क्यों दिखाई देता है? ये पूरा ब्लॉग, जिसे खुद डॉ. प्रवीण तिवारी ने अपने ब्लॉग (praveenibn7.blogspot.in) साझा किया है, आप यहां पढ़ सकते हैं:
प्रवीण तिवारी ने लगातार इस पूरे मामले में दिल्ली से लेकर मुंबई और मुंबई से लेकर बेंगलुरु और बेंगलुरु से लेकर इंदौर और वहां से देवास तक के सूत्रों को जोड़कर कुछ ऐसी चीजें सामने रखी हैं, जिन पर एनआई के अधिकारियों से लेकर इस मामले के प्रमुख जांच अधिकारी भी सहमति जाहिर करते हैं।
हिंदू और भगवा आतंकवाद का प्रचार जितनी आसानी से किया गया, उसके पीछे की हकीकत संभव हो इतनी आसानी से एक प्रचार का हिस्सा नहीं बनेगी क्योंकि वाकई नकारात्मकता फैलती तेजी से है। संभव हो इस मामले की अभी और भी कई परतें हो, जो अभी तक खुली न हों, लेकिन जो भी फिलहाल सामने है, वह न केवल शर्मनाक है, बल्कि धर्म, संस्कृति की सियासत करने वाले राजनेताओं और राजनीति के प्रति हमें और भी घृणा से भर देती है।
प्रवीण तिवारी ने इस पूरे मामले में अपनी पांचवी स्टोरी ब्लॉग के रूप में में साझा की है, जिसमें उन्होंने बाकायदा एनआईए की चार्जशीट के दस्तावेज साझा करते हुए ये साबित किया है कि इस मामले में कैसे गवाहों पर दबाव बनाया गया, उन्हें प्रताडित किया गया। आप इसे यहां देख सकते हैं- (http://khabar.ibnlive.com/…/dr…/malegaon-blast-4-493586.html)
प्रवीण के लगातार प्रयासों के चलते उन्हें कई बार सरकार का चमचा से लेकर पार्टी का कार्यकर्ता भी कहा गया, लेकिन इसके लिए भी उन्हें बाकायदा सफाई दी- (http://khabar.ibnlive.com/…/dr-…/sadhvi-pargya-2-479388.html) लेकिन बतौर पत्रकार प्रवीण की कोशिश यही रही कि वह इस मामले की तह तक जाएं और तथ्यों के साथ सच को जिस रूप में है उसे सामने रखे।
बहरहाल, विडंबना यह है कि इस काम की कहीं कोई चर्चा नहीं है, लेकिन इसके ठीक विपरीत 'हिंदू और भगवा आतंकवाद' के मुद्दे को जमकर भुनाने का प्रयास किया गया, और यह शब्द एक तरह से सियासत के इस्तेमाल के लायक बन गया।
सच क्या है, यह इतिहास तय करेगा, लेकिन इसी इतिहास के समानांतर चल रहा वक्त एक कटघरा है, जो दुनिया के तमाम इतिहासों से सवाल-जवाब करता है।
मालेगांव मामले पर मैं यहां साथी प्रवीण की सभी स्टोरी की लिंक दे रहा हूं। इसे पढ़ा जाना चाहिए और कुछ सवालों के साथ हमें निष्पक्षता के साथ ये सवाल सियासत से पूछना चाहिए कि आखिर धर्म और संप्रदाय को राजनीति का केंद्र कब तक बनाया जाएगा? चाहे वह हिंदू हो या बेगुनाह मुस्लिम युवा, यदि वह ऐसी सियासत की भेंट चढ़ रहा है और उसके नाम पर सभ्यता और संस्कृति के प्रति आम जनमानस में नफरत भरी जा रही है, तो यह खतरनाक है।
मेरा नीजि रूप से यह मानना है कि धार्मिक कट्टरता, सांप्रदायिकता और सामाजिक विद्वेष को धर्म को गरिया कर या फिर उसके प्रति अपनी नास्तिकवादी और कथित प्रगतिशील नीजि राय समाज और जनता पर थोपकर खत्म नहीं हो सकती। इसका इलाज उन्हीं धर्मों के भीतर शांति के संदेशों में छिपा है, जिसे गांधी साथ लेकर चलना चाहते थे। भारत के संदर्भ में यही व्यवहारिक भी है।
खैर, ये लिंक है, आप देख सकते हैं, और हां हाथ जोड़कर विनती है कि मेरा बीजेपी संघ और किसी पार्टी से कोई कनेक्शन नहीं है, और न ही कैसे भी करके उसे जोड़ना।
http://khabar.ibnlive.com/…/dr…/malegaon-blast-4-493586.html
http://khabar.ibnlive.com/…/dr…/malegaon-blast-2-484687.html
http://khabar.ibnlive.com/…/dr-…/sadhvi-pargya-2-479388.html
http://khabar.ibnlive.com/…/dr-pr…/sadhvi-pargya-479235.html
http://khabar.ibnlive.com/…/nia-clean-chit-to-pragya-479061…
(सााभार: पत्रकार डॉ. प्रवीण तिवारी के ब्लॉग से ) समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
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