पत्रकार पर हमला स्वीकार्य नहीं, लेकिन छिपी चेतावनी भी समझनी होगी मिस्टर मीडिया!

पत्रकारिता धर्म भी विकट है। अगर किसी जन आंदोलन का कवरेज छोड़ दिया जाए तो आरोप लगने लगते हैं।

राजेश बादल by
Published - Monday, 27 January, 2020
Last Modified:
Monday, 27 January, 2020
mister-media


राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार ।। कमाल का लोकतांत्रिक विरोध है। धरना, अनशन, प्रदर्शन, रैली और सभाएं सरकार या सिस्टम के प्रति विरोध करने के औपचारिक तरीक...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए