पुनीत गोयनका ने साफ कहा कि स्पोर्ट्स बिजनेस में कंपनी का फोकस लंबे समय में वैल्यू बनाने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने पर है।
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Vikas Saxena
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) के सीईओ पुनीत गोयनका ने 10 अगस्त को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों पर हुई अर्निंग कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी की मौजूदा स्थिति, आगे की रणनीति और ग्रोथ प्लान पर विस्तार से बात की। उन्होंने अपनी शुरुआती टिप्पणी के साथ-साथ निवेशकों के सवालों के जवाब में स्पोर्ट्स बिजनेस, FIFA, Bundesliga और Serie A, ZEE5, विज्ञापन कारोबार, सब्सक्रिप्शन, फंडरेजिंग, Zee Music और आने वाले समय की रणनीति पर कंपनी का रुख साफ किया।
पुनीत गोयनका ने कहा कि नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी पिछली वित्तीय वर्ष से चली आ रही कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति का असर देखने को मिला। पश्चिम एशिया में लगातार बनी अस्थिरता ने महंगाई का दबाव बढ़ाया, जिसका असर विज्ञापनदाताओं के खर्च करने के तरीके पर पड़ा। ऐसे माहौल के बावजूद Zee ने इन चुनौतियों के बीच मजबूती से काम किया और भविष्य के लिए अपनी बुनियाद मजबूत करने पर ध्यान बनाए रखा।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने ग्रोथ के नए रास्ते खोलने के लिए कुछ रणनीतिक कदम उठाए हैं। कंपनी का मकसद नए अवसरों का फायदा उठाना और आगे अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत करना है। इसी सोच के तहत Zee ने स्पोर्ट्स बिजनेस में कदम बढ़ाया है। Unite8 स्पोर्ट्स चैनलों की लॉन्चिंग इसी दिशा में एक अहम कदम है। इन चैनलों के जरिए कंपनी उभरते और ज्यादा संभावनाओं वाले स्पोर्ट्स कंटेंट का पोर्टफोलियो तैयार करना चाहती है।
पुनीत गोयनका ने साफ कहा कि स्पोर्ट्स बिजनेस में कंपनी का फोकस लंबे समय में वैल्यू बनाने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने पर है। उनके मुताबिक Zee सिर्फ महंगे स्पोर्ट्स राइट्स हासिल करने की दौड़ में शामिल नहीं होगी। कंपनी के लिए वैल्यू डिलीवर करना ज्यादा महत्वपूर्ण है, ताकि एक अलग और टिकाऊ बिजनेस तैयार किया जा सके।
इसी रणनीति के तहत Zee ने FIFA, Bundesliga और Serie A जैसे बड़े इंटरनेशनल फुटबॉल राइट्स हासिल किए हैं। गोयनका ने कहा कि हाल ही में खत्म हुआ FIFA World Cup 2026 Zee के लीनियर और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म पर बहुत अच्छा रहा। भारत में इसकी पहुंच 40 करोड़ से ज्यादा दर्शकों तक हुई और इस टूर्नामेंट ने दोनों बिजनेस सेगमेंट को मजबूत बढ़ावा दिया।
ZEE5 की लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफा
डिजिटल बिजनेस पर पुनीत गोयनका ने कहा कि ZEE5 ने लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफा दर्ज किया है। पहली तिमाही में इसका रेवेन्यू साल-दर-साल 58% बढ़ा। इस बढ़त को आगे भी जारी रखने के लिए कंपनी ने हाल ही में कई भाषाओं में नया कंटेंट स्लेट पेश किया है। इसमें फिल्में, ओरिजिनल सीरीज, लाइव स्पोर्ट्स, AI की मदद से तैयार की गई स्टोरीटेलिंग, एनीमेशन और एंटरटेनमेंट किड्स से जुड़ा कंटेंट शामिल है।
उनके मुताबिक इस तरह के कंटेंट का मिश्रण ZEE5 को आने वाले समय में ज्यादा ग्रोथ हासिल करने के लिए मजबूत स्थिति में रखता है। कंपनी की कंटेंट स्ट्रैटेजी अलग-अलग बिजनेस में सकारात्मक नतीजे दे रही है।
Zee TV और नेटवर्क शेयर पर भी जोर
पुनीत गोयनका ने बताया कि लीनियर टीवी बिजनेस में कंपनी ने तिमाही के दौरान 20% का ऑल टाइम हाई नेटवर्क शेयर हासिल किया। उन्होंने कहा कि कंपनी का फ्लैगशिप हिंदी चैनल Zee TV भी लगातार मजबूत हो रहा है। यह 32 से ज्यादा लगातार हफ्तों से प्राइम टाइम में लीडर बना हुआ है। उनके मुताबिक नए शो दर्शकों के साथ अच्छा कनेक्ट बना रहे हैं। भाषा आधारित चैनल भी अपने-अपने बाजारों में मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।
विज्ञापन रेवेन्यू के बारे में उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान यह कमजोर रहा और इसके पीछे मुख्य रूप से बाहरी परिस्थितियां रहीं। हालांकि, विज्ञापन कंपनी के लिए अब भी एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है और टीम इसे मजबूत बनाने के लिए जरूरी प्रयास कर रही है। वहीं, सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में साल-दर-साल 16% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़ा योगदान रहा।
उन्होंने कहा कि फिल्मों और म्यूजिक का बिजनेस भी तिमाही-दर-तिमाही स्थिर गति से बढ़ रहा है और दूसरे बिजनेस सेगमेंट के साथ तालमेल बना रहा है। कंपनी माइक्रो-ड्रामा, किड्स एंटरटेनमेंट, लाइव इवेंट्स, VFX और एनीमेशन जैसे दूसरे रणनीतिक क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
पुनीत गोयनका ने कहा कि मैक्रोइकोनॉमिक माहौल में मामूली सुधार दिखाई दे रहा है और उन्हें आने वाले फेस्टिव सीजन से बेहतर संकेतों की उम्मीद है। उन्होंने शेयरहोल्डर्स का भी धन्यवाद किया और कहा कि हाल ही में हुई असाधारण आम बैठक (EGM) में कंपनी की ओर से रखे गए प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए वे उनका आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कंपनी के एम्प्लॉयीज को भी कंपनी की मजबूत ताकत बताया। गोयनका ने कहा कि शेयरहोल्डर्स द्वारा मंजूर ‘Truly Yours’ Employee Stock Option Plan एम्प्लॉयीज को कंपनी के सह-मालिक की तरह काम करने और इस संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।
स्पोर्ट्स बिजनेस कब मुनाफे में आएगा?
अर्निंग कॉल में जब गोयनका से पूछा गया कि Zee का स्पोर्ट्स बिजनेस लगातार और टिकाऊ तरीके से कब प्रॉफिटेबल हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि कंपनी इस बिजनेस में बहुत सावधानी से आगे बढ़ेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि आखिरकार यह बिजनेस लंबे समय में टिकाऊ तरीके से प्रॉफिटेबल बने।
उन्होंने बताया कि Zee के पास FIFA के राइट्स 2034 तक हैं। जिन 39 प्रॉपर्टीज के लिए कंपनी ने करार किया है, उनमें से 38 अभी बाकी हैं। गोयनका ने कहा कि इसके बाद क्या होता है, यह आगे देखा जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि अब दूसरे राइट्स owners भी Zee के साथ पार्टनरशिप के लिए कंपनी से संपर्क कर रहे हैं। इंटरनेशनल फुटबॉल में कंपनी Bundesliga और Serie A के साथ जुड़ चुकी है। साथ ही Zee घरेलू स्तर पर भी एक मजबूत sports calendar तैयार करने पर काम कर रही है।
हालांकि, उन्होंने स्पोर्ट्स बिजनेस के प्रॉफिटेबल होने की कोई निश्चित तारीख बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अभी बहुत शुरुआती दौर है और Zee इस बिजनेस को उसी तरह सावधानी और planning के साथ आगे बढ़ाएगी, जिस तरह कंपनी आम तौर पर काम करती है।
FIFA के बाद बड़े विज्ञापनदाता Zee के साथ रहेंगे?
जब उनसे पूछा गया कि FIFA से पहले Zee पर मौजूद नहीं रहने वाले कुछ बड़े और प्रीमियम विज्ञापनदाता क्या FIFA के बाद भी नेटवर्क के साथ बने रहेंगे, तो पुनीत गोयनका ने कहा कि कुछ बड़े विज्ञापनदाता सिर्फ स्पोर्ट्स के लिए आए हो सकते हैं और वे बाद में Zee से बाहर भी जा सकते हैं।
लेकिन उन्होंने कहा कि अगर कंपनी ने इन विज्ञापनदाताओं के साथ अच्छे रिश्ते बनाए हैं और FIFA या स्पोर्ट्स बिजनेस के जरिए उन्हें अच्छी वैल्यू दी है, तो इनमें से कुछ विज्ञापनदाता निश्चित तौर पर Zee के साथ जुड़े रहेंगे। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि Zee आगे भी उन्हें कितनी अच्छी वैल्यू दे पाती है।
अब स्पोर्ट्स बिजनेस पहले से ज्यादा viable क्यों?
जब उनसे पूछा गया कि Zee के पुराने स्पोर्ट्स बिजनेस और अभी के मॉडल में क्या बदलाव आया है, तो पुनीत गोयनका ने कहा कि मौजूदा समय में स्पोर्ट्स बिजनेस का पूरा परिदृश्य बदल गया है।
उन्होंने माना कि स्पोर्ट्स राइट्स की कीमत सामान्य कंटेंट के मुकाबले ज्यादा है। लेकिन अगर कंपनी दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए सही कंटेंट चुनती है और राइट्स चुनने में सावधानी बरतती है, तो स्थिति बेहतर हो सकती है।
पुनीत गोयनका ने यह भी कहा कि Zee के पुराने दौर में फुटबॉल शायद 4-5 करोड़ लोगों तक ही पहुंच पाता था, जबकि अब FIFA के मामले में कंपनी 40 करोड़ लोगों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यह जरूर FIFA की वजह से है, लेकिन अगर non-FIFA प्रॉपर्टीज में भी इसका आधा ऑडियंस हासिल हो जाए तो भी यह मॉनेटाइजेशन के लिए काफी बड़ा नंबर होगा।
Fundraising पर क्या बोले गोयनका?
फंडरेजिंग प्लान के बारे में पूछे जाने पर पुनीत गोयनका ने कहा कि कंपनी ने इस मामले में नियामक से स्पष्टीकरण मांगा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। कंपनी ने सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) का भी रुख किया है और वहां अपील दाखिल की है।
उन्होंने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द समाधान होगा। इसके बाद ही इन प्रयासों के नतीजे के आधार पर आगे की रणनीति तय की जा सकेगी।
ZEE5 की ग्रोथ कितनी टिकाऊ है?
ZEE5 की subscription growth के बारे में गोयनका ने कहा कि अगर कंपनी लगातार उपभोक्ताओं की पसंद और उनकी जरूरत के मुताबिक कंटेंट देती रहेगी, तो वे अपनी subscriptions को renew करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ FIFA से जुड़ी ग्रोथ नहीं है।
उनके मुताबिक FIFA के दौरान और उसके बाद भी सब्सक्रिप्शन के नवीनीकरण का अच्छा आधार देखने को मिला है। इसी वजह से कंपनी को भरोसा है कि यह ग्रोथ टिकाऊ है और आगे भी बढ़ सकती है।
विज्ञापन कारोबार को लेकर उन्होंने कहा कि मौजूदा बाजार की स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण है। पश्चिम एशिया और युद्ध की स्थिति जैसी चीजों से अनिश्चितता पैदा हो रही है। लेकिन कंपनी की बाजार हिस्सेदारी काफी बेहतर हुई है और त्योहारों का मौसम भी आ रहा है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि Zee अपनी बेहतर स्थिति का फायदा उठा पाएगी।
पुनीत गोयनका ने एक और ग्रोथ के रास्ते की बात की। उन्होंने कहा कि कंपनी सब्सक्रिप्शन और डिजिटल ग्रोथ के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी देख रही है, क्योंकि अब तक इन बाजारों की क्षमता का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं किया गया है।
ZEE5 के भाषा पैक से मिली मदद
ZEE5 के भाषा पैक के बारे में गोयनका ने कहा कि इनसे निश्चित तौर पर मदद मिली है। हालांकि, उन्होंने भुगतान करने वाले सब्सक्राइबर्स के भाषा के हिसाब से आंकड़े साझा करने से इनकार किया, क्योंकि यह गोपनीय और कारोबारी रूप से महत्वपूर्ण जानकारी है।
Linear TV में कीमत बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कंपनी NTO के तहत नियमन में है। अगला NTO चक्र फरवरी 2027 के आसपास होने पर कंपनी वहां भी कीमत बढ़ाने पर विचार करेगी।
Zee Music को लेकर क्या स्थिति है?
Zee Music के बारे में पूछे गए सवाल पर गोयनका ने कहा कि कंपनी रणनीतिक कदमों के कई विकल्पों का लगातार मूल्यांकन करती रहती है। जब कोई दूसरा पक्ष कंपनी से संपर्क करता है या Zee खुद किसी दूसरे पक्ष से संपर्क करती है, तब भी इन विकल्पों पर विचार किया जाता है। लेकिन फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं है जिसके बारे में वह खुलासा कर सकें।
उन्होंने कहा कि कंपनी अतिरिक्त जानकारी के खुलासे पर भी काम कर रही है, ताकि जब इसे सार्वजनिक किया जाए तो पूरी जानकारी सभी के सामने साफ और पारदर्शी तरीके से रखी जा सके।
ZEE5 और टीवी चैनलों द्वारा Zee Music के कैटलॉग के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसा मुफ्त में नहीं होता। जब ZEE5 या टीवी चैनल Zee Music के कैटलॉग का इस्तेमाल करते हैं, तो उसके लिए भुगतान किया जाता है। यह भुगतान बाजार में चल रही व्यवस्था के हिसाब से होता है।
FIFA के बाद ZEE5 के सब्सक्राइबर दोगुने से ज्यादा
जब ZEE5 में B2C सब्सक्राइबर बढ़ने के बारे में पूछा गया, तो गोयनका ने बताया कि पिछली तिमाही में सब्सक्राइबर बेस दोगुने से ज्यादा हो गया। उन्होंने कहा कि इसका बड़ा हिस्सा FIFA की वजह से हो सकता है, लेकिन ऐसे ग्राहक भी हैं जो गैर-स्पोर्ट्स कंटेंट के लिए ZEE5 पर आते हैं।
B2B सौदों को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी B2B साझेदारों के साथ बातचीत कर रही है, लेकिन गोपनीयता की वजह से फिलहाल इसके बारे में कोई जानकारी साझा नहीं कर सकते।
उन्होंने ZEE5 पर दर्शकों को जोड़े रखने की रणनीति पर कहा कि कंपनी की टीम लगातार नया कंटेंट स्लेट तैयार कर रही है और दर्शकों की जुड़ाव बनाए रखने पर काम कर रही है।
FIFA के मुकाबले Bundesliga और Serie A को बेहतर कमाई में बदलने का भरोसा
FIFA के मार्जिन और कमाई को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में गोयनका ने कहा कि FIFA शुरू होने से सिर्फ 10 दिन पहले कंपनी के पास इसे कमाई में बदलने का मौका आया था। इसलिए विज्ञापन के मोर्चे पर इससे कमाई करने के लिए बहुत कम समय मिला।
हालांकि, सब्सक्रिप्शन के मोर्चे पर कंपनी FIFA से अच्छी कमाई करने में सफल रही। गोयनका ने कहा कि Bundesliga और Serie A के मामले में कंपनी के पास पर्याप्त समय है। इसलिए उन्हें भरोसा है कि इन खेल अधिकारों से FIFA के मुकाबले ज्यादा बेहतर तरीके से कमाई की जा सकेगी।
Preferential Allotment की मंजूरी पर क्या बोले?
शेयरधारकों से मिली Preferential Allotment की मंजूरी की वैधता के बारे में पूछे जाने पर गोयनका ने कहा कि सामान्य तौर पर ऐसी मंजूरी एक साल के लिए वैध होती है।
हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि कंपनी ने नियामक और ट्रिब्यूनल का रुख किया है और मामला अदालत के विचाराधीन है। इसलिए इस समय वह इस विषय पर आगे कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं करना चाहेंगे।
विज्ञापन रेवेन्यू में सुधार की उम्मीद
विज्ञापन रेवेन्यू की आगे की स्थिति पर गोयनका ने कहा कि कंपनी आने वाले समय में इसके स्थिर होने को लेकर सावधानी के साथ सकारात्मक है।
उन्होंने इसके पीछे तीन बातें गिनाईं- कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बेहतर हुई है, त्योहारों का मौसम आने वाला है और पश्चिम एशिया में चल रही युद्ध की स्थिति अब धीरे-धीरे सुलझती दिख रही है। उनके मुताबिक इन तीनों चीजों का आगे विज्ञापन कारोबार पर असर पड़ना चाहिए।
हालांकि, पूरे साल के EBITDA मार्जिन पर उन्होंने कोई अनुमान देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि बाजार में इस तरह की अनिश्चितता के बीच वह इस समय पूरे साल के EBITDA मार्जिन पर कोई अनुमान देने की स्थिति में नहीं हैं।
FIFA डील की कीमत बताने से इनकार
FIFA डील की कुल लागत और भुगतान की समयसीमा पर गोयनका ने कहा कि Zee के पास इसके राइट्स आठ साल के लिए हैं और भुगतान भी आठ साल में किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने राइट्स की कुल कीमत बताने से इनकार किया और इसे बेहद गोपनीय जानकारी बताया।
Zee Music के Demerger पर भी साफ किया रुख
Zee Music के Demerger के बारे में पूछे जाने पर गोयनका ने कहा कि कंपनी ने इस विकल्प पर विचार किया है। लेकिन अभी ऐसा कोई रणनीतिक कारण नहीं है, जिसकी वजह से कंपनी Music Business को अलग करे।
उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल Zee Music के Demerger को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। अगर भविष्य में कोई कारोबारी कदम ऐसी स्थिति पैदा करता है, तो उस समय इस पर विचार किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, पुनीत गोयनका की पूरी बातचीत में एक तरफ Zee के TV और Digital Business को मजबूत करने पर जोर दिखा, तो दूसरी तरफ Sports Business को लेकर उनका रुख साफ रहा कि कंपनी इस क्षेत्र में आगे बढ़ेगी, लेकिन जल्दबाजी में महंगे राइट्स लेने के बजाय मुनाफे और वैल्यू बनाने को प्राथमिकता देगी। ZEE5 की Growth, बेहतर Network Share, आने वाला Festive Season और International Digital Opportunities कंपनी की आगे की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह पूरा निष्कर्ष भी उनके Opening Remarks और सवाल-जवाब में कही गई बातों पर ही आधारित है।
प्रियंका भार्गव ने फ्लिपकार्ट में सात साल से अधिक समय बिताने के बाद लॉरियल में नई पारी शुरू की है। वह अगस्त से जनरल मैनेजर और CMI हेड की भूमिका संभाल रही हैं।
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Samachar4media Bureau
प्रियंका भार्गव (Priyanka Bhargav) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) से आगे बढ़ते हुए लॉरियल (L'Oréal) में नई पारी शुरू की है। उन्होंने कंपनी में जनरल मैनेजर और सीएमआई हेड (General Manager and CMI Head) यानी वाइस प्रेसिडेंट (VP) की जिम्मेदारी संभाली है। उनके कंपनी बदलने की जानकारी उनके लिंक्डइन प्रोफाइल (LinkedIn Profile) से सामने आई है।
प्रियंका ने अगस्त में अपनी नई भूमिका संभाली। इससे पहले वह फ्लिपकार्ट में हेड- कंज्यूमर इंटेलिजेंस एंड ब्रांड स्ट्रैटेजी (Head-Consumer Intelligence & Brand Strategy) के पद पर थीं। वह मई 2019 में फ्लिपकार्ट से जुड़ी थीं और कंपनी में सात साल से अधिक समय तक काम किया।
फ्लिपकार्ट से पहले प्रियंका भार्गव इनमोबी (InMobi) के साथ जुड़ी थीं। इससे पहले वह मिंत्रा (Myntra) और आईएमआरबी इंटरनेशनल (IMRB International) में भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
एबीपी नेटवर्क में अपनी करीब सात साल पुरानी पारी को विराम देकर अविनाश राय ने इंडिया टुडे समूह के डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘द लल्लनटॉप’ (The Lallantop) में वापसी की है।
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Samachar4media Bureau
एबीपी नेटवर्क में अपनी करीब सात साल पुरानी पारी को विराम देकर अविनाश राय ने इंडिया टुडे समूह के डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘द लल्लनटॉप’ (The Lallantop) में वापसी की है। उन्होंने यहां पर बतौर वीडियो हेड जॉइन किया है। अविनाश राय ने स्वयं सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह एक बार फिर द लल्लनटॉप के साथ जुड़ गए हैं। अविनाश राय ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘सात साल बाद घरवापसी। नया ठिकाना The Lallantop। अब से लिखना-पढ़ना सब यहीं पर...।’
अविनाश राय करीब 14 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और राजस्थान पत्रिका तथा नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और द लल्लनटॉप से जुड़े।
अविनाश राय वर्ष 2017 से 2019 तक द लल्लनटॉप में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्य कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क का रुख किया। एबीपी नेटवर्क में वह न्यूज एडिटर (न्यूज एंड इलेक्शन प्रोग्रामिंग) के पद पर कार्यरत रहे, जहां से अब द लल्लनटॉप में उनकी वापसी हुई है।
शिक्षा की बात करें तो अविनाश राय ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक (B.A.) किया है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से भी पढ़ाई की है। समाचार4मीडिया की ओर से अविनाश राय को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
प्रशांति मोकतान के पास डिजिटल मीडिया, ऑडियंस ग्रोथ और कंटेंट स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
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Samachar4media Bureau
एनडीटीवी (NDTV) ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रशांति मोकतान को ‘हेड ऑफ इंस्टाग्राम’ नियुक्त किया है। इस भूमिका में वह NDTV की इंस्टाग्राम स्ट्रैटेजी का नेतृत्व करेंगी। साथ ही नेटवर्क के व्यापक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट, ऑडियंस एंगेजमेंट और ग्रोथ से जुड़ी पहलों को भी दिशा देंगी।
मीडिया उपभोग के बदलते दौर में सोशल मीडिया न्यूज की खोज, शेयर करने और उन पर चर्चा का प्रमुख माध्यम बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए NDTV ने अपने सोशल मीडिया फोकस को और मजबूत करने के लिए यह नियुक्ति की है।
प्रशांति मोकतान के पास डिजिटल मीडिया, ऑडियंस ग्रोथ और कंटेंट स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। NDTV से जुड़ने से पहले वह बिजनेस टुडे में सीनियर असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत थीं। वहां उन्होंने ब्रैंड के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का नेतृत्व किया।
इस नियुक्ति के बारे में एनडीटीवी के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा कि सोशल मीडिया लोगों के न्यूज देखने और महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़ने के तरीके को तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि NDTV अपनी डिजिटल उपस्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है और प्रशांति की ऑडियंस की समझ तथा प्लेटफॉर्म-आधारित स्टोरीटेलिंग की विशेषज्ञता दर्शकों के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद करेगी।
एनडीटीवी के चीफ कंटेंट ऑफिसर विनय सरावगी ने कहा कि बेहतरीन पत्रकारिता को वहीं पहुंचना चाहिए जहां दर्शक मौजूद हैं। उनके अनुसार प्रशांति के पास संपादकीय समझ, रचनात्मकता और ऑडियंस इनसाइट्स का मजबूत संयोजन है, जो NDTV की पहुंच और प्रासंगिकता को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर और बढ़ाने में मदद करेगा।
अपनी नई जिम्मेदारी पर प्रशांति मोकतान ने कहा कि आज न्यूज को खोजने, समझने और उन पर बातचीत का हिस्सा बनने में सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि NDTV भारत के सबसे प्रतिष्ठित समाचार ब्रांड्स में से एक है और वह नए दर्शकों तक इसकी कहानी कहने की शैली को पहुंचाने तथा प्रत्येक प्लेटफॉर्म के अनुरूप विशिष्ट और प्रासंगिक फॉर्मेट विकसित करने को लेकर उत्साहित हैं।
प्रशांति मोकतान ने क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु से जर्नलिज्म, साइकोलॉजी और इंग्लिश में डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है।
भारतपे ने युगल तिवारी को चीफ प्रोडक्ट एंड मार्केटिंग ऑफिसर नियुक्त किया है। इससे पहले वह पेटीएम में प्रोडक्ट लीडर के तौर पर यूपीआई, रिवॉर्ड्स और कंज्यूमर ऐप से जुड़े कारोबार संभाल रहे थे।
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भारतपे (BharatPe) ने युगल तिवारी (Yugal Tiwari) को चीफ प्रोडक्ट एंड मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Product and Marketing Officer) यानी सीपीएमओ (CPMO) नियुक्त किया है। वह कंपनी में प्रोडक्ट और मार्केटिंग से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
भारतपे में नियुक्ति से पहले तिवारी पेटीएम (Paytm) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट II, प्रोडक्ट (Senior Vice President II, Product) के पद पर थे। पेटीएम से पहले वह दो साल से अधिक समय तक क्रेड (CRED) से जुड़े रहे। वह पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) के साथ भी काम कर चुके हैं।
पेटीएम में अपनी भूमिका के दौरान तिवारी कंपनी के कंज्यूमर ऐप (Consumer App) से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोडक्ट चार्टर्स संभाल रहे थे। इनमें यूपीआई पेमेंट्स (UPI Payments), ऑनबोर्डिंग जर्नी (Onboarding Journey), ऐप होमस्क्रीन (App Homescreen), रेफरल (Referral), रिवॉर्ड्स और लॉयल्टी प्रोग्राम (Rewards and Loyalty Program) शामिल थे।
टिम्सी जयपुरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि न्यूज रूम से बाहर निकले, कैमरे का सामना किए और कुछ लिखे हुए उन्हें लगभग चार महीने हो चुके हैं।
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मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। CNBC-TV18 की पूर्व एडिटर (फाइनेंस एंड इकोनॉमिक पॉलिसी) टिम्सी जयपुरिया ने अपने अगले प्रोफेशनल सफर की घोषणा की है। CNBC-TV18 से अलग होने के करीब चार महीने बाद उन्होंने ‘Newsconomy’ नाम से अपनी नई पत्रकारिता पहल की घोषणा की है।
टिम्सी जयपुरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि न्यूज रूम से बाहर निकले, कैमरे का सामना किए और कुछ लिखे हुए उन्हें लगभग चार महीने हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि CNBC-TV18 को अलविदा कहते समय उन्हें यह अहसास था कि उनके करियर का एक अध्याय समाप्त हो रहा है, लेकिन अगला अध्याय कैसा होगा, इसकी तस्वीर तब स्पष्ट नहीं थी।
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बीते चार महीने बदलाव, आत्ममंथन, अनिश्चितताओं और कई महत्वपूर्ण बातचीतों से भरे रहे। इस दौरान बहुत कुछ ऐसा था जिसे वह कहना चाहती थीं और बहुत कुछ ऐसा भी था जो अनकहा रह गया।
टिम्सी ने बताया कि आखिरकार उन्होंने एक बार फिर कैमरे का सामना किया। उनके अनुसार यह अनुभव परिचित भी था और पूरी तरह अलग भी, क्योंकि इस बार उनके पास अपनी बात कहने के लिए कुछ अपना है। इसी पोस्ट के जरिए उन्होंने ‘Newsconomy’ का उल्लेख करते हुए अपनी नई पत्रकारिता पहल का ऐलान किया है।
गौरतलब है कि हाल ही में टिम्सी जयपुरिया ने CNBC-TV18 से अपनी 10 साल लंबी पारी समाप्त करने की घोषणा की थी। वह चैनल में एडिटर-फाइनेंस एंड इकोनॉमिक पॉलिसी के पद पर कार्यरत थीं। इससे पहले वह द हिंदुस्तान टाइम्स लिमिटेड (The Hindustan Times Limited) में स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, बिजनेस ब्यूरो के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। आर्थिक नीति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, टैक्सेशन, रियल एस्टेट और कॉरपोरेट मामलों की रिपोर्टिंग में उन्हें करीब 18 वर्षों का अनुभव है।
इस नई जिम्मेदारी के साथ कंपनी ने उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने प्रमुख बिजनेस ऑपरेशंस की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।
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रियल एस्टेट टेक कंपनी प्रॉपर्टीपिस्टल (PropertyPistol) ने हेमंत बजाज को चीफ बिजनेस एंड मार्केटिंग ऑफिसर (CBMO) के पद पर प्रमोट किया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ कंपनी ने उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने प्रमुख बिजनेस ऑपरेशंस की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।
अपने विस्तारित दायित्वों के तहत हेमंत बजाज कंपनी के प्रमुख बिजनेस वर्टिकल्स—प्राइमरी सेल्स, मैंडेट्स, सिंडिकेट और लोन्स—की निगरानी करेंगे। इसके अलावा वे रणनीति निर्माण और परिचालन क्रियान्वयन (ऑपरेटिंग एग्जीक्यूशन) की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस भूमिका के जरिए कंपनी के प्रमुख राजस्व-सृजन और ग्राहक-केंद्रित कार्यों को एकीकृत नेतृत्व के तहत लाया गया है, जहां विकास, परिचालन दक्षता और व्यावसायिक प्रदर्शन की जवाबदेही भी उन्हीं के पास होगी।
हेमंत बजाज इसी वर्ष प्रॉपर्टीपिस्टल में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के रूप में शामिल हुए थे। कंपनी के अनुसार, उन्होंने व्यवसाय में बेहतर निष्पादन संस्कृति विकसित करने, उत्पादकता बढ़ाने और प्रमुख विकास पहलों पर निवेश से बेहतर प्रतिफल (ROI) हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी प्रदर्शन को देखते हुए अब उन्हें भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फैले 500 से अधिक सदस्यों वाले बिजनेस संगठन का नेतृत्व सौंपा गया है।
कंपनी का कहना है कि हेमंत बजाज लाभदायक विकास, बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स और परिचालन क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देंगे। उन्हें भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व के बाजारों में बिजनेस ग्रोथ, मार्केटिंग, ऑपरेशंस और संगठनात्मक विस्तार का व्यापक नेतृत्व अनुभव हासिल है।
इस नियुक्ति के बारे में प्रॉपर्टीपिस्टल के फाउंडर एवं प्रबंध निदेशक (Founder & Managing Director) आशीष नारायण अग्रवाल ने कहा, ‘हेमंत में व्यावसायिक प्राथमिकताओं को ठोस कारोबारी परिणामों में बदलने की सिद्ध क्षमता है। उनके भीतर स्वामित्व और जवाबदेही की मजबूत भावना है। उनकी भूमिका का विस्तार उनके अब तक के योगदान और नेतृत्व क्षमता का स्वाभाविक विस्तार है। प्रॉपर्टीपिस्टल के अगले विकास चरण में उनका विस्तारित दायित्व हमारी प्रमुख व्यावसायिक इकाइयों में वृद्धि और परिचालन प्रदर्शन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’
वहीं, अपनी नई जिम्मेदारी पर हेमंत बजाज ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य केवल प्रत्येक बिजनेस वर्टिकल का विस्तार करना नहीं है, बल्कि विकास की आर्थिक दक्षता को भी बेहतर बनाना है। मेरा फोकस कंपनी की व्यावसायिक क्षमता को और मजबूत करने, राजस्व उत्पादकता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने पर रहेगा कि विस्तार बेहतर कारोबारी परिणामों में परिवर्तित हो। प्रॉपर्टीपिस्टल पहले ही डेवलपर्स, ब्रोकर्स और होमबायर्स के बीच महत्वपूर्ण पैमाना हासिल कर चुकी है। अब अगला चरण इस पैमाने का अधिक प्रभावी उपयोग करने का है। स्पष्ट लक्ष्यों के साथ इस स्ट्रैटेजी का असर आने वाले समय में कारोबार के आंकड़ों में दिखाई देगा।’
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की मीडिया किट में भारतीय संस्कृति, स्थानीय उत्पाद, शिल्प और आधुनिक पहचान को शामिल कर इसे सम्मेलन की याद से आगे ब्रांड इंडिया का प्रभावी माध्यम बनाया गया।
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Samachar4media Bureau
हर बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मीडिया किट (Media Kit) देना अब एक परंपरा बन चुका है। पत्रकारों और प्रतिनिधियों को जानकारी, स्मृति चिन्ह और उपयोगी सामान से भरा बैग दिया जाता है। हालांकि, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 ने इस परंपरा को एक अलग सोच के साथ आगे बढ़ाया है।
ब्रिक्स (BRICS) 2026 की मीडिया किट को सिर्फ सम्मेलन की याद के तौर पर तैयार नहीं किया गया, बल्कि इसमें भारत की संस्कृति, स्थानीय उत्पादों, शिल्प और समकालीन पहचान को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
ब्रांडिंग (Branding) के नजरिए से देखें तो यह पहल काफी अहम है। किसी सम्मेलन में भाषण कुछ मिनटों तक रहता है और स्क्रीन पर दिखाई गई प्रस्तुति खत्म होने के बाद पीछे छूट जाती है। इसके मुकाबले एक लैपटॉप बैग (Laptop Bag) लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्रिक्स किट का रंगीन डिजाइन और इसमें शामिल उत्पाद सम्मेलन के बाद भी एयरपोर्ट, ऑफिस और बैठकों तक पहुंच सकते हैं।
किट में कॉफी, मखाना, हस्तनिर्मित बैग और स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए कई अन्य उत्पाद शामिल हैं। इन चीजों के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) और ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) जैसे विचारों को सीधे अनुभव से जोड़ा गया है। विदेशी प्रतिनिधि भारतीय शिल्प और स्थानीय उत्पादों को केवल किसी पुस्तिका में पढ़ने के बजाय उन्हें इस्तेमाल करके समझ सकते हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की विजुअल आइडेंटिटी (Visual Identity) के तौर पर इस्तेमाल किया गया कमल भी अलग-अलग उपहारों में नजर आता है। मग, रेफ्रिजरेटर मैग्नेट, बैग और दूसरी वस्तुओं को एक समान डिजाइन और पहचान से जोड़ने की कोशिश की गई है। इससे पूरी मीडिया किट एक साझा ब्रांड एक्सपीरियंस (Brand Experience) देती है।
इस किट के जरिए भारत की कहानी केवल संस्कृति और विरासत तक सीमित नहीं रहती। इसमें भारतीय शिल्प, मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing), उद्यमिता और तकनीक की झलक भी दिखाई देती है। पत्रकार और प्रतिनिधि इन उत्पादों को अपने देश वापस ले जाकर इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे सम्मेलन की पहचान लंबे समय तक बनी रह सकती है।
इसी वजह से यह मीडिया किट एक ‘साइलेंट एंबेसडर’ (Silent Ambassador) की तरह काम करती है। सम्मेलन खत्म होने के बाद भी बैग, मग और स्थानीय उत्पादों के जरिए ब्रिक्स 2026 की पहचान दूसरे देशों तक पहुंचती रहेगी। यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मीडिया किट सिर्फ उपहार नहीं, बल्कि ब्रांड इंडिया (Brand India) को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी हो सकती है।
न्यूज नेशन में करीब चार वर्षों से कार्यरत धीरज शर्मा को मीडिया में करीब 19 वर्षों का अनुभव है।
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न्यूज नेशन ने अपने तमाम एंप्लॉयीज को सैलरी इंक्रीमेंट दिया है और कई लोगों के पद भी बढ़ाए गए हैं।
इसी कड़ी में, डिजिटल (वेबसाइट) में धीरज शर्मा को असिस्टेंट एडिटर से डिप्टी एडिटर के पद पर प्रमोट कर उन्हें अहम भूमिका दी गई है।
अपनी इस भूमिका में वह वेबसाइट मॉनिटरिंग के साथ कंटेंट स्ट्रैटेजी और एडवांस प्लानिंग कर रहे हैं, साथ ही एक्सप्लेनर की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है।
न्यूज नेशन में करीब चार वर्षों से कार्यरत धीरज शर्मा को मीडिया में करीब 19 वर्षों का अनुभव है। पूर्व में वह ‘राजस्थान पत्रिका’, ‘सहारा’, ‘पंजाब टुडे’, ‘डीडी न्यूज’ और ‘CNEB’ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं।
पढ़ाई लिखाई की बात करें तो धीरज शर्मा ने कॉर्मस में बैचलर डिग्री के साथ BJMC किया है। समाचार4मीडिया की ओर से धीरज शर्मा को उनके प्रमोशन के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
रैडिको खेतान ने डॉ. आशीष श्रीवास्तव को चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर नियुक्त किया है। वह कंपनी की आईटी स्ट्रैटेजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटी को मजबूत करेंगे।
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Samachar4media Bureau
रैडिको खेतान (Radico Khaitan) ने डॉ. आशीष श्रीवास्तव (Dr Ashish Shrivastava) को चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर (Chief Information Officer) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह कंपनी के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी फंक्शन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
डॉ. श्रीवास्तव का फोकस कंपनी की टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटी मजबूत करने, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) को आगे बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बेहतर करने पर रहेगा। इसके साथ ही वह बिजनेस ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे और कंपनी के व्यापक लक्ष्यों के साथ टेक्नोलॉजी प्रायोरिटीज को जोड़ने का काम करेंगे।
डॉ. श्रीवास्तव को इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी स्ट्रैटेजी (IT Strategy), टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट और ऑर्गनाइजेशनल लीडरशिप (Organisational Leadership) के क्षेत्र में अनुभव है। उनके प्रोफेशनल अनुभव में आईटी मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी स्ट्रैटेजी, बिजनेस ऑपरेशंस और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग भी शामिल हैं।
रैडिको खेतान से जुड़ने से पहले उन्होंने फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (Financial Software & Systems Pvt. Ltd.) और एफएसएस (FSS), सीएमएस इंफो सिस्टम्स (CMS Info Systems) तथा एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (Allied Blenders & Distillers) में अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है।
PVR INOX Limited की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने बैठक के एजेंडे में रखे गए सभी 8 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी है।
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Vikas Saxena
PVR INOX Limited की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने बैठक के एजेंडे में रखे गए सभी 8 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 11 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में AGM के मतदान परिणाम और स्क्रूटिनाइजर (Scrutinizer) की रिपोर्ट साझा की है। कंपनी की 31वीं AGM 11 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से आयोजित हुई।
कंपनी के मुताबिक, 4 सितंबर 2026 की रिकॉर्ड डेट पर कुल 2,52,376 शेयरधारक थे। AGM में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 159 शेयरधारकों ने हिस्सा लिया। इनमें 7 प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप से, जबकि 152 सार्वजनिक शेयरधारक थे।
पहले प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरणों के साथ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को मंजूरी देने की बात थी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.9989 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,96,38,118 वोट प्रस्ताव के पक्ष में और 780 वोट इसके खिलाफ पड़े।
दूसरे प्रस्ताव के तहत रेणुका रामनाथ की रोटेशन के आधार पर निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई। उन्हें 99.0308 प्रतिशत वोट मिले। उनके पक्ष में 6,89,95,913 वोट पड़े, जबकि 6,75,263 वोट विरोध में रहे।
तीसरे प्रस्ताव में अजय कुमार बिजली की रोटेशन के आधार पर निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी मिली। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.3074 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,91,88,603 वोट पक्ष में और 4,82,573 वोट विरोध में पड़े।
इसके अलावा, स्वतंत्र निदेशक विषेश चंदर चंडीओक, दिनेश कनाबार, शिशिर बैजल और दीप मिश्रा हैरिस को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पारिश्रमिक के भुगतान से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल गई। विषेश चंदर चंडीओक के प्रस्ताव को 99.9945 प्रतिशत, दिनेश कनाबार के प्रस्ताव को 99.9947 प्रतिशत, शिशिर बैजल के प्रस्ताव को 99.6392 प्रतिशत और दीप मिश्रा हैरिस के प्रस्ताव को 99.6392 प्रतिशत वोट मिले।
आठवें और आखिरी प्रस्ताव में शुवा मंडल को कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। यह एक विशेष प्रस्ताव था और इसके पक्ष में 99.8453 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,95,63,441 वोट पक्ष में और 1,07,774 वोट विरोध में पड़े।
कंपनी ने बताया कि मतदान के लिए रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा 7 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और 10 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक चली। AGM में शामिल सदस्यों के लिए भी ई-वोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी शेयरधारक ने रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान ई-वोटिंग, दोनों सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं किया।
मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए कंपनी के बोर्ड ने 11 मई 2026 को DPV & Associates LLP के मैनेजिंग पार्टनर देवेश कुमार वशिष्ठ को स्क्रूटिनाइजर (Scrutinizer) नियुक्त किया था। स्क्रूटिनाइजर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मतदान प्रक्रिया की जांच NSDL के ई-वोटिंग प्लेटफॉर्म से मिले आंकड़ों के आधार पर की गई।
इस तरह PVR INOX की 31वीं AGM में वित्तीय विवरणों की मंजूरी, दो मौजूदा निदेशकों की पुनर्नियुक्ति, चार स्वतंत्र निदेशकों के पारिश्रमिक और एक नए स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति से जुड़े सभी 8 प्रस्ताव शेयरधारकों के जरूरी बहुमत से मंजूर हो गए।