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Alphabet ने एंटीट्रस्ट मुकदमे को निपटाने के लिए रखा 500 मिलियन डॉलर का प्रस्ताव
गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. ने एक शेयरधारक मुकदमे के संभावित निपटारे के तहत अगले दस वर्षों में 500 मिलियन डॉलर का निवेश करने पर सहमति जताई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. ने एक शेयरधारक मुकदमे के संभावित निपटारे के तहत अगले दस वर्षों में 500 मिलियन डॉलर का निवेश करने पर सहमति जताई है। यह निवेश ग्लोबल कंप्लायंस सिस्टम को पूरी तरह से रिवैम्प करने के लिए किया जाएगा। कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में दायर इस समझौते से Alphabet की नियामकीय जिम्मेदारियों को लेकर रुख में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है, खासकर उस दौर में जब कंपनी विभिन्न कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है।
यह मुकदमा 2021 में मिशिगन की दो पेंशन फंड कंपनियों ने दायर किया था। इसमें Alphabet के शीर्ष अधिकारियों- सीईओ सुंदर पिचाई, को-फाउंंडर लैरी पेज और सर्गे ब्रिन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपनी फिड्युशियरी (आस्था-संबंधी) जिम्मेदारियों का उल्लंघन किया और कंपनी को एंटीट्रस्ट जोखिमों के बीच डाल दिया। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि Google ने सर्च, डिजिटल विज्ञापन, एंड्रॉयड और ऐप वितरण जैसे क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धा-विरोधी तरीके अपनाए, जिससे कानूनी नुकसान और साख को धक्का पहुंचा।
प्रस्तावित समझौते के तहत Alphabet अब एक अलग बोर्ड समिति बनाएगा जो केवल जोखिम और अनुपालन (compliance) से संबंधित मामलों को देखेगी। यह जिम्मेदारी पहले ऑडिट समिति संभालती थी। इसके अलावा, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट लेवल की एक समिति बनाई जाएगी जो सीधे सीईओ पिचाई को रिपोर्ट करेगी और नियामकीय चुनौतियों पर ध्यान देगी। साथ ही प्रोडक्ट मैनेजर्स और इंटरनल एक्सपर्ट्स की एक खास टीम बनाई जाएगी जो प्रोडक्ट्स को रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स के हिसाब से ऑपरेट करेगी। इन सुधारों को कम से कम चार वर्षों तक बनाए रखना अनिवार्य होगा।
हालांकि Alphabet ने किसी भी गलत कार्य की बात नहीं मानी है, लेकिन कंपनी ने कहा, “हमने वर्षों से मजबूत अनुपालन प्रक्रिया विकसित करने में पर्याप्त संसाधन लगाए हैं। लंबी कानूनी लड़ाई से बचने के लिए हम ये प्रतिबद्धताएं लेने को तैयार हैं, ताकि अपने अनुपालन दायित्वों को प्राथमिकता दे सकें।”
शेयरधारकों की ओर से मुकदमा लड़ रही कानूनी टीम, जो करीब 80 मिलियन डॉलर की फीस मांगने की तैयारी में है, ने इन सुधारों को “ऐसे मुकदमों में विरल” और “सबसे उल्लेखनीय नियामकीय निपटानों” में एक बताया। वकील पैट्रिक कॉफलिन ने कहा, “हमें बोर्ड को उन सभी रिपोर्ट्स की जानकारी नहीं मिल रही थी, जो उसे एंटीट्रस्ट जोखिमों को लेकर मिलनी चाहिए थी।”
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब Google को पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े कानूनी झटके लगे हैं। अगस्त 2023 में एक संघीय न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि Google ने सर्च के क्षेत्र में अपनी मोनोपॉली (एकाधिकार) को अवैध रूप से बनाए रखा। अप्रैल 2024 में एक अन्य फैसले में कंपनी को डिजिटल विज्ञापन क्षेत्र में एंटीट्रस्ट उल्लंघन का दोषी पाया गया। अब अमेरिकी न्याय विभाग जैसे नियामक संस्थान Chrome ब्राउजर को अलग करने और प्रतिस्पर्धियों के साथ डेटा साझा करने जैसे कठोर उपायों की मांग कर रहे हैं। न्यायाधीश अमित मेहता, जिन्होंने सर्च से जुड़े मामले में Google के खिलाफ फैसला सुनाया, अगस्त 2025 तक अंतिम निर्णय देंगे।
अमेरिका के अलावा Alphabet यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ, कनाडा और चीन जैसे देशों में भी नियामकीय जांच और कानूनी कार्रवाइयों का सामना कर रहा है। इन सभी में कंपनी की बाजार नीति और संभावित दबदबे के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
यह प्रस्तावित समझौता, जिसे कोर्ट की मंजूरी मिलनी अभी बाकी है, अल्फाबेट (Google की पेरेंट कंपनी) की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत वह नियामकीय चिंताओं (regulatory concerns) को सुलझाना चाहती है और वैश्विक स्तर पर बढ़ती जांच-पड़ताल के बीच अनुपालन (compliance) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करना चाहती है।
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