तो आशंकाएं सच होने लगी हैं। हिन्दुस्तान की पत्रकारिता पिछले 73 साल में अपने सबसे बुरे दौर में जा पहुंची है। कमर तो पहले ही टूटी हुई थी। रही सही कसर कोरोना ने पूरी कर दी है।
राजेश बादल 5 years ago
पत्रकारिता को अगर लोकतंत्र में चौथा स्तंभ कहा जाता है, तो प्रश्न यह है कि इस महत्वपूर्ण स्थान की क्या हम रक्षा कर पा रहे हैं?
राजेश बादल 5 years ago
सोशल मीडिया के अनेक अवतारों पर इन दिनों कोरोना से जुड़ी बेहद संवेदनशील खबरों की बाढ़ आई हुई है। पड़ताल करने के बाद इनमें आए कई वीडियो पुराने निकलते हैं।
राजेश बादल 5 years ago
डेढ़ महीने से ज़्यादा हो गया। अभी दो-तीन महीने और चलेगा, ऐसी आशंका है। उसके बाद साल भर तक इसके आफ्टर इफेक्ट्स होंगे।
राजेश बादल 5 years ago
‘रिपब्लिक टीवी’ के संपादक अरनब गोस्वामी से मुंबई में दस-बारह घंटे की पूछताछ इन दिनों बहस का मुद्दा है।
राजेश बादल 5 years ago
टेलिविजन चैनलों के राष्ट्रीय संगठन ने गुस्सा दिखाया है। सरकारी विज्ञापन बंद नहीं होने चाहिए।
राजेश बादल 5 years ago
दुनिया दहशत में है। कोरोना काल बन गया है। मौत से अधिक मौत का डर है। भय के भूत की तरह। हर बड़े मुद्दे पर गैर जिम्मेदारी दिखाता हिंदी टीवी मीडिया
राजेश बादल 5 years ago
याद कीजिए, संसार के सारे कार्टूनिस्टों के सिरमौर आर.के. लक्ष्मण ने करीब आधी शताब्दी तक भारत के करोड़ों पाठकों के दिलों पर राज किया है।
राजेश बादल 5 years ago
शहर एक। दृश्य दो। एक में दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति तोपों की सलामी लेते हैं,उनकी पत्नी बच्चों के साथ खुशनुमा माहौल में वक्त बिताती हैं
राजेश बादल 5 years ago
यह नौबत भी आ गई। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम आए तो मीडिया मुद्दों पर दो फाड़ हो गया
राजेश बादल 6 years ago