‘न्यूजक्लिक’ पर सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई और उसके पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में देश के तमाम पत्रकार संघों ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई चंद्रचूड़ को चिठ्ठी लिखी है।

राजेश बादल 2 years ago


एक सप्ताह से चुप था। कुछ टीवी न्यूज एंकरों पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (I.N.D.I.A) ने अपनी ओर से जो पाबंदी लगाई हैं, उसका प्रबंधन और संपादकों पर असर देखना चाहता था।

राजेश बादल 2 years ago


‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ' इंडिया’ भारत के संपादकों की सर्वोच्च सम्मानित संस्था है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिल्ड के सदस्य अपने प्रोफेशनल काम तथा गंभीरता के कारण पहचाने जाते हैं।

राजेश बादल 2 years ago


आज के दौर में ऐसे संपादकों की जरूरत है, जो हुकूमत के इशारे पर नहीं नाचें, बल्कि सियासत को अपनी पेशेवर कलम से नचाएं।

राजेश बादल 2 years ago


हद है। इस बार तो वाकई सोशल मीडिया ने हद कर दी। मध्य प्रदेश में एक आदिवासी पर स्थानीय बीजेपी विधायक के प्रतिनिधि ने पेशाब कर दिया। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए, कम है।

राजेश बादल 2 years ago


हाल ही में आए तूफान ‘बिपरजॉय’ की कवरेज कमोबेश हर चैनल ने अलग-अलग अंदाज में की। कुछ प्रयोग परंपरागत थे और एकाध प्रयोग ऊटपटांग भी था।

राजेश बादल 2 years ago


तमाम अखबारों को देखें, टीवी चैनल्स के पर्दों पर देखें या डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के कंटेंट पर नजर दौड़ाएं तो पाते हैं कि उन्मादी बयानों को प्रमुखता देकर पत्रकारिता ने भी अपने को कठघरे में खड़ा कर लिया है।

राजेश बादल 2 years ago


अनुचित है। घोर आपत्तिजनक। इसे तो कोई भी सभ्य लोकतंत्र और समाज स्वीकार नहीं करेगा। किसी पत्रकारिता संस्थान पर इस तरह की कार्रवाई बदले की ही मानी जाएगी।

राजेश बादल 3 years ago


यह दो घटनाएं इस बात का सुबूत हैं कि सरकार की गोद में बैठने या उसके खिलाफ एजेंडे की हद तक निंदा करना अब खतरे से खाली नहीं रहा है।

राजेश बादल 3 years ago


सुप्रीम कोर्ट की टीवी चैनलों को फटकार लोकतंत्र की सबसे शीर्ष न्यायिक संस्था के आक्रोश की चरम अभिव्यक्ति है।

राजेश बादल 3 years ago