अजब दौर है। भारतीय पत्रकारिता का अंधकार युग। कब तक चलेगा? कोई नहीं जानता। विचार और निरपेक्ष-निर्भीक विश्लेषण की क्षमता खोते जाने का नतीजा क्या होगा।

राजेश बादल 5 years ago


लगातार दो दिन। दिल दहलाने वालीं वीभत्स और जघन्य तस्वीरें अखबारों के पन्नों पर छपीं। एक घटना राजस्थान की थी।

राजेश बादल 5 years ago


गुरुवार को एक खबर भारत की प्रतिष्ठित एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ से प्रसारित हुई। इसके मुताबिक भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर में एयर स्ट्राइक की है।

राजेश बादल 5 years ago


भारत में संपादकों की सबसे बड़ी संस्था एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ऐतिहासिक मोड़ पर है। पहली बार इसने अपने अध्यक्ष और महासचिव को  बाकायदा मतदान के जरिए चुना

राजेश बादल 5 years ago


एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। टीआरपी की होड़ में परदे के पीछे भी कुछ-कुछ होता है, दर्शकों को यह पता चल रहा है।

राजेश बादल 5 years ago


राज्य सभा का मानसून सत्र करीब एक सप्ताह पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, लेकिन बीते दिनों राज्य सभा में जो भी हुआ, वह बेहद शर्मनाक है।

राजेश बादल 5 years ago


तो वह घड़ी आ ही गई। अब हाई कोर्ट भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को केंद्र सरकार के नियंत्रण में लाने के पक्षधर दिखने लगे हैं।

राजेश बादल 5 years ago


कुछ दशक पहले तक भारत के चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञ या वर्गीकृत सेवाओं का व्यापक विस्तार नहीं था। एक एमबीबीएस डॉक्टर को लोग सारे दुखों की एक दवा समझ लेते थे। गांवों में तो आज भी यह प्रचलन में है।

राजेश बादल 5 years ago


जिस एजेंसी का नाम लेते ही हम मीडिया के लोग गर्व से भर जाते थे, वह अब राष्ट्रद्रोही ठहराई जा रही है। पीटीआई हिंदुस्तान ही नहीं, समूचे संसार में सबसे बड़े नेटवर्क वाली संस्थाओं में से एक है।

राजेश बादल 5 years ago


बीते सप्ताह गलवान में चीन के साथ खूनी संघर्ष मीडिया के सभी रूपों में छाया रहा। इस दरम्यान शुरू के तीन-चार दिन तक चीन के बयान एक के बाद एक आते रहे और भारतीय अधिकृत बयान आने में कुछ समय लगा।

राजेश बादल 5 years ago