प्रवक्ता, अहंकार और संवाद की संवेदनहीनता का सबक: नीरज बधवार

चूंकि समाज के अवचेतन में अंग्रेज़ी को लेकर एक हीन भावना मौजूद है, इसलिए जो व्यक्ति अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से बोल लेता है, वह अक्सर खुद को विद्वान भी मान बैठता है।

Last Modified:
Thursday, 19 February, 2026
neerajbadhwar


नीरज बधवार, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक। गलगोटिया मामले में यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह का व्यवहार हर बड़ी संस्था के प्रवक्ता के लिए एक सबक होना चाहिए...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए