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आतंक फैलाने वाले संगठन हिजबुल्लाह के लिए मातम क्यों: रुबिका लियाकत
एक संगठन जिसने सिवाए आतंक के कुछ नहीं फैलाया उसके लिए ऐसा मातम? और यही वो इको-सिस्टम है जो हिंदुओं के केवल नारे लगाने भर पर उन्हें हिंसक करार दे देता है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर एयर स्ट्राइक कर हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह को मार गिराया। नसरल्लाह की मौत का रोष जम्मू कश्मीर में देखने को मिला है। यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रा ने कहा कि आपने एक हिजबुल्लाह को मारा है अब हर घर से हिजबुल्लाह निकलेगा।
इस मसले पर वरिष्ठ पत्रकार और एंकर रुबिका लियाकत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा कि एक आतंकी संगठन के लिए आखिर इतना मातम क्यों किया जा रहा है ? उन्होंने अपने एक्स हैंडल से लिखा, बड़े दिनों से मन में एक ख़्याल आ रहा है। ये कितना ख़तरनाक इको- सिस्टम है।
ह से हमास कहो तो गुनगुना देंगे। ह से हिज़्बुल कहो तो रो पड़ेंगे। ह से हिंदू कह दो, बस फिर देखो ! क्रोधित होंगे, नारे लगाएँगे, झूठ मूठ का डर बताएँगे। ये किस तरह की सोच जिसमें आतंकवादी संगठन हमास और हिज़्बुल्लाह से कोई बैर नहीं है, खुलकर आतंकियों का सपोर्ट हो रहा।
रो रहे हैं- बिलख रहे हैं। एक संगठन जिसने सिवाए आतंक के कुछ नहीं फैलाया उसके लिए ऐसा मातम? और यही वो इको-सिस्टम है जो हिंदुओं के केवल नारे लगाने भर पर उन्हें हिंसक करार दे देता है। राम मंदिर बनने पर जश्न मनाने वालों को कट्टर कह देता है।
दीवाली पर पटाख़े (ग्रीन ही सही) फ़ोडने पर उन्हें मानवता के लिए ख़तरनाक कह देता है। खान-पान में शुद्धता की माँग करने पर अतिवादी, उग्र बुलाया जाता है। इतनी धूर्तता लाते कहाँ से हैं?
आपको बता दें, जम्मू-कश्मीर के बडगाम की सड़कों पर लोग प्रदर्शन करते दिखे। वे हाथों में नसरल्लाह के पोस्टर लिए हुए थे। ऐसा ही एक प्रदर्शन श्रीनगर के पुराने शहर में देखने को मिला, इसी प्रकार से राज्य के अन्य इलाकों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
बड़े दिनों से मन में एक ख़्याल आ रहा है। ये कितना ख़तरनाक इको- सिस्टम है…
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) September 30, 2024
ह से हमास कहो तो गुनगुना देंगे
ह से हिज़्बुल कहो तो रो पड़ेंगे
ह से हिंदू कह दो.. बस फिर देखो! क्रोधित होंगे, नारे लगाएँगे, झूठ मूठ का डर बताएँगे
ये किस तरह की सोच जिसमें आतंकवादी संगठन हमास और…
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