होम / सोशल मीडिया / केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में दिया हलफनामा, Twitter को लेकर कही ये बात
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में दिया हलफनामा, Twitter को लेकर कही ये बात
केंद्र सरकार ने कहा है कि नए आईटी नियम 2021 देश के कानून हैं और प्रतिवादी (ट्विटर) को अनिवार्य रूप से इनका पालन करना आवश्यक है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) भारत के नए आईटी नियमों का पालन करने में विफल रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में यह जानकारी दी है। केंद्र सरकार का कहना है कि ट्विटर ने अभी तक मुख्य अनुपालन अधिकारी (chief compliance officer) की नियुक्ति नहीं की है। शिकायत अधिकारी (grievance officer) का पद भी खाली पड़ा हुआ है। नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन (nodal contact person) का पद भी खाली है। इसके साथ ही संपर्क पता (contact address) जिसे 29 मई को दिखाया गया था, वह ट्विटर की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।
‘इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय‘ (Meity) के साइबर लॉ ग्रुप के वैज्ञानिक एन. समय बालन (N. Samaya Balan) के माध्यम से दायर एक संक्षिप्त एफिडेविट में केंद्र सरकार ने कहा है कि नए आईटी नियम 2021 देश के कानून हैं और प्रतिवादी (ट्विटर) को अनिवार्य रूप से इनका पालन करना आवश्यक है।
एफिडेविट के अनुसार, आईटी नियमों का पालन नहीं किया जाना इनके प्रावधानों के उल्लंघन के समान है। इसके कारण माइक्रो ब्लॉगिंग साइट को आईटी अधिनियम के तहत प्रदान की गई अपनी प्रतिरक्षा को खोना पड़ सकता है।
पिछले हफ्ते ट्विटर ने हाई कोर्ट को बताया था कि वह भारत में शिकायत अधिकारी को नियुक्त करने के अंतिम चरण में है। ट्विटर ने यह भी कहा था कि भारत में एक शिकायत अधिकारी की नियुक्ति को औपचारिक रूप देने के लिए कदम उठाए जाने से पहले ही अंतरिम शिकायत अधिकारी ने 21 जून को अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 31 मई को माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय देते हुए नोटिस जारी किया था। मामले की अगली सुनवाई के लिए छह जुलाई की तारीख तय की गई है।
गौरतलब है कि सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए 25 मई से नए आईटी नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं। जहां तक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का सवाल है, उनमें से कुछ ने अभी तक इन गाइडलाइंस का पालन नहीं किया है।
इससे पहले इस महीने की शुरुआत में सरकार ने ट्विटर को नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका देते हुए कहा था कि अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आइटी कानून के तहत मध्यस्थ मंच के नाते दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आइटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
नए नियमों के मुताबिक, 50 लाख से अधिक यूजर वाली सभी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए शिकायतों के निपटान के लिए अधिकारी की नियुक्ति करना अनिवार्य है। इसके अलावा इन अधिकारियों के नाम, पते और कॉन्टैक्ट डिटेल्स को भी शेयर करना होगा।
टैग्स सोशल मीडिया ट्विटर हाई कोर्ट सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय आईटी नियम एन समय बालन