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वॉट्सऐप का बड़ा खुलासा, लोकसभा चुनाव में इस तरह हुई पत्रकारों की जासूसी
फिलहाल वॉट्सऐप ने उन लोगों के नाम और सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है, जिनके फोन को ‘हाईजैक’ किया गया था
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
एक बेहद चौंकाने वाले खुलासे में वॉट्सऐप ने कथित तौर पर पुष्टि की है कि भारत में कई शिक्षाविदों, वकीलों, पत्रकारों और दलित कार्यकर्ताओं की जासूसी के लिए ‘पेगासस ’नामक इजरायली स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जासूसी 2019 के आम चुनावों के दौरान की गई।
‘पेगासस’ इजरायल के एनएसओ ग्रुप द्वारा साइबर जासूसी के लिए विकसित किया गया है। हालांकि, वॉट्सऐप ने उन लोगों के नाम और सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है, जिनके फोन को हाईजैक किया गया था। कंपनी ने यह दावा जरूर किया है कि उसने संबंधित उपयोगकर्ताओं से संपर्क करके उन्हें सूचित कर दिया था कि उनके हैंडसेट की निगरानी की जा रही थी।
यह खबर फेसबुक के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप द्वारा इजरायल स्थित कंपनी के खिलाफ अमेरिकी संघीय अदालत में मुकदमा दायर करने के कुछ ही दिनों बाद आई है। वॉट्सऐप ने आरोप लगाया है कि इजरायली समूह ने दुनिया भर में लगभग 1,400 वॉट्सऐप उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए ‘पेगासस’ स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया।
वॉट्सऐप ने अदालत को यह भी बताया कि ‘पेगासस’ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल आईओएस, एंड्रॉयड और ब्लैकबेरी ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले स्मार्टफोन को हाईजैक करने के लिए किया गया था। सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ने इस साल मई में अपने उपयोगकर्ताओं को ऐप को अपग्रेड करने के लिए कहा था, ताकि उस सुरक्षा संबंधी कमी को दूर किया जा सके जो ऐसे मेलवेयर को स्मार्टफोन में प्रवेश करने देती है, जिसका इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह दुर्भावनापूर्ण कोड 29 अप्रैल से 10 मई तक वॉट्सऐप सर्वर के माध्यम से प्रसारित किया गया।
बताया जाता है कि ‘पेगासस’ एनएसओ ग्रुप द्वारा बनाया गया एक वॉट्सऐप स्पाइवेयर है, जिसे हैंडसेट की जासूसी के लिए इस्तेमाल किया गया था। दावा किया गया है कि वॉट्सऐप पर मिस्ड विडियो कॉल से भी ‘पेगासस’ को उपयोगकर्ताओं के स्मार्टफोन तक पहुंच मिल सकती है। इतना ही नहीं, मिस्ड विडियो कॉल से ऑपरेटर स्मार्टफोन मालिक की जानकारी के बिना उसका फोन खोल सकता है और स्पाइवेयर इंस्टॉल कर सकता है।
पेगासस के चलते हैकर ने उपयोगकर्ता के पासवर्ड, संपर्क, कैलेंडर ईवेंट, टेक्स्ट संदेश और यहां तक कि मैसेजिंग ऐप्स पर वॉयस कॉल सहित सभी डेटा को एक्सेस किया। रिपोर्टों के अनुसार, एनएसओ समूह का दावा है कि उसने ‘पेगासस’ को केवल सरकारी एजेंसियों को बेचा है और यह मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों सहित किसी की जासूसी के लिए डिजायन नहीं किया गया है।
वॉट्सऐप द्वारा किए गए खुलासे के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल इस मामले पर संज्ञान लेते हुए सरकार को इस संबंध में जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया है।
Right to privacy is being blatantly attacked under BJP rule. When they failed to pass laws to snoop on citizens, the next step was to allow secret spying on Indians. The govt. must be held accountable for its actions. https://t.co/koxymQRMy9
— Congress (@INCIndia) October 31, 2019
वहीं, इस खुलासे के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि सरकार वॉट्सऐप के द्वारा नागरिकों की निजता के उल्लंघन को लेकर चिंतित है। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि सरकार ने इस मामले में वॉट्सऐप से जवाब मांगा है कि वह किस तरह की सुरक्षा देते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने सक्रियता दिखाते हुए वॉट्सऐप से जवाब मांगा है। वॉट्सऐप को जवाब देने के लिए चार नवंबर तक का समय दिया गया है।
रविशंकर द्वारा किए गए ट्वीट को आप यहां पढ़ सकते हैं।
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