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भ्रष्टाचार का आरोप त्यागपत्र से कैसे समाप्त हो जाएगा : हर्षवर्धन त्रिपाठी
उन्हें पहला विकल्प इस्तीफे का दिया गया है। अगर वे इस्तीफा देते हैं तो ठीक है, अन्यथा रिपोर्ट राष्ट्रपति को महाभियोग की सिफारिश के लिए भेजी जाएगी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के आवास से कैश बरामदगी के मामले में गठित सुप्रीम कोर्ट की इन-हाउस समिति ने उन पर लगे आरोपों को सही पाया है। समिति ने अपनी यह रिपोर्ट 4 मई को भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना को सौंपी गई थी। सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति वर्मा से इस्तीफा देने को कहा गया है।
इस बीच वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी का कहना है कि भ्रष्टाचार का आरोप त्यागपत्र से कैसे समाप्त हो जाएगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट कर लिखा, विद्वान लोग बता रहे हैं कि, जस्टिस यशवंत वर्मा त्यागपत्र दे देंगे त और कोई कार्रवाई नहीं होगी।
सवाल यह है कि, आरोप भ्रष्टाचार का है तो त्यागपत्र से कैसे समाप्त हो जाएगा। मुख्य न्यायाधीश को अब इस मामले में एफआईआर की स्वीकृति देनी चाहिए। यह देश की न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास का प्रश्न बन गया है।
आपको बता दें, उन्हें पहला विकल्प इस्तीफे का दिया गया है। अगर वे इस्तीफा देते हैं तो ठीक है, अन्यथा रिपोर्ट राष्ट्रपति को महाभियोग की सिफारिश के लिए भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि न्यायमूर्ति वर्मा को 9 मई, शुक्रवार तक जवाब देने का समय दिया गया है।
विद्वान लोग बता रहे हैं कि, जस्टिस यशवंत वर्मा त्यागपत्र दे देंगे त और कोई कार्रवाई नहीं होगी। सवाल यह है कि, आरोप भ्रष्टाचार का है तो त्यागपत्र से कैसे समाप्त हो जाएगा। मुख्य न्यायाधीश को अब इस मामले में #FIR की स्वीकृति देनी चाहिए। यह देश की न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास का…
— हर्ष वर्धन त्रिपाठी ??Harsh Vardhan Tripathi (@MediaHarshVT) May 8, 2025
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