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डिजिटल आज़ादी का मतलब अराजकता नहीं : राणा यशवंत
आईटी अधिनियम और आईटी नियम, 2021 की याद दिलाकर सरकार ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया कंपनियां कानून से ऊपर नहीं हैं। डिजिटल आज़ादी का मतलब डिजिटल अराजकता नहीं हो सकता।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को अश्लील, अभद्र और विशेष रूप से बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी गैरकानूनी कंटेंट को प्लेटफॉर्म पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार राणा यशवंत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट की और अपनी राय दी।
उन्होंने लिखा, केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को अश्लील, अभद्र और बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री हटाने की कड़ी चेतावनी दी है और आदेश न मानने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही है। यह चेतावनी समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है, क्योंकि आज सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर नग्नता, अश्लीलता और अभद्रता खुलेआम परोसी जा रही है।
जिस कंटेंट को कभी “सॉफ्ट पोर्न” कहा जाता था, वह अब बिना रोक-टोक रील, शॉर्ट्स और पोस्ट के रूप में आम लोग बना और फैला रहे हैं। एल्गोरिदम ऐसे कंटेंट को बढ़ावा दे रहे हैं और प्लेटफॉर्म्स मूकदर्शक बने हुए हैं। ऐसे माहौल में सरकार का सख्त रुख देर से सही, लेकिन बिल्कुल जरूरी कदम है।
आज देश में अधिकांश लोगों, खासकर बच्चों के हाथ में स्मार्टफोन है और ऐसे कंटेंट का उनके मन पर पड़ने वाला असर गंभीर है। कम उम्र में अश्लील सामग्री देखने से बच्चों की सोच विकृत हो रही है, रिश्तों को देखने का नजरिया बदल रहा है और समाज में असंवेदनशीलता बढ़ रही है।
यह केवल नैतिकता नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक संतुलन और भविष्य की पीढ़ी का सवाल है। आईटी अधिनियम और आईटी नियम, 2021 की याद दिलाकर सरकार ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया कंपनियां कानून से ऊपर नहीं हैं। डिजिटल आज़ादी का मतलब डिजिटल अराजकता नहीं हो सकता।
अगर अभी लगाम नहीं लगी, तो आने वाली पीढ़ियां इसका खामियाज़ा भुगतेंगी। आपको बता दें, मंत्रालय के अनुसार, कई मामलों में कंपनियां लापरवाही बरत रही हैं, जो कानून का उल्लंघन है। चेतावनी में यह भी कहा गया है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ आईटी अधिनियम और अन्य आपराधिक कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को अश्लील, अभद्र और बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री हटाने की कड़ी चेतावनी दी है. आदेश न मानने पर कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है. सरकार की ये चेतावनी समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है. आज सोशल मीडिया जिस दिशा में जा रहा है, वहां अभिव्यक्ति की… pic.twitter.com/JMLDNbLY47
— Rana Yashwant (@RanaYashwant1) December 30, 2025
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