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दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रणय-राधिका रॉय को राहत दी, आयकर नोटिस रद्द
दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय और राधिका रॉय को बड़ी राहत देते हुए 2016 का आयकर री-असेसमेंट नोटिस रद्द कर दिया और विभाग पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय और राधिका रॉय के पक्ष में अहम फैसला सुनाया। अदालत ने वर्ष 2016 में जारी किए गए आयकर पुनर्मूल्यांकन (री-असेसमेंट) नोटिस को रद्द कर दिया और आयकर विभाग पर कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को 1–1 लाख रुपये की राशि दी जाए।
न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और न्यायमूर्ति विनोद कुमार की खंडपीठ ने कहा कि लगभग उसी मुद्दे पर दूसरी बार पुनर्मूल्यांकन की कार्यवाही शुरू करना न केवल मनमाना था, बल्कि यह अधिकार क्षेत्र से भी बाहर था। पीठ ने टिप्पणी की कि यह कदम आयकर कानून के प्रावधानों और न्यायिक प्रक्रिया के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है।
कोर्ट ने 31 मार्च 2016 को जारी नोटिस के साथ-साथ उसके बाद पारित सभी आदेशों और कार्यवाहियों को भी रद्द कर दिया। यह नोटिस आकलन वर्ष 2009–10 से जुड़ा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि रॉय दंपत्ति को आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड से ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त हुआ था।
उस समय दोनों आरआरपीआर के निदेशक और शेयरधारक थे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इसी मामले में पहली बार पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई थी और 2013 में समाप्त हो गई थी, जिसमें किसी अतिरिक्त कर देयता की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद एक शिकायत के आधार पर 2016 में दोबारा नोटिस जारी किया गया, जिसे हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया।
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