होम / सोशल मीडिया / टीवी पत्रकारों के ICU भ्रमण पर बरखा दत्त ने किया ये ट्वीट, मिला लोगों का समर्थन
टीवी पत्रकारों के ICU भ्रमण पर बरखा दत्त ने किया ये ट्वीट, मिला लोगों का समर्थन
क्या पत्रकारों की फौज अस्पताल का काम बढ़ा नहीं रही है?
नीरज नैयर 6 years ago
बिहार इस वक़्त चर्चा के केंद्र में है। राज्य के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार से अब तक 100 से ज्यादा बच्चों की जान जा चुकी है। लिहाजा मुजफ्फरपुर का वह श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कालेज अस्पताल मीडिया सेंटर बन गया है, जहां बीमार बच्चों का इलाज चल रहा है। हर पत्रकार कुछ एक्सक्लूसिव दिखाने की चाह में मरीजों से लेकर डॉक्टरों तक से सवाल-जवाब कर रहा है, यह सोचे बगैर कि इससे अस्पताल का कामकाज ही प्रभावित होगा। टीवी चैनलों के पत्रकार, कैमरामैन के साथ अस्पताल के हर कोने को स्कैन कर रहे हैं। मीडिया के इस अति उतावलेपन से अस्पताल प्रशासन नाराज़ है, लेकिन मीडिया को रोकने की हिम्मत कौन कर सकता है। इसमें कोई दोराय नहीं है कि श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कालेज अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार है और शायद यही वजह है कि बीमार बच्चे ठीक होने के बजाये दम तोड़ रहे हैं, लेकिन क्या पहले से हैरान-परेशान परिवार और डॉक्टरों के मुंह पर माइक लगाकर उन्हें सवाल-जवाब में उलझाना जायज है? क्या पत्रकारों की फौज अस्पताल का काम बढ़ा नहीं रही है?
इस मसले पर बाकी पत्रकारों की राय भले ही कुछ भी हो, लेकिन बरखा दत्त का मानना है कि अस्पताल में इस तरह मीडिया के जमावड़े से हालात सुधरने के बजाये बिगड़ेंगे। पत्रकारों के इस रुख पर बरखा ने ट्वीट के माध्यम से नाराज़गी जताई है। उन्होंने लिखा है ‘अस्पताल, उपचार क्षेत्र और यहां तक की आईसीयू में आई पत्रकारों की बाढ़ वास्तव में असहज करने वाली है। बच्चे मर रहे हैं और पत्रकार आक्रामकता के साथ खुद को दूसरे से बेहतर साबित करने में लगे हैं। ये पत्रकार पहले से ही काम के बोझ तले दबे डॉक्टरों की परेशानियाँ ही बढ़ा रहे हैं। स्टोरी बताने का एक बेहतर तरीका भी होता है’।
बरखा के इस ट्वीट को सोशल मीडिया यूजर्स का अच्छा समर्थन मिल रहा है। अधिकांश का मानना है कि ऐसे वक़्त में डॉक्टरों को उनका काम करने देना चाहिए। तनुप्रिया नामक एक यूजर ने लिखा है ‘मैं बरखा से सहमत हूं, इस समय चूहा दौड़ यानी प्रतिस्पर्धा की ज़रूरत नहीं है। एक्सक्लूसिव न्यूज़ के नाम पर अस्पताल में सर्कस करने से अच्छा है कि केवल ज़िम्मेदार लोगों से सवाल पूछे जाएं।’
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते से टीवी9 भारतवर्ष के कंसल्टिंग एडिटर अजीत अंजुम वहां डेरा डाले हुए है और लगातार स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। मंगलवार को आजतक की स्टार रिपोर्टर अंजना ओम कश्यप भी मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंची थीं और उन्होंने जनरल वार्ड के बीचों-बीच खड़े होकर राज्य सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने दाखिल बच्चों और उनके परिजनों को बार-बार कैमरे पर दिखाया, इतना ही नहीं उन्होंने अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर से भी तीखे सवाल किये। यह सिलसिला कई मिनटों तक चला, फिर चैनल पर ब्रेक हो गया और ब्रेक पर जाने से पहले अंजना डॉक्टर से यह कहना नहीं भूलीं कि आप कहीं जाइएगा नहीं, अभी आपसे और कई सवाल पूछने हैं। यानी जब तक ब्रेक ख़त्म नहीं हो गया, डॉक्टर बाकी सभी काम छोड़कर अंजना के सवालों के जवाब देने के लिए वहीं खड़े रहे। मीडिया के इसी रुख पर बरखा दत्ता और सोशल मीडिया यूजर्स नाराज़गी जता रहे हैं।
टैग्स मुजफ्फरपुर बरखा दत्त बच्चों की मौत