मीडिया का उद्देश्य जनसरोकार हो निजी स्वार्थ नहीं: आलोक श्रीवास्तव

महज़ दो दशक पहले तक अख़बार या न्यूज़ चैनल शुरू करने का विचार वही व्यक्ति करता था, जिसे पत्रकारिता, समाज, समय और साहित्य की गहरी समझ और सरोकारों की सच्ची चिंता होती थी।

Last Modified:
Saturday, 28 February, 2026
aalokshrivastav


बीते समय की स्मृतियों में झाँकें तो पत्रकारिता केवल समाचारों का व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज की धड़कनों को शब्द देने का एक गंभीर दायित्व हुआ करती थी। उसमे...
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