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‘कठघरे’ में आया ‘आप की अदालत’, तो इन पत्रकारों ने दिया करारा जवाब
‘इंडिया टीवी’ के चर्चित शो ‘आप की अदालत’ को कठघरे में खड़ा करके सोशल मीडिया पर उसके बहिष्कार का अभियान चलाया जा रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
‘इंडिया टीवी’ के चर्चित शो ‘आप की अदालत’ को कठघरे में खड़ा करके सोशल मीडिया पर उसके बहिष्कार का अभियान चलाया जा रहा है। ट्विटर पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंडिंग में बना हुआ है और लोग वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘इंडिया टीवी’ के एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के समर्थन और विरोध में अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
इस अभियान की शुरुआत ‘आप की अदालत’ के 15 फरवरी के एपिसोड के बाद हुई, जिसमें आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर को बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया था। इस दौरान रजत शर्मा ने कई तीखे सवाल पूछे, खासकर आसाराम बापू से जुड़ा उनका सवाल उनके भक्तों को पसंद नहीं आया और उन्होंने रजत शर्मा और उनके चैनल को हिंदू विरोधी ही करार दे डाला। करीब 30 वर्षों से रजत शर्मा ‘आप की अदालत’ होस्ट करते आ रहे हैं और संभवतः यह पहला मौका है जब उन पर इस तरह के आरोप लगे हैं।
‘इंडिया टीवी’ के एडिटर-इन-चीफ ने श्रीश्री से शाहीन बाग, सीरिया, राम मंदिर और यमुना नदी के किनारे आयोजित ‘विश्व संस्कृति समारोह‘ को लेकर उनकी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाये गए 15 करोड़ के जुर्माने के बारे में पूछा। साथ ही उन्होंने आसाराम बापू का जिक्र करते हुए पूछा कि कैसे इस तरह का व्यक्ति स्व-घोषित भगवान बन सकता है और लाखों अनुयायी उसकी पूजा करते हैं?
शर्मा ने यह भी कहा कि आसाराम वास्तव में धर्म की आड़ में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे थे। अपने अवैध हितों के लिए उन्होंने कई शहरों में आश्रमों का निर्माण करने के लिए जबरन भूमि प्राप्त की थी। इसके जवाब में श्रीश्री ने कहा, ‘ऐसे व्यक्ति न 'संत' (देवता) हैं, न ही ज्ञानी (बुद्धिमान व्यक्ति), और न ही धार्मिक हैं। यदि संत के वेश में कोई अपराध करता है, तो उसकी सजा आम आदमी की तुलना में दोगुनी होनी चाहिए’। रजत शर्मा के सवाल और श्रीश्री का जवाब सुनते ही आसाराम बापू के समर्थक आग बबूला हो गए और ट्विटर पर #BoycottAapkiAdalatShow ट्रेंड करने लगा।
Media should be fair but India TV is biased. 'India TV' is anti Hindu saint, there should be immediate boycott of such corrupt TV channel and its license should be canceled.#AntiHinduRajatSharma#BoycottAapkiAdalatShowpic.twitter.com/BWcHN51TNE
— CA Deepanshu Goel (@CA_Deepanshu_G) February 19, 2020
हालांकि, रजत शर्मा को यूं घिरता देख उनके समर्थन में भी लोग सामने आये, जिसमें कई पत्रकार भी शामिल हैं। ट्विटर पर #IStandWithRajatSharma भी ट्रेंड कर रहा है। ‘इंडिया टीवी’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर सुशांत सिन्हा ने रजत शर्मा को हिंदू-विरोधी करार देने वालों को जमकर निशाने पर लिया। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किये हैं। अपने एक ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ‘आसाराम के बारे में सवाल पूछने से कोई पत्रकार हिन्दू विरोधी नहीं हो जाता’।
इसी तरह चैनल की एंकर मीनाक्षी जोशी ने भी हमलावरों पर पलटवार किया है। वहीं, इंडिया टीवी के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर सौरव शर्मा ने लिखा है, ‘रजत जी को लगभग दो दशक से नजदीक से काम करते हुए देखा है और सीखा है। जो भी उनके सामने आया, उससे तीखे से तीखे सवाल पूछे, लेकिन कभी किसी का धर्म नही देखा। हां, सम्मान हर धर्म का करते जरूर देखा। जो लोग उन्हें धर्म के चश्मे से देखना चाह रहे हैं उन पर तरस आता है’।
रजत जी को लगभग दो दशक से नज़दीक से काम करते हुए देखा है और सीखा है। जो भी उनके सामने आया उस से तीखे से तीखे सवाल पूछे, लेकिन कभी किसी का धर्म नही देखा। हाँ सम्मान हर धर्म का करते ज़रूर देखा। जो लोग उन्हें धर्म के चश्मे से देखना चाह रहे हैं उन पर तरस आता है। #IstandWithRajatSharma
— Saurav Sharma (@journosaurav) February 19, 2020
इसी तरह वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, उन्होंने ट्वीट किया है ‘हैरान हुई कि ट्विटर पर रजत शर्मा को #AntiHindu बता कर उनके शो को बॉयकॉट की बात की जा रही है। 26 साल से रजत जी को जानता हूं। आपके लाख मतभेद हों उनसे पर जब वो अदालत में सवाल पूछते हैं तो वो किसी को नहीं छोड़ते’।
हैरान हुई कि ट्विटर पर @RajatSharmaLive को #AntiHindu बता कर उनके शो को बॉयकॉट की बात की जा रही है।26 साल से रजत जी को जानता हूँ।Professionnelly भी और personally भी।
— Vinod Kapri (@vinodkapri) February 19, 2020
आपके लाख मतभेद हों उनसे पर जब वो अदालत में सवाल पूछते हैं तो वो किसी को नहीं छोड़ते।1/5 #IStandWithRajatSharma
आप की अदालत के इस पूरे शो को आप यहां देख सकते हैं।
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